Muzaffarnagar train accident की यह खबर जिले के लिए एक ही दिन में दुख और भावनाओं का सैलाब लेकर आई। जहां एक ओर रेलवे ट्रैक पर दो अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में दो युवकों की दर्दनाक मौत से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया, वहीं दूसरी ओर शहर के प्रमुख चौराहे पर अमर शहीद लाला लाजपत राय की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता की भावना भी देखने को मिली। यह दिन मुजफ्फरनगर के लिए शोक और संकल्प—दोनों का प्रतीक बन गया।


🔴 रोहाना रेलवे स्टेशन के पास दर्दनाक हादसा, खेतों में काम कर रहे किसानों ने दी सूचना

Muzaffarnagar train accident का पहला मामला रोहाना रेलवे स्टेशन के समीप डांडी अंडरपास के पास सामने आया। शाम के समय अचानक तेज रफ्तार से गुजर रही ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने जब रेलवे लाइन के पास शव पड़ा देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही रोहाना चौकी प्रभारी मोहित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ एसआई बच्चन सिंह, कांस्टेबल राजू कुमार, रहीस खान और राजेंद्र भी मौजूद थे। पुलिस ने रेलवे लाइन से शव को हटवाकर अपने कब्जे में लिया और मोर्चरी भिजवाया, ताकि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा सके।


🔴 मृतक की पहचान, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

पुलिस जांच के दौरान मृतक की पहचान रोहाना खुर्द निवासी 30 वर्षीय नितेश उर्फ कालू पुत्र संजय सैनी के रूप में हुई। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल और मोर्चरी की ओर दौड़ पड़े।

Muzaffarnagar train accident की इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। ग्रामीणों का कहना है कि नितेश मेहनती युवक था और अपने परिवार का सहारा था। उसकी अचानक हुई मौत से न केवल परिवार बल्कि पूरा मोहल्ला गहरे सदमे में है।


🔴 सरवट फाटक पर दूसरा हादसा, नई मंडी थाना क्षेत्र में मची अफरा-तफरी

इसी दिन जिले के दूसरे हिस्से में एक और हादसे ने सभी को चौंका दिया। नई मंडी थाना क्षेत्र के सरवट फाटक के पास ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। यह खबर फैलते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर मौके पर इकट्ठा हो गए।

पुलिस जब मौके पर पहुंची तो शव की पहचान नसीरपुर निवासी युवक आसिफ के रूप में हुई। जैसे ही पुलिस ने परिजनों को सूचना दी, घर में मातम पसर गया। परिजन और रिश्तेदार कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंच गए।


🔴 पुलिस की कार्रवाई, पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी

नई मंडी पुलिस ने मौके पर भीड़ की मौजूदगी में पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसे के पीछे क्या कारण रहे—लापरवाही, जल्दबाजी या कोई तकनीकी चूक।

Muzaffarnagar train accident के इन दो मामलों ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फाटकों और अंडरपास के आसपास चेतावनी संकेत और सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं।


🔴 रेलवे ट्रैक और स्थानीय जीवन, रोजमर्रा के खतरे

मुजफ्फरनगर जैसे कृषि प्रधान जिले में रेलवे लाइनें कई गांवों और खेतों के बीच से गुजरती हैं। किसान, मजदूर और स्थानीय लोग अक्सर ट्रैक के आसपास से आवाजाही करते हैं। ऐसे में ट्रेन हादसों की आशंका हमेशा बनी रहती है।

Muzaffarnagar train accident की इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन को अंडरपास, फाटकों और ट्रैक के पास सुरक्षा बढ़ानी चाहिए। जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए ताकि लोग जोखिम भरे रास्तों से दूर रहें।


🔴 शोक के बीच शहर में गूंजा राष्ट्रप्रेम, लाला लाजपत राय जयंती पर आयोजन

जहां एक ओर जिले में हादसों के कारण शोक का माहौल था, वहीं दूसरी ओर शहर के लाला लाजपतराय चैक पर अमर शहीद महान स्वतंत्रता सेनानी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की जयंती पूरे उत्साह के साथ मनाई गई।

वैश्य अग्रवाल महासभा मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव बंसल ने बताया कि कार्यक्रम में उनकी कांस्य प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष सुनील सिंघल ने की और संचालन महामंत्री नवनीत कुच्छल द्वारा किया गया।


🔴 नेताओं और समाजसेवियों ने किया संबोधन

नगर पालिका परिषद की पूर्व चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने कहा कि लाला लाजपत राय केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं बल्कि एक महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने साइमन कमीशन के विरोध में लाठीचार्ज के दौरान जो अदम्य साहस दिखाया, वह आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है।

मुजफ्फरनगर के अग्रणी उद्योगपति सतीश गोयल और वरिष्ठ व्यापारी नेता संजय मित्तल ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि लाला लाजपत राय का नाम सुनते ही देशभक्ति की भावना जाग उठती है। ऐसे क्रांतिकारी को बार-बार नमन करना हर नागरिक का कर्तव्य है।


🔴 लाला लाजपत राय के विचारों पर प्रकाश

सभा के अध्यक्ष सुनील सिंघल और संरक्षक विजय गुप्ता ने लाला लाजपत राय के जीवन और उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। महामंत्री नवनीत कुच्छल ने उनके ऐतिहासिक शब्दों को याद करते हुए कहा कि “मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश सरकार के ताबूत में एक-एक कील का काम करेगी” जैसे विचारों ने क्रांतिकारियों में जोश भर दिया था।

उन्होंने यह भी बताया कि लाला लाजपत राय ने दयानंद एंग्लो-वैदिक स्कूलों के प्रसार में अहम भूमिका निभाई और पंजाब नेशनल बैंक की स्थापना में भी योगदान दिया।


🔴 समाज की एकजुटता और श्रद्धांजलि

कार्यक्रम में गोपाल मित्तल, राकेश तायल, अशोक अग्रवाल, धर्मेंद्र तायल, प्रदीप गर्ग, समीर मित्तल, मनीष गर्ग, अजय गुप्ता, प्रदीप गोयल सहित सैकड़ों वैश्य बंधुओं ने अपने विचार रखे। सभी ने लाला लाजपत राय के राष्ट्रप्रेम और सामाजिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।


🔴 दुख और प्रेरणा का संगम बना दिन

Muzaffarnagar train accident की खबरों ने जहां लोगों के दिलों में दर्द और चिंता भर दी, वहीं लाला लाजपत राय जयंती के कार्यक्रम ने समाज को एकता और राष्ट्रप्रेम की याद दिलाई। यह दिन जिले के लिए एक ऐसा अवसर बन गया, जहां एक ओर लोग अपने खोए हुए युवकों को याद कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर स्वतंत्रता संग्राम के नायकों से प्रेरणा ले रहे थे।


मुजफ्फरनगर में हुए इन ट्रेन हादसों ने रेलवे सुरक्षा और नागरिक सतर्कता की जरूरत को एक बार फिर सामने रखा है, जबकि लाला लाजपत राय जयंती पर हुए आयोजन ने यह संदेश दिया कि दुख के क्षणों में भी समाज को एकजुट होकर अपने मूल्यों और इतिहास से प्रेरणा लेनी चाहिए। शोक और संकल्प का यह संगम जिले के लिए एक मजबूत सामाजिक चेतना का प्रतीक बनकर उभरा है।

 



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