Muzaffarnagar के खतौली थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पक्षों के बीच हुई गोलीबारी में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र सहारनपुर और अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन मेरठ के निर्देशन में की गई। पुलिस टीम ने पूरी तत्परता से इस घटनाक्रम को संभालते हुए अपराधियों को गिरफ्तार किया और इलाके में शांति कायम की।
घटना का विवरण और पुलिस की तत्परता
यह घटना 05 नवम्बर 2025 की रात की है, जब थाना खतौली पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम भूड़ में दो पक्षों के बीच मारपीट हो रही है और अवैध शस्त्रों से फायरिंग की जा रही है। सूचना मिलते ही थाना खतौली पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल था और लोग घबराए हुए थे।
फायरिंग रोकने की चेतावनी पर पुलिस का साहसिक कदम
पुलिस ने तत्काल फायरिंग रोकने के लिए चेतावनी दी, लेकिन दोनों पक्षों ने आपसी रंजिश के कारण फायरिंग जारी रखी। इस पर पुलिस टीम ने साहस का परिचय देते हुए मौके पर घेराबंदी की और दोनों पक्षों के अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि प्रथम पक्ष के आरोपी रोहित पुत्र निर्भय निवासी मोहल्ला अद्वैत विहार थाना खतौली और द्वितीय पक्ष के आरोपी अंकुर पुत्र दिनेश निवासी मोहल्ला गीतापुरी भूड़ कस्बा को अवैध शस्त्रों सहित पकड़ा। इस दौरान अन्य अभियुक्त मौके से फरार हो गए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक टीम गठित की और छापेमारी शुरू कर दी।
गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में पुरानी रंजिश का खुलासा
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में गिरफ्तार किए गए अपराधियों ने बताया कि उन्होंने पुरानी रंजिश के चलते एक-दूसरे पर फायरिंग की थी। इन आरोपियों ने माना कि उनका आपसी विवाद लंबे समय से चल रहा था और इसने हिंसा का रूप ले लिया। पुलिस ने आरोपियों से अवैध शस्त्र भी बरामद किए हैं, जो उन्होंने कानून का उल्लंघन करते हुए अपने हाथ में रखे थे।
पुलिस टीम की साहसिक कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया
इस ऑपरेशन में थाना खतौली की पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें प्रभारी निरीक्षक दिनेश चन्द्र, उप निरीक्षक तेजवीर सिंह, प्रजाप सिंह सोलंकी, नंदकिशोर शर्मा, उप निरीक्षक राजवीर तेवतिया, आकाश शर्मा, आरिफ अली, धमेन्द्र श्यौराण, और है.का. धनेश कुमार शामिल थे। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि अपराधी पकड़ में आए और घटना के बाद इलाके में कोई अनहोनी न हो।
फरार अपराधियों की गिरफ्तारी की दिशा में कार्रवाई
पुलिस द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार, अन्य अभियुक्तगण मौके से फरार हो गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी है और एक विशेष टीम गठित की गई है, जो इन अपराधियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति या गवाह इस मामले से संबंधित जानकारी प्रदान करना चाहता है, वह आगे आकर पुलिस से संपर्क कर सकता है।
साक्ष्य और गवाहों की मदद से जांच प्रक्रिया का विस्तार
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास घटना से संबंधित कोई जानकारी, साक्ष्य या गवाह है, तो वह पुलिस को सूचित करे। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले सभी तथ्यों की गहराई से जांच की जाएगी।
जिला प्रशासन की सक्रियता और पुलिस का काम
मुजफ्फरनगर के प्रशासन और पुलिस दोनों ने मिलकर इस घटना को संभालने में सफलता पाई है। प्रशासन ने भी इस मामले में अपने कदम बढ़ाते हुए निष्पक्ष जांच की बात की है। पुलिस की तत्परता और कड़ी कार्रवाई से इलाके में शांति बहाल हुई है और इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने का संदेश भी दिया गया है।
समाज में अपराध और कानून का डर
यह घटना समाज में अपराधियों को कानून का डर दिलाने वाली है। पुलिस द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई ने यह साबित किया कि अपराधियों के लिए कोई भी जगह नहीं है, और वे चाहे कितनी भी कोशिश करें, पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
मुजफ्फरनगर पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि जब भी अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते हैं, तो समाज में कानून और व्यवस्था का सम्मान बढ़ता है। पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है और उन्हें कानून का सामना करना होगा। सभी नागरिकों से अपील है कि वे पुलिस को सहयोग दें और ऐसे अपराधों के खिलाफ आवाज उठाएं, ताकि समाज में शांति और सद्भाव बना रहे।
