मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar ।जिले के दूधली गांव (चरथावल) स्थित गोगा म्हाड़ी मंदिर में चल रहे वार्षिक मेले का प्रशासनिक स्तर पर विशेष निरीक्षण किया गया। एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर मेले की समस्त तैयारियों की गहन समीक्षा की। यह मेला 26 अगस्त 2025 तक चलेगा, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और आगंतुकों के शामिल होने की संभावना है।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर ने साफ तौर पर कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार चौकसी बरतेंगी। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाने, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता पर खास ध्यान दिया गया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस द्वारा यातायात प्रबंधन की विशेष योजना भी बनाई गई है, ताकि किसी प्रकार का जाम न लगे और लोग आसानी से आ-जा सकें।
साफ-सफाई और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था
मेले के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त दिखा। नगर पंचायत की सफाई टीमों को लगातार ड्यूटी पर लगाया गया है। जगह-जगह डस्टबिन लगाए जा रहे हैं और कचरा निस्तारण के लिए अलग से टीमें तैनात हैं। श्रद्धालुओं के लिए साफ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। एसडीएम ने पानी के टैंकर, हैंडपंप और नलकूप की भी जांच की।
विद्युत और चिकित्सा सुविधाओं की तैयारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। यूपी पावर कॉर्पोरेशन की टीमें चौबीसों घंटे अलर्ट रहेंगी। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और बच्चों के लिए अस्थायी स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाएंगे, जिसमें डॉक्टर और नर्स की टीम लगातार उपलब्ध रहेगी।
मेले की सांस्कृतिक और धार्मिक छटा
गोगा म्हाड़ी मंदिर का यह मेला धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। यहां दूर-दराज के इलाकों से श्रद्धालु आते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकगीत, नृत्य और अन्य पारंपरिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं।
व्यापारियों और दुकानदारों की चहल-पहल
मेले में न सिर्फ धार्मिक आस्था का महत्व है, बल्कि यह स्थानीय व्यापार और छोटे दुकानदारों के लिए भी अवसर लेकर आता है। खिलौनों, मिठाइयों, झूलों और खाने-पीने की दुकानों पर चहल-पहल देखने को मिल रही है। प्रशासन ने दुकानदारों को स्वच्छता और उचित दाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों की सक्रियता और सख्त निर्देश
एसडीएम प्रवीण द्विवेदी ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आदेश दिया गया है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
लोगों की उमंग और उल्लास
गांव के बुजुर्गों के अनुसार, गोगा म्हाड़ी का यह मेला वर्षों से क्षेत्र की पहचान रहा है। यह न केवल धार्मिक उत्सव है बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक भी है। स्थानीय लोग इस मेले का इंतजार पूरे साल करते हैं और श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक होता है।
मुजफ्फरनगर दुधली मेले का स्थलीय निरीक्षण प्रशासन की गंभीरता और श्रद्धालुओं की सुविधा को दर्शाता है। सुरक्षा से लेकर साफ-सफाई और चिकित्सा सेवाओं तक, हर पहलू पर प्रशासन की नजर है। उम्मीद है कि यह मेला शांति, सौहार्द और उल्लास के साथ सम्पन्न होगा और हजारों श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा।