Muzaffarnagar के शाहपुर इलाके में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई ने अपराध की दुनिया में खलबली मचा दी है। थाना शाहपुर, थाना मंसूरपुर और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) की संयुक्त टीम ने एक बड़ी पुलिस मुठभेड़ के दौरान डकैती और लूट के मामलों में वांछित आठ शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस मुठभेड़ में चार अपराधी घायल हुए, जबकि पुलिस ने मौके से अवैध हथियार, नकदी और लूटे गए आभूषण सहित कई सामान बरामद किए।

कैसे हुआ गिरोह का पर्दाफाश?

दिनांक 9 और 10 दिसंबर की रात पुलिस को एक महत्वपूर्ण सूचना मिली। मुखबिर ने जानकारी दी कि तावली-लच्छेड़ा मार्ग पर जंगल में कुछ बदमाश बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी की। जैसे ही बदमाशों को पुलिस की उपस्थिति का पता चला, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बदमाशों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने गोलीबारी जारी रखी।

मुठभेड़ में घायल हुए चार बदमाश

पुलिस की जवाबी फायरिंग में चार अपराधी घायल हुए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी चार अपराधियों को जंगल में की गई कांबिंग के दौरान दबोचा गया। गिरफ्तार किए गए बदमाशों से 8 अवैध तमंचे, 8 जिंदा कारतूस, सफेद और पीली धातु के गहने, 23,500 रुपये नकद, और एक पिकअप वाहन बरामद हुआ।

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान

गिरफ्तार किए गए अपराधियों में मुन्तयाज, सदमान, मोहित कश्यप उर्फ सोनू, देवेंद्र, ताहिर, संदीप, बंटी और रोहित शामिल हैं। इनके पास से बरामद लूट का सामान और दस्तावेज इनके गिरोह के संगठित नेटवर्क का संकेत देते हैं। प्रारंभिक पूछताछ में अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं, जो दिन में घरों की रेकी करता है और रात में वारदातों को अंजाम देता है।

### अपराधियों का तरीका और कुबूलनामा
गिरफ्तार अपराधियों ने बताया कि वे गांव और कस्बों के बाहर स्थित घरों को निशाना बनाते थे। इन घरों में परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर लूट और डकैती की जाती थी। लूटे गए सामान को वे पिकअप गाड़ी में लादकर फरार हो जाते थे। अपराधियों ने मुजफ्फरनगर के अलावा हरिद्वार के खानपुर इलाके में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है।

### पुलिस टीम को बड़ी कामयाबी
पुलिस टीम ने मुठभेड़ के बाद गिरोह के 8 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से बड़ी मात्रा में लूट का सामान बरामद किया। पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने इस सफलता पर पुलिस टीम को 25,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।

### अपराधियों का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार अपराधी शातिर लुटेरे हैं, जिनका पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। इनके गैंग का संचालन विनोदपाल उर्फ विनोद गड़रिया करता है, जो अब फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

### लूट की घटनाएं जिनका हुआ खुलासा

  1. शाहपुर थाना क्षेत्र के आदमपुर गांव में एक परिवार को बंधक बनाकर डकैती।
  2. मंसूरपुर, नई मंडी और कोतवाली नगर क्षेत्र में लूट की घटनाएं।
  3. हरिद्वार के खानपुर क्षेत्र में डकैती।

### बरामद सामान की सूची

  • 8 अवैध तमंचे और 8 जिंदा कारतूस
  • सफेद धातु के सिक्के और पाजेब
  • पीली धातु के कंगन, अंगूठी, कुंडल
  • 23,500 रुपये नकद
  • एक महिंद्रा पिकअप वाहन
  • होम थिएटर और अन्य घरेलू सामान

### पुलिस टीम का योगदान
इस ऑपरेशन में थानाध्यक्ष दीपक चौधरी, एसओजी प्रभारी सुभाष अत्री, निरीक्षक मिथुन दीक्षित और उनकी टीम ने उत्कृष्ट कार्य किया। इस कार्रवाई ने जिले में अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं।

### भविष्य की कार्रवाई
पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है। इसके अलावा, गिरफ्तार अपराधियों के आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है ताकि अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता का पता लगाया जा सके।


मुजफ्फरनगर पुलिस की यह कार्रवाई अपराध पर नकेल कसने की दिशा में एक बड़ी सफलता है। यह अभियान समाज को अपराध मुक्त बनाने के लिए पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पुलिस का यह ऑपरेशन न केवल जिले बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक संदेश है कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।



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