Muzaffarnagar Police Inspection के तहत अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की गुणवत्ता को परखने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अपराध कार्यालय परिसर का व्यापक वार्षिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में अपराध से जुड़ी लगभग सभी महत्वपूर्ण शाखाओं, साइबर क्राइम थाना और मानव तस्करी निरोधक थाना (एएचटी) की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा गया।

यह निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लंबित मामलों, अभिलेखों की स्थिति, कार्य संस्कृति और आपसी समन्वय जैसे अहम पहलुओं पर सख्त समीक्षा की गई।


🔴 अपराध कार्यालय की प्रमुख शाखाओं की गहन जांच

Muzaffarnagar Police Inspection के दौरान एसएसपी ने पुलिस अधीक्षक अपराध कार्यालय परिसर में स्थित डीसीआरबी, नारकोटिक्स सेल, अपराध शाखा, क्राइम ब्रांच, नफीस सेल सहित अन्य सभी शाखाओं का निरीक्षण किया। प्रत्येक शाखा के अभिलेख, केस डायरी, रजिस्टर और रिपोर्टिंग सिस्टम की जांच की गई।

एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी रिकॉर्ड अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रखे जाएं।


🔴 लंबित विवेचनाओं पर सख्त रुख

निरीक्षण के दौरान अपराध से संबंधित लंबित विवेचनाओं की स्थिति की विशेष समीक्षा की गई। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का शीघ्र, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विवेचनाओं में गुणवत्ता के साथ-साथ समयबद्धता भी अत्यंत आवश्यक है, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।

Muzaffarnagar Police Inspection में यह संदेश साफ था कि केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि ठोस परिणामों के आधार पर कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा।


🔴 साइबर क्राइम थाना और एएचटी का वार्षिक निरीक्षण

एसएसपी द्वारा थाना साइबर क्राइम और थाना एएचटी का भी वार्षिक निरीक्षण किया गया। साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्होंने डिजिटल साक्ष्यों के संग्रह, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई पर विशेष जोर दिया।

मानव तस्करी से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका केवल कानूनी नहीं, बल्कि मानवीय भी होती है।


🔴 अपराधियों पर प्रभावी और ठोस कार्रवाई के निर्देश

Muzaffarnagar Police Inspection के दौरान एसएसपी ने अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी, ठोस और कानूनसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध, नशा तस्करी और साइबर फ्रॉड जैसे मामलों में विशेष सतर्कता और रणनीतिक कार्रवाई की आवश्यकता है।

साथ ही, सूचना संकलन और विश्लेषण की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करने पर बल दिया गया।


🔴 शाखाओं के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने सभी शाखाओं को आपसी समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण तभी प्रभावी हो सकता है जब विभिन्न शाखाएं सूचनाएं साझा करें और सामूहिक रूप से कार्य करें।

Muzaffarnagar Police Inspection में यह भी स्पष्ट किया गया कि तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए डेटा आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।


🔴 पारदर्शिता और उत्तरदायित्व का संदेश

निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने कार्यों में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, त्वरित प्रतिक्रिया और ईमानदार कार्यशैली ही पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करती है।

उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि जनसामान्य की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।


🔴 वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

Muzaffarnagar Police Inspection के दौरान पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ सहित पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी शाखाओं के प्रभारी अधिकारियों ने अपनी-अपनी कार्यप्रणाली और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।


🔴 जिले की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम

इस वार्षिक निरीक्षण को जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस विभाग के भीतर जवाबदेही तय करने और कार्य संस्कृति में सुधार लाने के लिए ऐसे निरीक्षणों को आवश्यक बताया गया।


मुजफ्फरनगर पुलिस का यह वार्षिक निरीक्षण साफ संकेत देता है कि अपराध नियंत्रण में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। साइबर क्राइम से लेकर संगठित अपराध तक, हर मोर्चे पर सख्ती और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने का यह संदेश जिले की पुलिसिंग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

 



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