Muzaffarnagar। पुलिस सेवा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानने वाले पुलिसकर्मी जब सेवानिवृत्ति की दहलीज पर पहुंचते हैं, तो विभाग की ओर से उन्हें सम्मान और भावुक विदाई दी जाती है। ऐसा ही नजारा मुज़फ्फरनगर रिजर्व पुलिस लाइन सभागार कक्ष में देखने को मिला, जहां पुलिस अधीक्षक यातायात श्री अतुल कुमार चौबे की अध्यक्षता में विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
विदाई का सम्मान – पुष्पमाला और स्मृति चिन्ह
समारोह के दौरान सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी उपनिरीक्षक नापु राजेन्द्र सिंह (थाना सिविल लाइन, मुज़फ्फरनगर) का सम्मान किया गया।
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पुलिस अधीक्षक यातायात ने उन्हें फूल-मालाओं से लादकर सम्मानित किया।
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उनके लंबे कार्यकाल में निभाए गए कर्तव्यों और सेवाओं की सराहना की।
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एक स्मृति चिन्ह और उपहार भेंट कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
यह पल न केवल राजेन्द्र सिंह के लिए भावुक था, बल्कि वहां मौजूद सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणादायक क्षण था।
कर्तव्यनिष्ठ सेवा की मिसाल – राजेन्द्र सिंह
राजेन्द्र सिंह ने अपने करियर के दौरान ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया।
उनकी सेवाओं को याद करते हुए पुलिस अधीक्षक यातायात श्री अतुल कुमार चौबे ने कहा कि –
“राजेन्द्र सिंह जैसे कर्मठ पुलिसकर्मी विभाग की रीढ़ होते हैं। उनका समर्पण और ईमानदारी आने वाली पीढ़ी के पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।”
उनके सहयोगियों का कहना है कि वे हमेशा ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे और किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटते थे।
परिवार की मौजूदगी – खुशी और गर्व का मिला संगम
विदाई समारोह को और खास बना दिया सेवानिवृत्त अधिकारी के परिजनों की मौजूदगी ने। परिजन जब अपने परिवार के सदस्य को इतने बड़े सम्मान और आदर के साथ विदाई पाते देखते हैं, तो गर्व की भावना से उनकी आंखें नम हो जाती हैं।
गांव और मोहल्ले के लोग भी मानते हैं कि पुलिस विभाग में कार्य करना कठिन जिम्मेदारी है, और जब कोई अधिकारी उसे पूरी निष्ठा से निभाता है, तो यह पूरे समाज के लिए गर्व की बात होती है।
सहकर्मियों ने बांटी यादें – भावुक हुए साथी
समारोह के दौरान कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने राजेन्द्र सिंह से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं।
किसी ने उनकी सख्ती और अनुशासन का जिक्र किया, तो किसी ने उनके सादगीपूर्ण व्यवहार की प्रशंसा की।
सहकर्मियों ने कहा कि “राजेन्द्र सिंह हमेशा कठिन परिस्थितियों में भी हंसते हुए काम करते थे और दूसरों को भी सकारात्मक ऊर्जा देते थे।”
विदाई का भावनात्मक माहौल – तालियों की गूंज
जब राजेन्द्र सिंह को उपहार और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया, तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। वहां मौजूद हर पुलिसकर्मी और अधिकारी ने खड़े होकर उनका सम्मान किया।
यह दृश्य किसी साधारण समारोह का नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और कर्तव्य को सलाम करने का पल था।
पुलिस विभाग की परंपरा – सम्मान के साथ विदाई
पुलिस विभाग की परंपरा है कि जब कोई पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त होता है, तो उसे पूरे आदर और सम्मान के साथ विदाई दी जाती है। इससे न केवल सेवानिवृत्त कर्मी को गर्व महसूस होता है, बल्कि वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को भी यह संदेश मिलता है कि उनका विभाग उनके योगदान को कभी नहीं भूलता।
मुज़फ्फरनगर पुलिस लाइन सभागार में आयोजित इस विदाई समारोह ने एक बार फिर साबित किया कि पुलिस विभाग अपने कर्मियों के समर्पण को कभी भुला नहीं सकता। उपनिरीक्षक नापु राजेन्द्र सिंह को दी गई शानदार विदाई ने यह संदेश दिया कि कर्तव्य और ईमानदारी हमेशा सम्मानित होती है। आने वाले समय में भी यह परंपरा नए पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।