Muzaffarnagar/Budhana road accident की इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है। मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के अलीपुर अटेरणा गांव में सोमवार को हुए इस दर्दनाक सड़क हादसे में महज 8 साल की मासूम बच्ची इनायत की जान चली गई। एक पल की लापरवाही, अनियंत्रित ई-रिक्शा और सड़क पर सुरक्षा इंतजामों की कमी—इन सभी ने मिलकर एक परिवार की खुशियां छीन लीं।
🔴 सड़क पार करते समय पलटा ई-रिक्शा, मासूम की गई जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इनायत अपने मामा नाजिम के साथ चूहा छोड़ने के लिए गांव के पास सड़क की ओर गई थी। सड़क पार करते समय अचानक उसने मामा का हाथ छोड़ दिया। उसी वक्त सवारी से भरा एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर संतुलन खो बैठा और पलट गया। दुर्भाग्य से बच्ची उसकी चपेट में आ गई।
Budhana road accident की इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया। मौके पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीण तुरंत बच्ची को उठाकर पास के अस्पताल ले गए।
🔴 अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
इनायत को तत्काल बुढ़ाना के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट लगने के कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जो जानलेवा साबित हुआ।
इस खबर के फैलते ही गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
🔴 हादसे के बाद चालक फरार, पुलिस जांच में जुटी
Budhana road accident के बाद ई-रिक्शा चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और वाहन को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। वाहन के कागजात और रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए भी चालक तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
🔴 नाना ने कानूनी कार्रवाई से किया इनकार
इस मामले में एक भावनात्मक मोड़ तब आया जब बच्ची के नाना नवाब ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। परिजनों के अनुसार, इनायत बचपन से ही अपने नाना के पास रह रही थी और वही उसकी देखभाल करते थे।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि परिवार की ओर से कोई तहरीर मिलती है, तो नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।
🔴 गांव में उबाल: सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल
Budhana road accident के बाद अलीपुर अटेरणा गांव के लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के पास से गुजरने वाली सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों और ई-रिक्शाओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और स्कूल व आबादी वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
🔴 ई-रिक्शा और सड़क हादसे: बढ़ती चिंता
Budhana road accident कोई अकेला मामला नहीं है। जिले में पिछले कुछ महीनों के दौरान ई-रिक्शाओं से जुड़े कई हादसे सामने आ चुके हैं। क्षमता से अधिक सवारी, तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही इन हादसों के प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ई-रिक्शा चालकों को नियमित प्रशिक्षण, लाइसेंस जांच और वाहन की तकनीकी जांच अनिवार्य की जानी चाहिए, ताकि यात्रियों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
🔴 प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग
गांववासियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि Budhana road accident जैसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए सख्त नियम लागू किए जाएं। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता जताई जा रही है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे बार-बार होते रहेंगे और मासूम जिंदगियां यूं ही सड़क पर खत्म होती रहेंगी।
🔴 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इनायत की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। नाना नवाब और अन्य परिजन सदमे में हैं। गांव की महिलाएं और बुजुर्ग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन इस दुख को शब्दों में बयां करना मुश्किल हो रहा है।
Budhana road accident की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सड़क पर एक पल की लापरवाही किस तरह पूरी जिंदगी को बदल सकती है।
🔴 पुलिस का बयान: जांच जारी
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की पूरी जांच की जा रही है। वाहन के मालिक और चालक की पहचान होते ही आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही, स्थानीय प्रशासन को भी सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
बुढ़ाना सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और जिम्मेदारी की बड़ी चेतावनी है। अलीपुर अटेरणा में मासूम इनायत की मौत ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। अब यह प्रशासन, चालकों और नागरिकों—तीनों की साझा जिम्मेदारी है कि वे ऐसे कदम उठाएं, जिससे भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
