Muzaffarnagar Medical College suicide case में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक्स-रे टेक्नीशियन को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। बेगराजपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में 27 फरवरी को हुई इस घटना ने जनपद में गहरी संवेदना और आक्रोश दोनों पैदा किए थे।


🔴 27 फरवरी की घटना: एक्स-रे विभाग से जुड़ा मामला

पुलिस के अनुसार मेडिकल कॉलेज के एक्स-रे विभाग में तैनात रामकुमार पुत्र निर्भान सिंह, निवासी नौरोजपुर थाना कुठौन्द जिला जालौन, ने कथित मानसिक प्रताड़ना के बाद आत्महत्या कर ली थी। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर थाना मंसूरपुर में मु0अ0सं0 36/2026 धारा 108 बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया।

जांच में सामने आया कि कॉलेज के कुछ कर्मचारियों द्वारा लगातार दबाव और प्रताड़ना की जा रही थी, जिससे आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाया।


🔴 वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गठित हुई विशेष टीम

इस प्रकरण में कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत के नेतृत्व में थाना मंसूरपुर पुलिस की विशेष टीम गठित की गई।

क्षेत्राधिकारी खतौली राम आशीष यादव और प्रभारी निरीक्षक आनंद देव मिश्र ने जांच की निगरानी की।


🔴 हाईवे-58 के पास से चारों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर हाईवे-58 स्थित मेडिकल कॉलेज के समीप जियो पेट्रोल पंप के पास से चारों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:

  • राहुल त्यागी पुत्र पीताम्बर त्यागी, निवासी अम्बेहठा शेखा, थाना देवबंद, जिला सहारनपुर

  • कालू राम पुत्र बलजोर सिंह, निवासी ग्राम मुबारिकपुर, थाना मंसूरपुर

  • सीमा पुत्री बलवीर सिंह, निवासी हनुमानपुरी कॉलोनी, रामलीला टिल्ला, थाना कोतवाली नगर

  • दीपशिखा पत्नी उपदेश कुमार, निवासी पुरबालियान, थाना मंसूरपुर

चारों से पूछताछ जारी है और पुलिस अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।


🔴 पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका

गिरफ्तारी अभियान में प्रभारी निरीक्षक आनंद देव मिश्र, निरीक्षक (अपराध) अजय कुमार, महिला उपनिरीक्षक प्रियंका, हेड कांस्टेबल राजीव भारद्वाज, सुहैल खान और महिला कांस्टेबल मोनिका शामिल रहे। टीम ने समन्वित और तेज कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की।


🔴 आत्महत्या के लिए उकसाने का कानूनी पक्ष

Begrajpur Medical College suicide case में दर्ज धारा 108 बीएनएस आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित है, जो गंभीर दंडनीय अपराध है। पुलिस अब सभी साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले को मजबूत करने में जुटी है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।


बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज प्रकरण ने कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दे को फिर सामने ला दिया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्पष्ट है कि कानून व्यवस्था के प्रति प्रशासन सजग है और किसी भी कर्मचारी को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उकसाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आगे की जांच के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।

 



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