Muzaffarnagar के स्कूलों में इन दिनों संस्कृति और कला का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। देश की प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना डॉ. मंदाक्रांता राय ने स्पिक मैके (SPIC MACAY) के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान अपनी कला का ऐसा प्रदर्शन किया कि छात्राएं मंत्रमुग्ध हो गईं। यह कार्यक्रम डीएवी इंटर कॉलेज और एसडी इंटर कॉलेज में आयोजित किया गया, जहां उन्होंने छात्रों और शिक्षकों को भरतनाट्यम की बारीकियों से परिचित कराया।

डीएवी इंटर कॉलेज में कला का उत्सव

मंगलवार को डीएवी इंटर कॉलेज में हुए इस कार्यक्रम का शुभारंभ जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राजेश कुमार श्रीवास और प्रधानाचार्य सुनील कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर भरतनाट्यम कलाकार डॉ. मंदाक्रांता राय ने डेमोंस्ट्रेशन वर्कशॉप के माध्यम से छात्राओं को भरतनाट्यम के हाव-भाव, मुद्राओं और इसके ऐतिहासिक महत्व के बारे में बताया।

छात्राओं ने वर्कशॉप में सक्रिय भागीदारी करते हुए न केवल प्रदर्शन सीखा, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई को भी समझा। स्पिक मैके के अध्यक्ष डॉ. आर.एम. तिवारी ने छात्रों को बताया कि स्पिक मैके का मुख्य उद्देश्य हमारी राष्ट्रीय धरोहर और संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना है।

मुख्य अतिथियों और आयोजकों का योगदान

कार्यक्रम के दौरान कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. मृदुला गर्ग, डॉ. नीति गर्ग, डॉ. भावना, डॉ. मीनू, अरुण कुमार, प्रवीण कुमार सैनी, पूजा सिंगल और के.के. शर्मा शामिल थे। मंच संचालन अब्दुल सत्तार ने कुशलतापूर्वक किया। प्रधानाचार्य सुनील कुमार शर्मा ने इस अवसर पर कलाकार और टीम का आभार व्यक्त करते हुए छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया।

एसडी इंटर कॉलेज में कला का अनोखा संगम

दोपहर को एसडी इंटर कॉलेज में भी इस अद्भुत कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यहां कार्यक्रम का शुभारंभ उप जिला विद्यालय निरीक्षक शैलेन्द्र त्यागी और प्रधानाचार्य सोहन पाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। डॉ. मंदाक्रांता राय ने भरतनाट्यम के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को बताया।

उन्होंने गणेश वंदना और अन्य आकर्षक प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भरतनाट्यम की जटिल मुद्राओं और अभिव्यक्तियों का प्रदर्शन था, जिसे देखकर छात्राएं प्रेरित हुईं।

क्विज और मॉडल प्रतियोगिता: शिक्षा और कला का संगम

कार्यक्रम के दौरान छात्रों के बीच क्विज और विज्ञान मॉडल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। जिले के 10 विकास खंडों से आए बच्चों ने इनमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। क्विज प्रतियोगिता में बुढाना और जानसठ ब्लॉक विजेता रहे, जबकि मॉडल प्रतियोगिता में चमरावाला के अंशुल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

इस दौरान विजेताओं को प्रमाण पत्र, शील्ड और माइक्रोस्कोप देकर सम्मानित किया गया। मॉडल प्रतियोगिता में पुरकाजी, दाहौड, अलमासपुर, मजलिसपुर और हुसैनपुर खादर के बच्चों ने शानदार प्रदर्शन कर पांच शीर्ष स्थान प्राप्त किए। विजयी छात्रों को राज्य परियोजना कार्यालय के अधिकारी निकिता, बीएसए संदीप कुमार और एसोसिएट डीआईओएस शैलेन्द्र त्यागी ने टेबलेट देकर सम्मानित किया।

संस्कृति, कला और शिक्षा का अद्वितीय संगम

स्पिक मैके जैसे कार्यक्रम भारतीय संस्कृति और कला को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के कौशल और रचनात्मकता को बढ़ावा देता है, बल्कि उन्हें अपने सांस्कृतिक मूल्यों को समझने और आत्मसात करने का अवसर भी प्रदान करता है।

समाप्ति और भविष्य की योजनाएं

कार्यक्रम के समापन पर जिला समन्वयक सुशील कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस आयोजन को सफल बनाने में एआरपी और एसआरजी का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने यह भी घोषणा की कि आने वाले महीनों में अन्य विकास खंडों में भी ऐसे ही सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुजफ्फरनगर में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल छात्रों, बल्कि शिक्षकों और स्थानीय समुदाय को भी भारतीय शास्त्रीय नृत्य और कला के प्रति जागरूक किया। यह आयोजन स्पिक मैके के उद्देश्यों को साकार करता हुआ दिखाई दिया और इसके माध्यम से छात्रों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर को समझने का सुनहरा अवसर मिला।



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