Purkazi (Muzaffarnagar): उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी क्षेत्र में लायंस क्लब लोटस द्वारा आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मिड-डे मील बनाने वाली 250 भोजन माताओं का सम्मान किया गया। इस सम्मान समारोह का उद्देश्य न केवल इन मेहनती महिलाओं को सम्मानित करना था, बल्कि उनके सामने आने वाली समस्याओं को उजागर कर प्रदेश सरकार से उनकी स्थिति सुधारने की मांग करना भी था। यह अपने आप में एक अनोखा और प्रेरणादायक कदम है, जो समाज के सबसे महत्वपूर्ण लेकिन कम चर्चित वर्ग के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है।


भोजन माताओं का दुख-दर्द और सरकार से मांगें

जीटी रोड पर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट स्कूल के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में भोजन माताओं ने अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा। उन्होंने बताया कि उन्हें केवल 10 महीनों का मानदेय मिलता है, जबकि काम पूरे वर्ष करना होता है।

  • अपर्याप्त मानदेय: वर्तमान में भोजन माताओं को इतना कम भुगतान किया जाता है कि उनकी तुलना में मनरेगा के मजदूर भी ज्यादा मजदूरी पाते हैं।
  • वेतन भुगतान में देरी: भोजन माताओं ने यह भी शिकायत की कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है।
  • सामाजिक पहचान की कमी: कार्यक्रम में कई भोजन माताओं ने यह भी कहा कि उनके काम को समाज में वह मान्यता नहीं मिलती, जिसके वे हकदार हैं।

लायंस क्लब लोटस के पदाधिकारियों ने इन समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए यह वादा किया कि वे इन मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास करेंगे।


सम्मान और संवेदनशीलता का अनूठा उदाहरण

कार्यक्रम के दौरान सभी भोजन माताओं को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया और बाद में उन्हें जलपान कराया गया। यह कदम न केवल उनके प्रति सम्मान व्यक्त करता है, बल्कि उनके योगदान को समाज के सामने उजागर करने का भी एक सराहनीय प्रयास है।

क्लब की चार्टर अध्यक्ष, डॉ. अनुराधा वर्मा, ने कहा,
“भोजन माताएं बच्चों के पोषण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनका सम्मान करना हमारे लिए गर्व की बात है। साथ ही, हमें उनकी समस्याओं को सुलझाने की दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए।”


लायंस क्लब लोटस की अन्य पहल

कार्यक्रम में लायंस क्लब लोटस की अन्य आगामी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई:

  1. नेत्र रोगियों के लिए नि:शुल्क ऑपरेशन:
    डॉ. अनुराधा वर्मा ने बताया कि 8 फरवरी को गाजियाबाद में नेत्र रोगियों के नि:शुल्क ऑपरेशन का आयोजन किया जाएगा। रोगियों को घर से लाने और वापस छोड़ने की पूरी व्यवस्था क्लब द्वारा की जाएगी।
  2. खादर क्षेत्र में मेडिकल कैंप:
    क्लब के अध्यक्ष लायन योगेंद्र कांबोज ने कहा कि पुरकाजी क्षेत्र विशेषकर खादर इलाके में मेडिकल और अन्य सहायता कैंप जल्द ही लगाए जाएंगे।

समारोह में मौजूद विशिष्ट व्यक्ति

इस समारोह में लायंस क्लब लोटस के कई प्रमुख सदस्य और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। क्लब के सचिव प्रिया माहेश्वरी, ट्रेजरार व प्रोग्राम चेयरपर्सन अनुपमा गोयल, प्रधान अध्यापक मुकेश शर्मा, और पीएमजेएफ डॉ. मुकेश अरोड़ा ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


भोजन माताओं का संघर्ष: एक बड़ा सवाल

भोजन माताओं का संघर्ष सिर्फ पुरकाजी तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में भी लाखों भोजन माताएं इन्हीं समस्याओं का सामना कर रही हैं।

  • कार्य की अनदेखी: इन महिलाओं का काम प्राथमिक विद्यालयों में मिड-डे मील बनाना और बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान करना है। इसके बावजूद, उनके कार्य को वह सम्मान नहीं मिलता, जिसके वे योग्य हैं।
  • भविष्य की योजनाएं: सरकार को चाहिए कि वह भोजन माताओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए और उनके वेतन को कम से कम न्यूनतम मजदूरी के बराबर करे।

लायंस क्लब लोटस का योगदान: एक नई शुरुआत

यह कार्यक्रम सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज में बदलाव की शुरुआत का संकेत है। लायंस क्लब लोटस ने न केवल भोजन माताओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई, बल्कि उनकी समस्याओं को एक मंच भी प्रदान किया।

क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए, एक स्थानीय अधिकारी ने कहा,
“ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं और हमें कमजोर वर्गों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाते हैं।”


भोजन माताओं के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम उनकी कठिनाइयों को उजागर करने और उन्हें बेहतर जीवन प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। लायंस क्लब लोटस का यह प्रयास उन सभी के लिए प्रेरणा है, जो समाज के वंचित वर्गों के लिए काम करना चाहते हैं।

आशा है कि सरकार इन मुद्दों को जल्द से जल्द सुलझाएगी और भोजन माताओं के संघर्ष को समाप्त करेगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें