Muzaffarnagar भोपा क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज एक बार फिर शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक चेतना के संगम का साक्षी बना। विद्यालय परिसर में आयोजित वार्षिक उत्सव और प्रतिभा सम्मान समारोह ने न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को मंच दिया, बल्कि उनकी रचनात्मकता, सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मविश्वास को भी उजागर किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों, शिक्षकों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को एक सामूहिक उत्सव का स्वरूप दे दिया।
🔴 दीप प्रज्वलन के साथ गरिमामय शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजेंद्र सैनी (गांधी पॉलिटेक्निक) और विद्यालय की प्रधानाचार्या शिवानी द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर पूरे सभागार में अनुशासन, सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना।
प्रधानाचार्या शिवानी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि वार्षिक उत्सव केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का प्रतीक है।
🔴 रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजी शाम
Ankuran annual function Sikandarpur के मंच पर छात्र-छात्राओं ने नृत्य, संगीत, नाट्य और कविता पाठ जैसी विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक लोकनृत्य से लेकर आधुनिक थीम आधारित प्रस्तुतियों तक, हर कार्यक्रम में विद्यार्थियों की मेहनत और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
अभिभावकों और ग्रामीण दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बच्चों का उत्साह बढ़ाया, जिससे मंच और दर्शक दीर्घा के बीच एक जीवंत संवाद बना।
🔴 मोबाइल के दुष्प्रभावों पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा, जिसमें मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले सामाजिक, मानसिक और शैक्षणिक दुष्प्रभावों को उजागर किया गया।
नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि तकनीक का संतुलित उपयोग ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। दर्शकों ने इस प्रस्तुति को न केवल सराहा, बल्कि इसे आज के समय की एक महत्वपूर्ण सामाजिक चेतावनी भी बताया।
🔴 वार्षिक प्रगति रिपोर्ट ने दिखाई शैक्षणिक तस्वीर
समाजशास्त्र की छात्रा शहनाज ने विद्यालय की वार्षिक गतिविधियों और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने शैक्षणिक उपलब्धियों, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, क्लबों और खेलों में छात्रों के प्रदर्शन का विस्तृत विवरण दिया।
Ankuran annual function Sikandarpur के इस हिस्से ने यह दिखाया कि विद्यालय केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।
🔴 मेधावी छात्रों का सम्मान, प्रेरणा का मंच
मुख्य अतिथि राजेंद्र सैनी और प्रधानाचार्या शिवानी ने गत वर्ष बोर्ड परीक्षाओं, वार्षिक गृह परीक्षाओं, इको क्लब, विज्ञान एवं गणित क्लब, खेल तथा सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल और पुरस्कार प्रदान किए।
सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों के चेहरों पर गर्व और आत्मविश्वास की चमक साफ दिखाई दे रही थी। यह क्षण न केवल पुरस्कार पाने वालों के लिए, बल्कि पूरे विद्यालय समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत बना।
🔴 रुचि और योग्यता के अनुसार विषय चयन का संदेश
मुख्य अतिथि राजेंद्र सैनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए अपने रुचि और योग्यता के अनुसार विषयों का चयन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल समाज या दबाव में आकर निर्णय न लें, बल्कि अपने भीतर की क्षमता को पहचानें।
उन्होंने तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और व्यावसायिक मार्गदर्शन के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
🔴 अनुशासन, कला और संस्कृति पर प्रधानाचार्या का मार्गदर्शन
प्रधानाचार्या शिवानी ने अपने संबोधन में अनुशासन को शिक्षा की नींव बताया। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को निखारने में अहम भूमिका निभाती हैं।
Ankuran annual function Sikandarpur के मंच से उन्होंने यह संदेश दिया कि पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।
🔴 बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पर शिक्षकों के सुझाव
कार्यक्रम में कु. संजू, सतेंद्र कुमार (सहायक अध्यापक) और गुल मोहम्मद (व्यावसायिक शिक्षक) ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और मानसिक संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया।
इन सुझावों को छात्रों और अभिभावकों ने उपयोगी और प्रेरक बताया।
🔴 मंच संचालन और सहभागिता की सराहना
कार्यक्रम का संचालन प्रतिमा सिंह ने कुशलतापूर्वक किया। उनकी मंचीय प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित और रोचक बनाए रखा।
इस अवसर पर राहुल पाल, विजय कुमार, हिमांशु, राज सिंह, अभिषेक कुमार, लता, कृष सहित अनेक शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
🔴 ग्रामीण शिक्षा के लिए प्रेरणास्रोत बना आयोजन
Ankuran annual function Sikandarpur ने यह साबित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय भी प्रतिभा, नवाचार और सामाजिक चेतना के केंद्र बन सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना था कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास और बड़े सपने देखने की प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम के बाद विद्यालय परिसर में एक उत्सव जैसा माहौल बना रहा, जहां अभिभावक और शिक्षक मिलकर बच्चों की उपलब्धियों पर चर्चा करते नजर आए।
🔴 भविष्य की दिशा और संकल्प
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि आने वाले समय में भी ऐसे शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।
Ankuran annual function Sikandarpur को एक परंपरा के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया गया, जो हर साल नई प्रतिभाओं को मंच देगा।
सिकंदरपुर में आयोजित ‘अंकुरण’ वार्षिक उत्सव ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का नाम है। विद्यार्थियों की मुस्कान, अभिभावकों की तालियां और शिक्षकों का मार्गदर्शन—इन तीनों के संगम ने इस आयोजन को एक यादगार अध्याय बना दिया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
