Muzaffarnagar भोपा थाना क्षेत्र में पुलिस ने माननीय न्यायालय द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंटों के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 11 शातिर वारंटी अभियुक्तों को उनके ठिकानों से दबोच लिया। यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के अंतर्गत की गई, जिसे पुलिस प्रशासन का अब तक का सबसे संगठित और सख्त अभियान माना जा रहा है।
🔴 वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चला विशेष अभियान
इस व्यापक कार्रवाई को अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन, पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर के निर्देशन में अंजाम दिया गया। जमीनी स्तर पर पुलिस अधीक्षक देहात और पुलिस उपाधीक्षक भोपा के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक भोपा जसवीर सिंह के नेतृत्व में पूरी टीम ने रणनीतिक ढंग से वारंटियों की तलाश और गिरफ्तारी की योजना बनाई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन चक्रव्यूह का उद्देश्य न केवल फरार आरोपियों को पकड़ना है, बल्कि उन लोगों के मन में कानून का डर पैदा करना भी है, जो न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए लंबे समय से छिपे हुए थे।
🔴 एक साथ कई ठिकानों पर दबिश, सुबह-सुबह कार्रवाई
25 जनवरी 2026 को भोपा थाना पुलिस की कई टीमों ने अलग-अलग गांवों और मोहल्लों में एक साथ दबिश दी। पुलिस ने पहले से तैयार की गई सूची और खुफिया सूचनाओं के आधार पर अभियुक्तों के निवास स्थानों को घेरा और बिना किसी अवांछित घटना के सभी 11 वारंटियों को हिरासत में ले लिया।
स्थानीय लोगों के लिए यह नजारा चौंकाने वाला था, क्योंकि लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी अचानक पुलिस के शिकंजे में आ गए। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संदेश गया।
🔴 गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 11 वारंटी अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार की गई है—
बिट्टू पुत्र बारू सिंह, छोटा पुत्र धर्म सिंह, कुलदीप पुत्र भोपाल, निशांत पुत्र जगत सिंह, रवि पुत्र आसाराम, वीरेंद्र पुत्र महीपाल, अभियुक्ता मिथलेश पत्नी रवि, पप्पू पुत्र मंगत, शहजाद पुत्र सोकत, उस्मान पुत्र आबाद और सुम्मारा पुत्र नत्थू।
इन सभी को उनके-अपने निवास स्थानों से गिरफ्तार किया गया और थाने लाकर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई।
🔴 किन मामलों में थे वांछित
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न मामलों में वाद न्यायालय में विचाराधीन थे। इनमें सड़क दुर्घटना और लापरवाही से संबंधित धारा 279/338, लूट से जुड़ी धारा 392, मारपीट और धमकी से संबंधित धारा 323/324/506 भादवि, आबकारी अधिनियम, एनआई एक्ट और धारा 174ए भादवि सहित अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं।
इन मामलों में न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे, लेकिन अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहे थे।
🔴 न्यायालय में पेशी, सभी भेजे गए जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी 11 अभियुक्तों को माननीय न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर सभी को जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि न्यायिक प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा न आए और मामलों की सुनवाई तय समय पर आगे बढ़ सके।
🔴 पुलिस प्रशासन का सख्त संदेश
वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जो भी व्यक्ति न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करेगा या कानून से बचने की कोशिश करेगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
🔴 क्षेत्र में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा
इस कार्रवाई के बाद भोपा और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से फरार वारंटियों की गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है।
व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में अपराध की घटनाओं में कमी आएगी।
🔴 ऑपरेशन चक्रव्यूह: रणनीति और उद्देश्य
ऑपरेशन चक्रव्यूह को इस तरह डिजाइन किया गया है कि फरार और वांछित अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना न बचे। पुलिस लगातार डेटा, मुखबिर तंत्र और तकनीकी निगरानी के जरिए ऐसे लोगों की पहचान कर रही है, जो न्यायालय के आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं।
इस अभियान का दूसरा बड़ा उद्देश्य यह भी है कि आम जनता के बीच यह भरोसा कायम किया जाए कि कानून सभी के लिए बराबर है और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है।
🔴 आने वाले दिनों में और कार्रवाई के संकेत
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिले में अभी भी कई वारंटी और फरार अभियुक्तों की सूची तैयार की जा रही है। आने वाले दिनों में ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत और भी बड़ी कार्रवाइयां देखने को मिल सकती हैं।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक दिन या एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से इसे आगे बढ़ाया जाएगा।
🔴 कानून-व्यवस्था की कसौटी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त और संगठित कार्रवाई से न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलती है और समाज में कानून के प्रति सम्मान बढ़ता है। वारंटियों की गिरफ्तारी न केवल लंबित मामलों को गति देती है, बल्कि अपराधियों के मन में कानून का डर भी पैदा करती है।
