Muzaffarnagar  की यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि पारिवारिक रिश्तों के भीतर पनपते तनाव और आक्रोश की भयावह तस्वीर भी पेश करती है। भोपा थाना क्षेत्र के मोरना गांव में सामने आई इस वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक अधेड़ किसान का खून से लथपथ शव घर के भीतर मिलने से जहां गांव में सनसनी फैल गई, वहीं जांच के बाद जो सच सामने आया उसने सभी को झकझोर कर रख दिया।


🔴 सुबह होते ही मचा कोहराम, घर में मिला किसान का शव

भोपा थाना क्षेत्र के मोरना गांव में रविदास मंदिर के पीछे रहने वाले 55 वर्षीय किसान रामप्रसाद पुत्र घसीटू कश्यप सोमवार सुबह अपने घर में मृत अवस्था में पाए गए। जब उनकी पत्नी चंद्रकली नींद से जागीं, तो उन्होंने चारपाई के पास पति का शव पड़ा देखा। गला किसी धारदार हथियार से रेत दिया गया था और चारों ओर खून फैला हुआ था।

इस दृश्य को देखते ही महिला चीख पड़ी, जिसके बाद आस-पास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। कुछ ही देर में पूरे गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई और परिवार में मातम छा गया।


🔴 शुरुआती जांच में अज्ञात हमलावर की आशंका

प्रारंभिक तौर पर मृतक की पत्नी चंद्रकली ने अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या की आशंका जताई। सूचना मिलते ही भोपा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सील कर जांच शुरू की। किसान का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।


🔴 आला अधिकारियों ने संभाली कमान

मामले की सूचना पर आदित्य बंसल (पुलिस अधीक्षक ग्रामीण), देवव्रत बाजपेई तथा थाना प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी देहात के निर्देश पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए।


🔴 घर के अंदर संघर्ष के निशान नहीं, शक गहराया

जांच के दौरान पुलिस को घर के भीतर किसी बड़े संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिले। न ही जबरन घुसपैठ के संकेत दिखाई दिए। हत्या का तरीका बेहद नजदीक से किए गए हमले की ओर इशारा कर रहा था। इन तथ्यों ने पुलिस को इस निष्कर्ष तक पहुंचाया कि हत्यारा घर के अंदर का ही कोई व्यक्ति हो सकता है।

इसके बाद पुलिस ने परिवार के सभी सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ शुरू की।


🔴 बयानों में विरोधाभास, खुलने लगी परतें

पुलिस पूछताछ के दौरान परिजनों के बयानों में कई विरोधाभास सामने आए। विशेष रूप से मृतक की दो अविवाहित पुत्रियों के जवाब संदिग्ध प्रतीत हुए। सख्ती से पूछताछ करने पर आखिरकार दोनों युवतियां टूट गईं और उन्होंने पिता की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।


🔴 पिता की रोक-टोक बनी हत्या की वजह

पुलिस के अनुसार, दोनों बेटियां पिता की लगातार रोक-टोक और पारिवारिक विवादों से नाराज़ थीं। इसी आक्रोश में रविवार रात जब रामप्रसाद गहरी नींद में थे, तब दोनों ने चाकू और दरांती जैसे धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

Bhopa farmer murder केस में यह खुलासा पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला रहा, क्योंकि आरोपी कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतक की अपनी ही संतान निकली।


🔴 बेटे की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा

एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि मृतक के पुत्र अमित की शिकायत के आधार पर दोनों बहनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपित युवतियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया है।


🔴 खेती-बाड़ी से चलता था परिवार

रामप्रसाद खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। गांव में उनकी छवि एक मेहनती किसान के रूप में थी। किसी को यह अंदाजा भी नहीं था कि पारिवारिक तनाव इतना खतरनाक मोड़ ले लेगा।


🔴 गांव में दहशत और गहरा शोक

घटना के बाद मोरना गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग इस बात को लेकर स्तब्ध हैं कि पिता और बेटियों के रिश्ते में ऐसा क्या हुआ कि मामला हत्या तक पहुंच गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह वारदात समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।


भोपा किसान हत्या कांड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पारिवारिक विवाद जब संवाद की बजाय आक्रोश में बदल जाएं, तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है, ताकि हर पहलू सामने आ सके और कानून के तहत दोषियों को सजा मिल सके।



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