जनपद Muzaffarnagar के थाना भोपा क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या कांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। हत्या के मामले में वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, छुरी और दराती भी बरामद की है, जो इस वारदात की गंभीरता को दर्शाती है। 🚨

यह कार्रवाई मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक तथा सहारनपुर परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Sanjay Kumar Verma की निगरानी में संचालित विशेष अभियान के तहत की गई।


पुलिस टीमों के गठन के बाद तेज हुई गिरफ्तारी की कार्रवाई

घटना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया था। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण Aditya Bansal, क्षेत्राधिकारी भोपा Devvrat Bajpai तथा थाना प्रभारी Jasveer Singh के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी।

सघन तलाश अभियान के दौरान पुलिस को सफलता मिली और दोनों मुख्य आरोपियों को ग्राम जौली से विलायतनगर जाने वाले मार्ग से गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही एक बाल अपचारी को भी अभिरक्षा में लिया गया।


दराती और गोली मारकर की गई थी हत्या

घटना 23 मार्च 2026 की है, जब ग्राम शाहदरा बांगर निवासी अर्जुन सिंह ने थाना भोपा पुलिस को लिखित तहरीर देकर बताया कि उसके भाई अक्षय कुमार की दराती से हमला करने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस मामले में मनोज पुत्र महावीर, भरत सिंह पुत्र संजय तथा एक नाबालिग पर हत्या का आरोप लगाया गया।

तहरीर के आधार पर थाना भोपा में मुकदमा संख्या 78/2026 धारा 103(1), 352, 351(3), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।


अवैध हथियारों की बरामदगी से मामले में आया नया मोड़

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक अवैध 12 बोर तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक छुरी और एक दराती बरामद की। बरामद हथियारों से स्पष्ट हुआ कि वारदात पूर्व नियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी।

पुलिस अब बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच कराने की प्रक्रिया में जुटी है, जिससे घटना से जुड़े अन्य तकनीकी साक्ष्य भी सामने आ सकें।


पारिवारिक विवाद और अवैध संबंधों के शक ने लिया खौफनाक रूप

पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी के मृतक अक्षय कुमार के साथ कथित अवैध संबंध थे, जिसके कारण उसके परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी तनाव के चलते उसकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी।

इसके बाद भी मृतक द्वारा उसके नाबालिग पुत्र को कथित रूप से ताना मारकर परेशान किया जाता था। घटना वाले दिन खेत में चारा काटते समय दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपी ने अपने पुत्र और भतीजे के साथ मिलकर अक्षय कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी।

इस खुलासे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।


ग्रामीण क्षेत्र में दहशत, पुलिस की सक्रियता से स्थिति नियंत्रित

हत्या की घटना सामने आने के बाद शाहदरा बांगर और आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल बन गया था। पुलिस ने तत्काल क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की।

स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते गिरफ्तारी होने से क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली है।


गिरफ्तारी टीम की समन्वित कार्रवाई से मिली सफलता

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह, निरीक्षक नरेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक सुमित चौधरी, गोपाल सिंह, महिला उपनिरीक्षक अजय यादव, हेड कांस्टेबल तेजेंद्र सिंह, आदित्य चौधरी, विनय कुमार, कांस्टेबल रितिक कुमार, मनीष कुमार और प्रवीण कुमार की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।

टीम की रणनीतिक कार्रवाई के कारण आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया गया और घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए गए।


हत्या के मामलों में पुलिस की सख्ती से अपराधियों में बढ़ा भय

जनपद में गंभीर अपराधों के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार सख्त अभियान चलाए जा रहे हैं। हत्या, अवैध हथियार और संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में आगे भी इसी तरह प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *