Muzaffarnagar मीरापुर कस्बे में भीड़भाड़ वाले बाजारों और रिहायशी इलाकों में खुले में रखे ट्रांसफॉर्मर अब आमजन के लिए गंभीर खतरे का कारण बनते जा रहे हैं। Mirapur open transformer danger की स्थिति ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बिना किसी सुरक्षा घेराव के सड़क किनारे रखे गए ट्रांसफॉर्मर कभी भी बड़े हादसे को जन्म दे सकते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक इस ओर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि खुले ट्रांसफॉर्मरों की वजह से कस्बे में हर समय अनहोनी की आशंका बनी रहती है, खासकर उन इलाकों में जहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है।


जाटों वाले मोहल्ले में ट्रांसफॉर्मर बना खतरे की घंटी

कस्बे के जाटों वाले मोहल्ले में स्थित एक ट्रांसफॉर्मर लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी और भय का कारण बना हुआ है। यह ट्रांसफॉर्मर अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में सड़क किनारे खुले में रखा है, जहां न तो कोई बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह ट्रांसफॉर्मर कई बार दुर्घटना का कारण बनते-बनते बच चुका है। हर दिन इसके आसपास से सैकड़ों लोग गुजरते हैं, जिनमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं, जिससे खतरा और भी बढ़ जाता है।


आग और चिंगारियों से कई बार मची अफरा-तफरी

Mirapur open transformer danger का सबसे डरावना पहलू यह है कि इस ट्रांसफॉर्मर में आए दिन आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं। ट्रांसफॉर्मर की लीड से निकलने वाली चिंगारियां कई बार इलाके में भगदड़ की स्थिति पैदा कर चुकी हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि अचानक निकलने वाली चिंगारियों और तेज आवाज से लोग घबरा जाते हैं और इधर-उधर भागने लगते हैं। गनीमत यह रही कि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन हर बार खतरा और करीब आता महसूस होता है।


स्कूली बच्चों के लिए बना स्थायी खतरा

इस ट्रांसफॉर्मर के पास से प्रतिदिन सैकड़ों स्कूली बच्चे गुजरते हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजते समय हर दिन डर बना रहता है कि कहीं कोई दुर्घटना न हो जाए।

खुले तार, चिंगारियां और आग की घटनाएं बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो किसी मासूम की जान भी खतरे में पड़ सकती है।


स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा, विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप

स्थानीय निवासी मोनू ठाकुर, आदिल, मोनू, सोनू और मुस्तकीम सहित कई लोगों ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विभाग ने इस ट्रांसफॉर्मर को बिना किसी सुरक्षा घेरे के खुले में छोड़ रखा है, जो घोर लापरवाही को दर्शाता है।

निवासियों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि विभाग किसी बड़े हादसे के इंतजार में बैठा है।


बिजली विभाग का बयान, जल्द कार्रवाई का दावा

इस मामले में विद्युत विभाग के अवर अभियंता सतीश कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अधिकतर ट्रांसफॉर्मरों की बैरिकेडिंग जल्द करा दी जाएगी, ताकि आमजन को किसी प्रकार का खतरा न हो।

हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आश्वासन पहले भी दिए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नजर नहीं आया है।


बड़े हादसे की चेतावनी, जिम्मेदारी तय करने की मांग

स्थानीय नागरिकों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने कहा कि यदि भविष्य में कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।

लोगों की मांग है कि ट्रांसफॉर्मरों के चारों ओर तुरंत मजबूत बैरिकेडिंग कराई जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि मीरापुर में बढ़ते खतरे को समय रहते रोका जा सके।


मीरापुर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में खुले ट्रांसफॉर्मर आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। लगातार आग, चिंगारियों और लापरवाही की घटनाएं किसी बड़े हादसे की ओर इशारा कर रही हैं। समय रहते यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।



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