Muzaffarnagar। थाना नई मंडी पुलिस ने बुधवार देर रात एक मुठभेड़ के दौरान दो लुटेरों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दूसरा लुटेरा मौके से दबोच लिया गया। लूटकांड को अंजाम देने के मात्र 12 घंटे के भीतर पुलिस ने केस सुलझा लिया, जिससे पुलिस की सक्रियता और तत्परता की सराहना हो रही है।
लूटकांड की शुरुआत: बिलासपुर निवासी आस मोहम्मद के पिता से लूट
मामला 15 अक्टूबर का है जब बिलासपुर निवासी आस मोहम्मद ने थाना नई मंडी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि दो अज्ञात बदमाशों ने उनके पिता से ₹4500 नकद लूट लिए और विरोध करने पर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत और क्षेत्राधिकारी नई मंडी राजू कुमार साव के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी – ए टू जेड रोड बनी मुठभेड़ का मैदान
पुलिस टीम ने देर रात मुखबिर की सूचना पर ए टू जेड रोड पर घेराबंदी की। कुछ ही देर में दो संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आते हुए दिखे। पुलिस को देखते ही उन्होंने तेजी से भागने का प्रयास किया।
भागने के दौरान बाइक फिसलने से दोनों बदमाश गिर पड़े और उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग का जवाब दिया, जिसमें एक बदमाश को गोलियां लगीं और वह घायल हो गया।
घायल बदमाश की पहचान – हरिद्वार निवासी इदरीश निकला, साथी निहाल गिरफ्तार
पुलिस ने घायल बदमाश की पहचान इदरीश पुत्र अनीश निवासी बंधेड़ी महावतपुर, हरिद्वार के रूप में की है। वहीं उसका साथी निहाल पुत्र नसीर आलम मौके से जिंदा दबोच लिया गया।
पुलिस ने मौके से लूटे गए ₹4500, मोटरसाइकिल, तमंचा, जिंदा कारतूस और एक अवैध चाकू बरामद किया है। घायल इदरीश को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि निहाल से पूछताछ जारी है।
मुठभेड़ में शामिल पुलिस टीम – नई मंडी थाने की वीरता का उदाहरण
इस सफल कार्रवाई में शामिल रहे –
प्रभारी निरीक्षक (प्र0नि0) बृजेश कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक दिनेश कौशिक, राहुल कुमार, असगर अली, हेड कॉन्स्टेबल पुष्पेंद्र, विनीत कुमार, कॉन्स्टेबल सौरभ और राहुल।
इन सभी पुलिसकर्मियों की तत्परता के चलते यह लूटकांड महज़ 12 घंटे में सुलझ गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पूरी टीम की सराहना करते हुए पुरस्कार की घोषणा की है।
पुलिस की कार्रवाई से दहशत में अपराधी, राहत में जनता
इस मुठभेड़ के बाद से पूरे इलाके में अपराधियों में खौफ और जनता में राहत का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि पुलिस की ऐसी त्वरित कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त होंगे।
एसपी नगर सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि “पुलिस किसी भी अपराधी को बख्शेगी नहीं। जो भी कानून तोड़ेगा, उसे सजा मिलेगी। हमारी प्राथमिकता जनसुरक्षा है।”
मुजफ्फरनगर बना पुलिस की त्वरित कार्रवाई का मॉडल जिला
हाल के महीनों में मुजफ्फरनगर पुलिस ने कई गंभीर अपराधों का 24 घंटे से भी कम समय में खुलासा किया है। चाहे लूट के मामले हों या गैंगवार, पुलिस की टीम हर मोर्चे पर सक्रिय है।
‘ऑपरेशन क्लीन क्राइम’ के तहत जिले में लगातार चेकिंग ड्राइव और नाइट पेट्रोलिंग चल रही है। इसी मुहिम का परिणाम है कि नई मंडी पुलिस ने यह सफलता हासिल की।
अपराधियों का पुराना रिकॉर्ड खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अब दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की गहराई से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घायल बदमाश इदरीश पहले भी हरिद्वार और सहारनपुर में लूट और चोरी के मामलों में वांछित रहा है।
निहाल के खिलाफ भी पूर्व में कई अपराधिक प्रविष्टियाँ दर्ज हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
नई मंडी पुलिस की रणनीति – “अब अपराध नहीं, कानून का राज”
नई मंडी थाना क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से बढ़ते अपराधों को लेकर पुलिस ने अब नई रणनीति तैयार की है। क्षेत्र में हर रात इंटरसेक्शन चेकिंग, बाइक स्कैनिंग और संदिग्धों की पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में CCTV और ड्रोन सर्विलांस बढ़ाया जाएगा, ताकि किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
मुजफ्फरनगर की इस मुठभेड़ ने एक बार फिर साबित किया है कि अपराध चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। नई मंडी पुलिस की तेज कार्रवाई ने न केवल लूटकांड सुलझाया बल्कि अपराधियों के बीच यह संदेश भी भेज दिया — अब मुजफ्फरनगर में अपराध का अंत तय है।
