Muzaffarnagar के सिविल लाइन क्षेत्र में देर शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब संदिग्ध कार सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल हो गए और पुलिस ने उन्हें मौके से दबोच लिया। तलाशी में भारी मात्रा में अवैध हथियार और बिना नंबर प्लेट की नेक्सॉन कार बरामद हुई।
यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में चल रहे अपराध विरोधी अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशों के अनुरूप सिविल लाइन थाना पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी।
🔴 चेकिंग के दौरान शक, फिर भागने की कोशिश
संधावली अंडरपास के पास पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। तभी बाईपास हाईवे की ओर से आ रही एक नेक्सॉन कार पर पुलिस की नजर पड़ी। वाहन पर नंबर प्लेट नहीं थी, जिससे संदेह और गहरा गया।
जैसे ही पुलिस ने रुकने का इशारा किया, चालक ने कार को अचानक पीछे मोड़ा और तेजी से भागने का प्रयास किया। जल्दबाजी में गाड़ी का संतुलन बिगड़ा और वह खेत में घुस गई।
🔴 पुलिस पर जानलेवा फायरिंग
कार रुकते ही दो युवक बाहर निकले और खेतों की ओर भागते हुए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां चलने से मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और बदमाशों को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी।
चेतावनी के बावजूद बदमाश लगातार फायरिंग करते रहे। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की। इसी दौरान दोनों आरोपी घायल हो गए।
🔴 घायल बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी
घायल अभियुक्तों की पहचान रक्षित त्यागी उर्फ दक्ष पुत्र विक्रांत त्यागी उर्फ विक्की त्यागी तथा ऋतिक त्यागी उर्फ गोलू पुत्र स्वर्गीय दिनेश त्यागी के रूप में हुई। दोनों को मौके पर काबू में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के अनुसार, दोनों शातिर अपराधी अवैध हथियारों की तस्करी में सक्रिय थे और लंबे समय से निगरानी में थे।
🔴 बरामदगी ने खोले तस्करी नेटवर्क के राज
मौके से 04 पिस्टल 32 बोर मय 05 जिंदा कारतूस व 02 खोखा कारतूस, 02 अवैध तमंचे 315 बोर मय 02 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त बिना नंबर प्लेट की नेक्सॉन कार भी जब्त की गई, जिसका इस्तेमाल सप्लाई और मूवमेंट के लिए किया जा रहा था।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इंदौर से सस्ते दामों पर अवैध असलाह खरीदकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ऊंचे दामों पर बेचते थे। जिस समय उन्हें रोका गया, वे कथित रूप से एक डील पूरी करने जा रहे थे।
🔴 पुलिस की रणनीति और सतर्कता
पूरी कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक आशुतोष कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक रेशमपाल सिंह, उपनिरीक्षक खुशीलाल, विनोद कुमार, हेड कांस्टेबल सौरभ कुमार, जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल राहुल कुमार शामिल रहे।
अधिकारियों के अनुसार, जिले में अवैध हथियारों की आपूर्ति पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सीमावर्ती राज्यों से हथियार लाकर स्थानीय स्तर पर बेचने वाले गिरोहों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
🔴 अवैध असलाह पर नकेल कसने की मुहिम
पुलिस का मानना है कि अवैध हथियारों की उपलब्धता अपराध दर को बढ़ाती है। ऐसे में इस तरह की गिरफ्तारी न केवल संभावित वारदात को रोकती है, बल्कि पूरे नेटवर्क को कमजोर करने का काम करती है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सिविल लाइन क्षेत्र में हुई यह मुठभेड़ पुलिस की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया का उदाहरण बनकर सामने आई है। खेतों में चली गोलियों के बीच जिस तरह टीम ने संयम रखते हुए बदमाशों को दबोचा, उसने जिले में सक्रिय अवैध हथियार तस्करी गिरोहों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं होगा।
