Muzaffarnagar Engineers Meeting ने मंगलवार को जिले के प्रशासनिक और तकनीकी हलकों में नई हलचल पैदा कर दी, जब उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक महासंघ कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता इंजीनियर विकास कुमार ने की, जिसमें संगठन की मजबूती, जूनियर इंजीनियर संवर्ग की लंबे समय से चली आ रही समस्याएं और नई कार्यकारिणी के निर्वाचन जैसे अहम मुद्दों पर गहन मंथन हुआ। यह बैठक केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि इंजीनियरों के अधिकारों, कार्यक्षेत्र की गरिमा और पेशेवर पहचान को लेकर एक सशक्त मंच बनकर उभरी।
🔴 संगठन की मजबूती पर जोर, एकजुटता का संदेश
Muzaffarnagar Engineers Meeting के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संगठन की ताकत उसकी एकजुटता में निहित होती है। इंजीनियर संवर्ग को एक मंच पर लाकर अपनी मांगों को मजबूती से रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में तकनीकी कर्मचारियों को कई बार ऐसे कार्यों में लगाया गया है, जिनका उनके मूल दायित्वों से कोई सीधा संबंध नहीं है। इससे न केवल इंजीनियरों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, बल्कि विभागीय कार्यों की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।
🔴 गैर-तकनीकी ड्यूटी के खिलाफ कड़ा विरोध
Muzaffarnagar Engineers Meeting का सबसे अहम मुद्दा इंजीनियर संवर्ग को गैर-तकनीकी कार्यों में लगाए जाने का विरोध रहा। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी अधिकारियों को उनके विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों से हटाकर अन्य ड्यूटी पर तैनात करना न केवल पेशेवर गरिमा के खिलाफ है, बल्कि इससे सरकारी परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर भी असर पड़ता है।
बैठक में यह भी कहा गया कि इंजीनियरों को मूल कार्यों से भटकाने की प्रवृत्ति भविष्य में तकनीकी सेवाओं की विश्वसनीयता को कमजोर कर सकती है। संगठन ने मांग की कि शासन और विभागीय स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, जिससे इंजीनियरों को केवल उनके तकनीकी दायित्वों तक सीमित रखा जाए।
🔴 इंजीनियर्स क्लब का संबोधन, संगठनात्मक गतिविधियों की झलक
इंजीनियर्स क्लब के अध्यक्ष इंजीनियर बी.आर. शर्मा ने Muzaffarnagar Engineers Meeting में संगठन की गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महासंघ न केवल कर्मचारियों की समस्याओं को उठाने का मंच है, बल्कि यह तकनीकी विकास, प्रशिक्षण और पेशेवर उन्नति के लिए भी निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने सभी सदस्यों से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर संगठनात्मक हितों को प्राथमिकता दें, ताकि इंजीनियर संवर्ग की सामूहिक आवाज को शासन और प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
🔴 पदोन्नति पर सम्मान, प्रेरणा का माहौल
बैठक के दौरान एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पल तब आया, जब इंजीनियर मदन पाल के उपखंड अधिकारी पद पर पदोन्नत होने पर सभी सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। Muzaffarnagar Engineers Meeting में यह क्षण युवा इंजीनियरों के लिए एक प्रेरणा के रूप में देखा गया, जिसने यह संदेश दिया कि मेहनत, लगन और संगठनात्मक सहयोग से पेशेवर उन्नति संभव है।
🔴 नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से निर्वाचन
Muzaffarnagar Engineers Meeting में महासंघ के संरक्षक और वर्तमान केंद्रीय निर्वाचन अधिकारी इंजीनियर यू.सी. वर्मा ने विधिवत रूप से जनपद अध्यक्ष और सचिव पद के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू कराई। सभा में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए नई कार्यकारिणी का चयन किया।
इस प्रक्रिया के तहत इंजीनियर विकास कुमार को जनपद अध्यक्ष और इंजीनियर राजेंद्र कुमार को जनपद सचिव चुना गया। चुनाव की प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सहमति के साथ संपन्न हुई, जिसे संगठनात्मक परिपक्वता का प्रतीक माना गया।
🔴 सदस्यों के विचार, भविष्य की रणनीति
Muzaffarnagar Engineers Meeting में इंजीनियर संदीप राज, नरेश कुमार, विकास चौधरी, आशु कुमार, अरविंद कुमार और श्रीमती मीनाक्षी ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि आने वाले समय में महासंघ को न केवल अपनी मांगों पर केंद्रित रहना चाहिए, बल्कि तकनीकी नवाचार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
सदस्यों ने सुझाव दिया कि जिले स्तर पर नियमित संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि इंजीनियरों और प्रशासन के बीच समन्वय बेहतर हो सके और समस्याओं का समय पर समाधान निकाला जा सके।
🔴 नवनियुक्त नेतृत्व का संकल्प
नवनियुक्त अध्यक्ष इंजीनियर विकास कुमार और सचिव इंजीनियर राजेंद्र कुमार ने Muzaffarnagar Engineers Meeting में सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि महासंघ डिप्लोमा इंजीनियरों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर सक्रिय रहेगा।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता होगी कि इंजीनियर संवर्ग की समस्याओं को संगठित रूप से उठाया जाए, पदोन्नति, कार्यस्थल सुरक्षा और पेशेवर सम्मान जैसे मुद्दों पर ठोस पहल की जाए और शासन के साथ संवाद को मजबूत बनाया जाए।
🔴 प्रशासन और समाज के लिए संदेश
Muzaffarnagar Engineers Meeting केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक संदेश बनकर सामने आया। तकनीकी अधिकारियों की भूमिका विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं में बेहद अहम है। ऐसे में उनके कार्यक्षेत्र और गरिमा की रक्षा करना न केवल संगठन, बल्कि शासन की भी जिम्मेदारी है।
स्थानीय स्तर पर इस बैठक को इंजीनियरों की सामूहिक आवाज के रूप में देखा जा रहा है, जिसने यह संकेत दिया है कि तकनीकी समुदाय अपने अधिकारों और कर्तव्यों को लेकर सजग और संगठित है।
मुजफ्फरनगर में आयोजित यह बैठक आने वाले दिनों में इंजीनियर संवर्ग के लिए नई दिशा और नई ऊर्जा का स्रोत बन सकती है। संगठनात्मक एकता, पेशेवर सम्मान और तकनीकी जिम्मेदारियों की रक्षा को लेकर उठी यह आवाज न केवल जिले, बल्कि पूरे प्रदेश में डिप्लोमा इंजीनियरों के भविष्य को आकार देने वाली मानी जा रही है।
