Muzaffarnagar में उद्योग जगत की एक अहम बैठक ने स्थानीय उद्योगों के भविष्य और श्रमिकों के हितों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) की जनरल ब्रेकफास्ट मीटिंग होटल स्वर्ण इन में आयोजित हुई, जिसमें श्रम विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) से जुड़े कई अधिकारी उपस्थित थे। यह बैठक उन उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई, जो श्रम और ईएसआई योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ सरकार की नीतियों को समझना चाहते हैं।
बैठक का शुभारंभ आईआईए मुजफ्फरनगर चैप्टर के चेयरमैन पवन कुमार गोयल ने किया, जिन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पकली देकर किया। पवन गोयल ने बताया कि यह बैठक उद्योगों के लिए एक बेहतरीन अवसर है, जिसमें श्रम विभाग और ईएसआई योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है, जो न केवल उद्योगों के लिए बल्कि उनके कर्मचारियों के लिए भी लाभकारी साबित हो सकती हैं।
महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा
पवन गोयल ने आगे बताया कि आगामी 19-21 मार्च 2025 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित “बिल्ड भारत एक्सपो” के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे इस एक्सपो में भाग लें। यह प्रदर्शनी खासतौर पर उन इकाइयों के लिए है, जो अपने उत्पादों को प्रदर्शित करना चाहती हैं और देशभर में अपने नेटवर्क को विस्तार देना चाहती हैं। पवन गोयल ने यह भी बताया कि इस एक्सपो में आईआईए के कई सदस्य अपनी स्टॉल्स लगाएंगे।
श्रम विभाग की भूमिका पर चर्चा
बैठक में श्रम विभाग के असिस्टेंट लेबर कमिश्नर देवेश सिंह ने भी भाग लिया और उद्योगों के लिए श्रम विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग उद्योगों के लिए एक फेसिलिटेटर का काम कर रहा है, जो समस्याओं को सुलझाने में मदद करता है। अगर उद्योगों को कोई समस्या होती है, तो वे सीधे श्रम विभाग से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने श्रमिकों के लिए कई सरकारी योजनाओं के बारे में बताया, जो उनकी भलाई के लिए बनाई गई हैं।
ईएसआई अस्पताल की समस्याओं पर चर्चा
बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया, जब आईआईए मुजफ्फरनगर के सचिव अमित जैन ने डॉ. नितिका सेन से पूछा कि मुजफ्फरनगर में स्थित औद्योगिक इकाइयां हर माह एक बड़ी धनराशि प्रीमियम के रूप में जमा करती हैं, फिर भी यहां की डिस्पेंसरी में दवाई और डॉक्टर की उपलब्धता नहीं है।
इस पर डॉ. हामिद अली खान, मुख्य चिकित्साधिकारी सहारनपुर मंडल, ने समस्या को गंभीरता से सुना और सभी सदस्यों को आश्वासन दिया कि वे सीधे उनसे संपर्क करके शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग हर महीने दो बार जनरल चेक-अप कैम्प आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है और अगर किसी फैक्ट्री में कर्मचारियों के लिए कैंप आयोजित करना चाहते हैं, तो वह सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं और समस्या का समाधान किया जाएगा।
डॉ. हामिद अली खान ने यह भी कहा कि वे उद्योगों के लिए जरूरी मेडिकल सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं और जहां भी कोई कमी हो, उसे शीघ्र सुधारने का प्रयास किया जाएगा।
उद्योगियों का फोकस: स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता
बैठक के दौरान पवन कुमार गोयल ने सभी उद्यमियों से यह अपील की कि वे समय-समय पर सुजरू चुंगी पर स्थित डिस्पेंसरी में जाकर वहां की स्थिति का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि दवाई और डॉक्टर की उपलब्धता हो। यदि किसी तरह की कोई समस्या होती है, तो उद्यमी आईआईए को इसकी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं और आईआईए उस शिकायत को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाकर समस्या का समाधान करवाने का प्रयास करेगा।
बैठक के आयोजन में जिम्मेदारी
बैठक का संचालन आईआईए मुजफ्फरनगर चैप्टर के सचिव अमित जैन, युवा विंग के कोऑर्डिनेटर अमन गुप्ता और जॉइंट कोऑर्डिनेटर राहुल मित्तल ने किया। इस बैठक में विभिन्न उद्योग जगत के प्रमुख उद्यमी और व्यापारी शामिल हुए, जिन्होंने अपने विचार साझा किए और बैठक की सराहना की। इन प्रमुख उद्योगपतियों में नीरज केडिया, पंकज जैन, शरद जैन, सुशील अग्रवाल, उमेश गोयल, कपिल मित्तल, अनन्या गोयल, संदीप जैन, राज शाह, अरविंद मित्तल, एफ.सी. मोगा, प्रीतुल जैन, मोहित गर्ग, वंश संगल, अशोक शाह, अरविंद गुप्ता, शमित अग्रवाल, अनुज कुच्छल, नीतीश वत्स, रविंद्र कुमार जैन, सुधीर अग्रवाल, पंकज मोहन गर्ग, सीए अतुल अग्रवाल, प्रणव गोयल, नमन जैन, आर.के. सैनी, राहुल गुप्ता, सुशील अग्रवाल, मनोज गर्ग, अतुल जैन, आशीष सिंगल, प्रेरक जैन, और विष्णु वाधवा जैसे अनेकों प्रमुख उद्यमी उपस्थित थे।
मुजफ्फरनगर के औद्योगिक क्षेत्र में उभरते अवसर
मुजफ्फरनगर, जो कि उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है, यहां के उद्योगी लगातार उभरते हुए अवसरों का लाभ उठा रहे हैं। जिले में अनेक उद्योग संचालित हो रहे हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहे हैं। इस क्षेत्र में श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाना अत्यंत आवश्यक है।
इस तरह की बैठकें उद्योगों और श्रमिकों के बीच सामंजस्य बढ़ाने के साथ-साथ विकास के नए रास्ते खोलने का काम करती हैं। बैठक में भाग लेने वाले उद्यमियों ने भी इस बैठक के महत्व को समझा और इसे एक शानदार अवसर माना, जहां उन्हें श्रम विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
