श्रावण मास का पावन महीना, शिवभक्तों का उत्साह और तिरंगे की आन-बान-शान… Muzaffarnagar की गलियों में कुछ ऐसा ही अद्भुत नज़ारा देखने को मिल रहा है। इस बार की कांवड़ यात्रा ने केवल धार्मिक नहीं, बल्कि देशभक्ति की भावना को भी पूरी शिद्दत से अभिव्यक्त किया है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर आधारित एक विशेष कांवड़ ने जैसे ही Muzaffarnagar शहर के शिव चौक में कदम रखा, श्रद्धालुओं की आंखों में गर्व और भक्ति के आंसू छलक उठे।


भक्ति में लिपटी देशभक्ति: जब कांवड़ बनी देश के वीरों को समर्पित श्रद्धांजलि

इस अनोखी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कांवड़ की सजावट कुछ अलग ही थी। चारों ओर तिरंगे की रौशनी, सैनिकों के वीरता पूर्ण चित्र, नकली तोप, युद्धक टैंक और भारतीय सेना की झलक देने वाले प्रतीक चिन्ह – मानो यह कांवड़ नहीं, देश की रक्षा में तैनात फौज का छोटा मॉडल हो। कांवड़ में देश के शहीद जवानों को समर्पित एक स्मारक झांकी भी थी, जिस पर लिखा था: “शहीदों को नमन, और शिव को वंदन”।

लोगों ने इस कांवड़ को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया और सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए ‘देशभक्ति की कांवड़’ का नया नाम दे दिया। श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ इस कांवड़ के साथ-साथ चलते नजर आए।


कांवड़ यात्रा में दिखी आधुनिकता और आस्था की शानदार झलक

इस साल की कांवड़ यात्रा पूरी तरह से तकनीक, थीम, श्रद्धा और उत्सव का अद्भुत संगम रही। भव्य झांकियां, डीजे पर नाचते कलाकार, शिव-पार्वती की चल झांकियां, आकाश में तिरंगे की पताकाएं, और सुरक्षा बलों का अनुशासित संचालन – सबकुछ अत्यंत सुव्यवस्थित और भावविभोर करने वाला रहा।

रात को जैसे ही शिव चौक की रौशनी जगमगाती है, मानो पूरा शहर किसी महा-उत्सव में बदल जाता है। कांवड़ियों की टोली एक के बाद एक भव्य झांकी लेकर आती है, जिनमें से कई में कलाकार मुंह से आग निकालते दिखते हैं। शिव की भक्ति में लीन कलाकार डमरू की आवाज़ पर तांडव करते हैं, तो कहीं बैकग्राउंड में “शिव तांडव स्तोत्र” की ध्वनि वातावरण को मंत्रमुग्ध कर देती है।


‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी थीम कांवड़ से युवाओं में जोश और प्रेरणा

इस बार की यात्रा में युवाओं की भागीदारी खास रही। खासकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कांवड़ ने युवाओं को न सिर्फ भक्ति की ओर आकर्षित किया, बल्कि देश के प्रति कर्तव्य और जागरूकता का भाव भी उत्पन्न किया।

स्कूल और कॉलेज के छात्र अपनी टोली के साथ भाग ले रहे हैं, और अपनी कांवड़ को थीम के अनुसार सजाकर ला रहे हैं। किसी ने अपनी कांवड़ को “डिजिटल इंडिया” की थीम दी, तो किसी ने “स्वच्छ भारत अभियान” को प्रस्तुत किया। ऐसे प्रयासों से यह यात्रा सिर्फ धार्मिक आयोजन न होकर सामाजिक जागरूकता का साधन भी बनती जा रही है।


हरिद्वार से गंगाजल लाने वाले कांवड़ियों की लंबी कतारें, पूरा हाईवे हुआ भगवामय

हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकले लाखों कांवड़िए शिवचौक से गुजरते समय रुककर परिक्रमा करते हैं। इस दौरान पूरा हाईवे भगवा रंग में रंगा नजर आता है।

कांवड़ियों की टोलियों में हर आयु वर्ग के भक्त शामिल होते हैं – कोई परिवार के साथ पैदल चल रहा है, तो कोई एकल श्रद्धालु ‘बम-बम भोले’ की गूंज के साथ आगे बढ़ रहा है।

डीजे पर बजते “जय शिव शंकर”, “भोले बाबा पार करेंगे” जैसे भजन भक्तों की थकान हर लेते हैं। शिवचौक पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ डेरा डाले हुए दिखती है, जो हर गुजरती कांवड़ को आशीर्वाद और श्रद्धा से देखती है।


सुरक्षा में तैनात प्रशासनिक अमला, चप्पे-चप्पे पर निगरानी

शहर प्रशासन ने इस यात्रा को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल और महिला पुलिस की तैनाती की गई है। शिवचौक, भगत सिंह मार्ग, हाईवे क्रॉसिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में CCTV से निगरानी की जा रही है।

प्रशासन द्वारा कांवड़ियों के लिए विशेष प्राथमिक उपचार केंद्र, पानी के टैंकर, मोबाइल शौचालय और विश्राम स्थल की व्यवस्था की गई है।

नगर निगम और पुलिस विभाग की टीम लगातार निगरानी रखे हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।


कांवड़ यात्रा बनी सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

कांवड़ यात्रा अब केवल धार्मिक यात्रा नहीं रह गई है। यह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक धरोहर और देशभक्ति की भावना का महापर्व बन चुकी है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी थीम्स ने इसे नई दिशा दी है।

विभिन्न समुदायों के लोग इसमें शामिल होकर सामूहिक रूप से शिवभक्ति करते हैं और देश के प्रति प्रेम जताते हैं। इस यात्रा ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब धर्म और देशप्रेम एक साथ चलते हैं, तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह स्वतः ही होता है।

मुजफ्फरनगर की कांवड़ यात्रा इस बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी थीमों के कारण ऐतिहासिक बन गई है। जहां एक ओर शिवभक्ति का अपार सैलाब देखने को मिला, वहीं देशभक्ति की भावना ने इस यात्रा को और भी गौरवशाली बना दिया। ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता, एकता और श्रद्धा का संदेश देने में सक्षम हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *