Muzaffarnagar में आगामी पर्व, मेला, और मीरापुर विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शांति बनाए रखने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मेरठ जोन, ध्रुवकांत ठाकुर ने पुलिस अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य कानून व्यवस्था की समीक्षा करना और आगामी घटनाओं के दौरान हर स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।

सख्त निर्देश: आगामी पर्वों और उपचुनावों के लिए तैयारियां

मुजफ्फरनगर जिले में आगामी छठ पूजा, कार्तिक गंगा स्नान मेला और मीरापुर विधानसभा उपचुनाव को शांतिपूर्वक और बिना किसी अव्यवस्था के सम्पन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। एडीजी ध्रुवकांत ठाकुर द्वारा पुलिस अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई और विशेष ध्यान इस बात पर दिया गया कि इन महत्वपूर्ण अवसरों पर कोई भी अव्यवस्था न हो।

उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए कि सभी प्रकार के अपराधों को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय रूप से कार्यवाही की जाए। इसके साथ ही पर्वों के दौरान लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाए और हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए।

मीरापुर विधानसभा उपचुनाव: सतर्कता और निगरानी पर जोर

मीरापुर विधानसभा उपचुनाव के चलते क्षेत्र में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त उपाय किए जाएंगे। एडीजी ने बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संदर्भ में, पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे क्षेत्र के टॉप-10 अपराधियों पर नजर रखें और उनकी गतिविधियों की सख्ती से निगरानी करें। इसके साथ ही, असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से शराब, खनन, पशु तस्करी और हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए भी कहा गया। इसके अलावा, महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, यूपी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न सुरक्षा कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का आदेश दिया गया।

महिला सुरक्षा और जागरूकता अभियान

महिला सुरक्षा के लिए यूपी पुलिस द्वारा शुरू किए गए कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया। एडीजी ध्रुवकांत ठाकुर ने महिला आरक्षियों और अन्य पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि वे स्कूल, कॉलेज, और कोचिंग संस्थानों में जाकर महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाएं। साथ ही, उन्हें यूपी पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हेल्पलाइनों, जैसे वूमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी जानकारी दें।

इसके अलावा, महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानित बनाने के लिए पुलिस विभाग ने कई जागरूकता सत्रों और गोष्ठियों का आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा संबंधित सेवाओं का पूरा लाभ दिलाना और उन्हें खुद के अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।

थाना पर शालीनता और सेवा का माहौल

एडीजी ने पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि थाने में आने वाले फरियादियों के साथ शालीनता से पेश आएं। उनका मानना था कि आम जनता को थाने में बिना किसी डर के अपनी शिकायतें दर्ज कराने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि थानों में स्वच्छता का ध्यान रखा जाए और पेयजल, प्रसाधन सुविधाओं की अच्छी व्यवस्था की जाए, ताकि फरियादी बिना किसी असुविधा के अपनी शिकायतें निस्तारित कर सकें।

पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे फरियादियों के मामलों का निपटारा त्वरित और निष्पक्ष तरीके से करें। एडीजी का यह मानना था कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा करना है और इसके लिए जरूरी है कि थानों में अच्छे माहौल का निर्माण किया जाए।

अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

एडीजी ध्रुवकांत ठाकुर ने बैठक में यह भी निर्देश दिया कि उन सभी लंबित विवेचनाओं, विशेष रूप से एससी/एसटी एक्ट, महिला संबंधी अपराध, और पोक्सो एक्ट से संबंधित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अवैध शराब, जुआ, सट्टा और मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस को कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा गया। एडीजी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे इन अपराधों में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ अभियान चला कर उन्हें सख्त सजा दिलवाएं।

समग्र पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा

इस बैठक में पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि डायल 112 के तहत पुलिस पेट्रोलिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जाए और पीआरवी वाहनों के रूट की समीक्षा कर नियमित पेट्रोलिंग की जाए। यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भी यातायात प्रभारी को दिशा-निर्देश दिए गए।

एडीजी द्वारा दिए गए निर्देशों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आगामी पर्वों और मीरापुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान जनपद में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को यह भी बताया कि आदर्श आचार संहिता का पालन करना अनिवार्य है और इस पर पूरी तरह से ध्यान दिया जाएगा।

मुजफ्फरनगर में आगामी पर्वों, मेलों और उपचुनावों को सकुशल और शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। एडीजी ध्रुवकांत ठाकुर के द्वारा दिए गए निर्देशों से यह साफ जाहिर होता है कि इस बार पुलिस पूरी सतर्कता के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, बल्कि समाज में अपराधों पर काबू पाना और लोगों के बीच सुरक्षा का विश्वास कायम करना भी है।



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