Muzaffarnagar agriculture e-lottery के माध्यम से जिले में खेती के आधुनिक युग की एक नई तस्वीर उभरती दिखाई दी, जब विकास भवन सभागार में किसानों के लिए कृषि यंत्रों पर अनुदान के चयन की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई। उत्तर प्रदेश कृषि निदेशालय, लखनऊ से प्राप्त दिशा-निर्देशों के तहत जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी श्री कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने की। इस पहल का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना और खेती को लाभकारी बनाना है।


🔴 विकास भवन में ई-लॉटरी का आयोजन, किसानों में उत्साह

विकास भवन सभागार उस समय किसानों और अधिकारियों की मौजूदगी से गुलजार हो उठा, जब वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कृषि यंत्रों पर अनुदान पाने वाले किसानों के चयन हेतु ई-लॉटरी की प्रक्रिया शुरू हुई। इस डिजिटल प्रणाली के जरिए उन सभी किसानों का चयन किया गया, जिन्होंने पहले ही ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से आवेदन किया था।

ई-लॉटरी प्रणाली ने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया, जिससे किसानों के बीच विश्वास का माहौल बना। जैसे ही लॉटरी पूरी हुई, चयनित और प्रतीक्षारत किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर स्वतः संदेश भेज दिया गया।


🔴 आधुनिक कृषि यंत्रों की लंबी सूची, खेती को मिलेगा तकनीकी बल

Muzaffarnagar agriculture e-lottery के तहत जिन कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है, उनमें सुपर सीवर, कस्टम हायरिंग सेंटर, एम.बी. प्लाउ, सीड ड्रिल, रीपर कम बाइंडर और ऑयल मिल विद फिल्टर प्रेस जैसे आधुनिक उपकरण शामिल हैं। ये यंत्र न केवल खेती की गति को तेज करेंगे, बल्कि किसानों की मेहनत और लागत दोनों को कम करने में भी मददगार साबित होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन यंत्रों के इस्तेमाल से फसल की बुआई, कटाई और प्रसंस्करण की प्रक्रिया अधिक सटीक और समयबद्ध हो सकेगी, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार होगा।


🔴 ऑनलाइन चयन और समयसीमा का नियम

चयन प्रक्रिया के बाद किसानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने बिल संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। यदि किसी कारणवश चयनित किसान तय अवधि में दस्तावेज अपलोड नहीं करता, तो स्वतः प्रतीक्षारत किसान का चयन हो जाएगा।

यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि अनुदान का लाभ किसी भी स्थिति में पात्र और इच्छुक किसान तक पहुंचे और योजना का उद्देश्य पूरा हो।


🔴 अधिकारियों की मौजूदगी, प्रशासनिक समर्थन का संदेश

इस कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक श्री प्रमोद सिरोही, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी के प्रतिनिधि, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक और पीएनबी के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। अधिकारियों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि यदि किसी भी चयनित किसान को किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे उप कृषि निदेशक कार्यालय, मुजफ्फरनगर से संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।


🔴 किसानों की प्रतिक्रिया, उम्मीदों की नई फसल

Muzaffarnagar agriculture e-lottery के बाद किसानों के चेहरों पर उम्मीद की चमक साफ दिखाई दी। कई किसानों ने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्र उनके लिए एक सपना थे, जो अब सरकार की इस योजना से साकार होने जा रहे हैं। छोटे और मध्यम किसानों के लिए यह अनुदान खेती को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों ने बताया कि पहले उन्हें महंगे किराये पर मशीनें लेनी पड़ती थीं या फिर परंपरागत तरीकों से खेती करनी पड़ती थी, जिससे समय और मेहनत दोनों अधिक लगते थे। अब आधुनिक उपकरणों से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।


🔴 डिजिटल व्यवस्था और पारदर्शिता की मिसाल

ई-लॉटरी और ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली ने इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। इससे न केवल भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम हुई हैं, बल्कि किसानों को भी यह भरोसा मिला है कि चयन निष्पक्ष तरीके से हो रहा है।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में और भी योजनाओं को इसी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, ताकि किसानों को सुविधाएं घर बैठे मिल सकें।


🔴 खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर

आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल से न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कस्टम हायरिंग सेंटर जैसे मॉडल से किसान अपने उपकरण दूसरों को किराये पर देकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं।

इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और गांवों में तकनीकी कौशल का विकास होगा, जो लंबे समय में जिले की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगा।


🔴 सरकार की दीर्घकालिक योजना

उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल केवल अनुदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती की ओर प्रेरित करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम, तकनीकी सहायता और वित्तीय सहयोग के जरिए खेती को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

Muzaffarnagar agriculture e-lottery इसी व्यापक नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।


🔴 आगे की राह, खेती में नई दिशा

आने वाले महीनों में जब चयनित किसान अपने खेतों में इन आधुनिक यंत्रों का इस्तेमाल करेंगे, तब इसका प्रभाव जिले की खेती पर साफ नजर आएगा। उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ समय की बचत और लागत में कमी किसानों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगी।

प्रशासन का कहना है कि योजना की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि हर पात्र किसान तक इसका लाभ पहुंच सके।


मुजफ्फरनगर में आयोजित कृषि ई-लॉटरी कार्यक्रम केवल एक चयन प्रक्रिया नहीं, बल्कि खेती के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम बनकर सामने आया है। आधुनिक यंत्रों, डिजिटल पारदर्शिता और प्रशासनिक सहयोग के इस संगम से जिले की कृषि व्यवस्था एक नए युग में प्रवेश करती दिखाई दे रही है, जहां मेहनत के साथ तकनीक भी किसानों की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।



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