पश्चिमी उत्तर प्रदेश का धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र Muzaffarnagar इन दिनों एक भव्य आयोजन की तैयारियों में डूबा हुआ है। भरतिया कॉलोनी स्थित श्री गणपति खाटू श्याम मंदिर में इस बार 27 अगस्त से 6 सितम्बर तक गणपति उत्सव 2025 पूरे उल्लास और आस्था के साथ मनाया जाएगा। मंदिर परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान समाजसेवी भीमसैन कंसल, अशोक गर्ग, अनिल गोयल और संजय मित्तल ने बताया कि उत्सव की शुरुआत बुधवार, 27 अगस्त की सुबह 4 बजे गणपति बप्पा के मंगल अभिषेक से होगी। इसके बाद सुबह 10 बजे से शहर में गणपति बप्पा की शानदार रथयात्रा निकाली जाएगी।
भव्य गणपति रथयात्रा बनेगी आकर्षण का केंद्र
इस बार की शोभायात्रा खास होने वाली है। भगवान गणपति बप्पा स्वर्ण रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। शोभायात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर गुड़ मंडी, राजवाहा रोड, मुनीम कॉलोनी, नई मंडी बड़े डाकखाने, गौशाला रोड, नंदी स्वीट्स, पुरानी मंडी, पीठ बाजार, बिंदल बाजार, वकील रोड, चौड़ी गली, भोपा पुल होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंचेगी।
इस रथयात्रा में 12 झांकियां, 4 बैंड, 2 ढोल, 2 ताशे, 2 भव्य रथ और आतिशबाजी शामिल होंगी। भक्तगण पूरे उत्साह के साथ नृत्य और भजन-कीर्तन करेंगे। विशेष आकर्षण राष्ट्रभक्त शिवाजी महाराज की भव्य झांकी होगी, जो देशभक्ति और सांस्कृतिक समरसता का संदेश देगी।
विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम
श्री गणपति खाटू श्याम मंदिर परिसर में 28 अगस्त से 4 सितम्बर तक हर शाम अलग-अलग सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें भजन संध्या, कथा वाचन, नृत्य प्रस्तुतियां और झांकी प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम होंगे।
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5 सितम्बर को विशाल हवन-पूजन आयोजित होगा।
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6 सितम्बर को श्रद्धालुओं के साथ गणपति बप्पा का भव्य विसर्जन हरिद्वार में गंगा तट पर किया जाएगा।
नगर निगम से की गई अपील
समिति के पदाधिकारियों ने नगर पालिका और जिला प्रशासन से अपील की है कि वे शहर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में सहयोग दें, ताकि श्रद्धालु निर्बाध रूप से उत्सव का आनंद ले सकें। इस अवसर पर नगर की सड़कों को विशेष रूप से सजाया जाएगा और साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाएगा।
सामाजिक एकता और श्रद्धा का संगम
गणपति उत्सव सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और भाईचारे का भी अद्भुत उदाहरण है। शहर के विभिन्न समाजसेवी संगठन और व्यापारी भी इस आयोजन में सहयोग कर रहे हैं। यह उत्सव व्यापारियों के लिए भी खास होता है, क्योंकि बड़ी संख्या में भक्तगण बाजारों में खरीदारी करते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है।
समिति के प्रमुख सदस्य और आयोजन में भागीदारी
प्रेसवार्ता के दौरान चाचा जे.पी. गोयल, कैलाश चन्द ज्ञानी, सोमप्रकाश कुच्छल, अंबरीश सिंघल, विनोद राठी, बिजेंद्र रानो, विकास अग्रवाल, प्रतीक कंसल, रजत राठी, नीरज गोयल, अमित गोयल, नवीन अग्रवाल, रजत गोयल, शुभम तायल, अंकित अग्रवाल, नवनीत गुप्ता, विशाल गर्ग और यश गर्ग सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर भक्तों से अनुरोध किया कि वे उत्सव में शामिल होकर आस्था और उल्लास की इस धारा में योगदान दें।
गणपति उत्सव 2025: धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर
गणपति उत्सव न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि अब पूरे देश में बड़े स्तर पर मनाया जाने लगा है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। मुजफ्फरनगर का यह आयोजन पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा गणपति उत्सव बनकर उभरा है। इस आयोजन से न सिर्फ धार्मिक ऊर्जा का संचार होता है, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और प्रेम की भावना भी बढ़ती है।
मुजफ्फरनगर में होने वाला गणपति उत्सव 2025 आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक धरोहर का अद्भुत संगम बनने जा रहा है। स्वर्ण रथ यात्रा, भव्य झांकियों, भजन-संध्या और हरिद्वार में गंगा तट पर विसर्जन जैसे आयोजनों से यह उत्सव ऐतिहासिक बनने वाला है। भक्तगणों के लिए यह अवसर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी अमिट छाप छोड़ेगा।