Muzaffarnagar की सियासत मंगलवार को उस समय गर्मा गई जब नगीना से सांसद और आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक लिया। वह मेरठ के ज्वाला गढ़ गांव में हुए सोनू कश्यप हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन उन्हें मुजफ्फरनगर के भोपा पुल के पास रोक दिया गया। इस घटनाक्रम ने पूरे जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज कर दी।


🔴 ज्वाला गढ़ हत्याकांड से उपजा जनआक्रोश

मेरठ के ज्वाला गढ़ गांव में सोनू कश्यप की जिंदा जलाकर हत्या ने प्रदेश भर में गुस्सा भड़का दिया है। यह मामला केवल एक हत्या नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और कानून व्यवस्था की परीक्षा बन गया है। पीड़ित परिवार और समाज के लोग लगातार आरोपियों को फांसी देने, परिवार को मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इसी सिलसिले में Chandrashekhar Azad Muzaffarnagar पहुंचे थे, ताकि पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें न्याय का भरोसा दिला सकें।


🔴 बीच सड़क पर काफिला रोका, ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर नाकेबंदी

मुजफ्फरनगर में भोपा पुल स्थित नवीन पेट्रोल पंप के पास पुलिस ने अचानक चंद्रशेखर आज़ाद के काफिले को रोक दिया। सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया गया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। Chandrashekhar Azad Muzaffarnagar में रोके जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “चुनाव के वक्त तो हर कोई वोट मांगने पहुंच जाता है, लेकिन जब किसी परिवार पर दुख टूटता है, तब कौन उनके साथ खड़ा होता है? शायद अब मैं राजनीतिक अछूत बन गया हूं।”


🔴 पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर

सूचना मिलते ही मौके पर वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए। घटनास्थल पर
सीओ सिटी सिद्धार्थ मिश्रा,
सीओ नई मंडी राजू कुमार साव,
सीओ जानसठ रूपाली राव,
और थाना सिविल लाइन प्रभारी आशुतोष कुमार सहित कई थानों का फोर्स मौजूद रहा।

पुलिस अधिकारियों का कहना था कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते यह कदम उठाया गया है। उन्हें डर था कि चंद्रशेखर आज़ाद के पहुंचने से बड़ी भीड़ जुट सकती है और हालात बिगड़ सकते हैं।


🔴 पीडब्ल्यूडी गेस्टहाउस में हुई अहम वार्ता

स्थिति को शांत करने के लिए Chandrashekhar Azad Muzaffarnagar और पुलिस प्रशासन के बीच लोक निर्माण विभाग के गेस्टहाउस में बातचीत हुई। इस बैठक में सांसद ने साफ शब्दों में कहा कि सोनू कश्यप के परिवार को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार की मांगों को वह सरकार और उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।


🔴 राजनीतिक और सामाजिक संदेश

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा संदेश दिया है कि समाज के कमजोर और पीड़ित वर्ग की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। Chandrashekhar Azad Muzaffarnagar में भले ही रोके गए, लेकिन सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर उठी आवाज और तेज हो गई है।

लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना जरूरी है ताकि न्याय की लड़ाई कमजोर न पड़े।


🔴 आगे क्या होगा

फिलहाल पुलिस-प्रशासन और राजनीतिक दलों की निगाहें ज्वाला गढ़ हत्याकांड पर टिकी हैं। आरोपियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की प्रक्रिया ही तय करेगी कि सरकार और प्रशासन इस संवेदनशील मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं।


Chandrashekhar Azad Muzaffarnagar में रोके जाने की घटना ने सोनू कश्यप हत्याकांड को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। पीड़ित परिवार को न्याय और दोषियों को सजा दिलाने की मांग अब केवल एक गांव की नहीं, बल्कि पूरे समाज की आवाज बन चुकी है।



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