Muzaffarnagar fake Aadhaar motorcycle scam ने जिले में अपराध की एक संगठित और तकनीकी रूप से संचालित साजिश को उजागर कर दिया है। थाना नई मंडी पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर चोरों के गिरोह के साथ मिलकर चोरी की मोटरसाइकिलों को बेचने के लिए फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज तैयार करता था। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त लैपटॉप और प्रिंटर भी बरामद किए हैं, जिससे इस पूरे नेटवर्क की गहराई और तकनीकी तैयारी का अंदाजा लगाया जा रहा है।


🔴 मुखबिर की सूचना से खुला राज, जाल बिछाकर गिरफ्तारी

प्रभारी निरीक्षक थाना नई मंडी के निर्देशन में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि जौली रोड कूकड़ा स्थित एक पीएनबी जन सेवा केंद्र की दुकान पर चोरी की मोटरसाइकिलों को बेचने के लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार किए जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल योजना बनाई और बताए गए स्थान पर दबिश दी।

पुलिस ने मौके से प्रकाश उर्फ चिराग उर्फ बेबी पुत्र राजेंद्र सिंह, निवासी भरतिया कॉलोनी, थाना नई मंडी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक लैपटॉप और प्रिंटर बरामद किया गया, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार करने में किया जाता था।


🔴 पीएनबी जन सेवा केंद्र की आड़ में चल रहा था फर्जीवाड़ा

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह एक पीएनबी जन सेवा केंद्र चलाता था। इसी केंद्र की आड़ में वह अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। आरोपी के अनुसार, उसके कुछ दोस्तों का एक गिरोह था, जो अलग-अलग इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी करता था।

चोरी के बाद गिरोह आरटीओ एप के माध्यम से वाहन मालिक का नाम और पता निकालता था। इसके बाद उसी पते का इस्तेमाल कर फर्जी आधार कार्ड बनाए जाते थे, जिनमें वाहन मालिक की जगह आरोपी के साथियों की तस्वीर लगाई जाती थी। इन फर्जी पहचान पत्रों के सहारे चोरी की मोटरसाइकिलें लोगों को धोखाधड़ी से बेच दी जाती थीं।


🔴 तकनीक के सहारे अपराध का नेटवर्क

Muzaffarnagar fake Aadhaar motorcycle scam यह दिखाता है कि किस तरह तकनीक का गलत इस्तेमाल कर अपराधी अपने नेटवर्क को मजबूत बना रहे हैं। आरटीओ एप से वाहन मालिक की जानकारी निकालना और फिर उसी डेटा का उपयोग कर फर्जी पहचान पत्र बनाना एक सुनियोजित और तकनीकी साजिश का हिस्सा था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में न केवल चोरी और धोखाधड़ी का अपराध बनता है, बल्कि पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जालसाजी एक गंभीर कानूनी अपराध है, जिसके तहत सख्त कार्रवाई की जाती है।


🔴 पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि उसके दोस्त चोरी की मोटरसाइकिलें बेचकर अच्छा पैसा कमाते थे और उसे भी इस काम के बदले मोटी रकम दी जाती थी। फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज तैयार करना उसके लिए एक नियमित काम बन गया था।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और अब तक कितनी मोटरसाइकिलें इस तरीके से बेची जा चुकी हैं।


🔴 पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका

इस पूरे अभियान में थाना नई मंडी पुलिस की टीम की अहम भूमिका रही। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह, समय सिंह, हेड कांस्टेबल सचिन कुमार और कांस्टेबल आशीष कुमार शामिल थे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है।


🔴 आम जनता के लिए चेतावनी

पुलिस ने इस घटना के बाद आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी वाहन को खरीदते समय उसके दस्तावेजों की पूरी तरह जांच करें। केवल आधार कार्ड या पहचान पत्र देखकर भरोसा न करें, बल्कि आरटीओ रिकॉर्ड, वाहन नंबर और मालिकाना हक की पुष्टि अवश्य करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचे गए वाहन बाद में कानूनी विवाद में फंस सकते हैं, जिससे खरीदार को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।


🔴 जिले में अपराध पर लगाम की कोशिश

Muzaffarnagar fake Aadhaar motorcycle scam का खुलासा पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के संगठित अपराधों पर लगाम लगाने के लिए लगातार निगरानी और सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस फर्जीवाड़े में किसी और संस्थान या व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है। जरूरत पड़ने पर साइबर विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है।


🔴 दस्तावेज जालसाजी के बढ़ते मामले

हाल के वर्षों में फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्रों के इस्तेमाल के मामले देशभर में बढ़े हैं। ऐसे मामलों में अपराधी न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सुरक्षा और पहचान प्रणाली पर भी सवाल खड़े करते हैं।

Muzaffarnagar fake Aadhaar motorcycle scam इस बात का उदाहरण है कि कैसे छोटे स्तर से शुरू हुआ फर्जीवाड़ा एक बड़े नेटवर्क का रूप ले सकता है, यदि समय रहते उस पर कार्रवाई न की जाए।


🔴 पुलिस की सख्त चेतावनी

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चोरी, धोखाधड़ी और दस्तावेज जालसाजी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि समाज में अपराध के प्रति भय और कानून के प्रति सम्मान बना रहे।




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