मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar)पुलिस की सटीक रणनीति और मुस्तैदी ने फिर एक बार साबित कर दिया कि अपराधियों के लिए अब उत्तर प्रदेश की ज़मीन नहीं रही सुरक्षित। मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र में बीती रात एक हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब पुलिस और अपराधियों के बीच ज़बरदस्त मुठभेड़ हुई। पुलिस अधीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन के तहत यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

घटनाक्रम: सूचना मिली, जाल बिछाया गया और फिर चली गोलियां

मंसूरपुर पुलिस को रात लगभग 12 बजे गुप्त सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति एक वैगनआर कार में इलाके में घूम रहे हैं। बताया गया कि यह वही बदमाश हैं जिन्होंने सुबह जिले के कई थाना क्षेत्रों में लूटपाट की वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी।

जैसे ही संदिग्ध कार को रोका गया, उसमें सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा लिया और मुठभेड़ में तीनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी।

पकड़े गए अपराधी: दिल्ली से आए थे लूटपाट करने

घायल बदमाशों की पहचान दिल्ली निवासी राजेश पुत्र रामकिशोर, अभि कुमार पुत्र रामकुमार और साहिल पुत्र इशाक के रूप में हुई है। इन तीनों को तत्काल पकड़ कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, यह सभी पहले भी विभिन्न आपराधिक मामलों में शामिल रह चुके हैं और इनके खिलाफ दिल्ली समेत कई जिलों में मामले दर्ज हैं।

बरामद हुआ आपराधिक सामान, खुलासा लूट की कई वारदातों का

पुलिस ने इनके पास से लूटी गई सोने की चेन, तीन मोबाइल फोन, नकदी से भरा पर्स, दो तमंचे, एक मस्कट बंदूक, कारतूस और घटना में प्रयुक्त वैगनआर कार बरामद की है। इतना ही नहीं, पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि यह गैंग और किन किन वारदातों में शामिल रहा है।

ऑपरेशन क्लीन: यूपी पुलिस का नया चेहरा

उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की सख्ती के चलते ऑपरेशन क्लीन जैसे अभियानों की शुरुआत की गई है। पुलिस अधीक्षक संजय कुमार की निगरानी में जिलेभर में लगातार अपराधियों की धरपकड़ की जा रही है। पिछले कुछ महीनों में अपराध के ग्राफ में गिरावट देखी गई है, जो इस ऑपरेशन की सफलता का संकेत है।

CO खतौली रामाशीष यादव ने दी जानकारी

खतौली के क्षेत्राधिकारी रामाशीष यादव ने मीडिया को बताया कि “घायल बदमाशों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी पूरी मेडिकल जांच करवाई जा रही है। इनके आपराधिक इतिहास की गहनता से जांच की जा रही है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अपराध की जड़ तक पहुंचकर उसे खत्म किया जाए।”

दिल्ली कनेक्शन: महानगर से आकर जिले में फैलाई दहशत

यह तीनों अपराधी मूलतः दिल्ली के निवासी हैं और वहां पर भी लूटपाट, चोरी, हथियार रखने जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त रह चुके हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या यह कोई बड़ी गैंग का हिस्सा हैं।

लोकल पुलिस की तत्परता बनी चर्चा का विषय

मंसूरपुर थाना पुलिस की सतर्कता और तेज कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अब अपराधियों को कोई भी छूट नहीं मिलेगी। पुलिस की तत्परता के चलते एक बड़ा अपराध होते-होते टल गया। इलाके के स्थानीय लोग भी पुलिस की इस कार्यशैली से काफी संतुष्ट नजर आ रहे हैं।

जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ

यह मुठभेड़ इस बात का संकेत है कि अगर कोई अपराध करने की कोशिश करेगा, तो उसे कानून का खौफ झेलना ही पड़ेगा। जनता भी अब पुलिस की कार्रवाई से उत्साहित है और अपराधियों को सख्त सजा की मांग कर रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और प्रशासन की सजगता

घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल है। सूत्रों के अनुसार, जिले के आला अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक आपात बैठक भी की, जिसमें ऑपरेशन क्लीन को और अधिक तीव्र बनाने पर सहमति बनी। राज्य सरकार भी इन कार्रवाइयों पर नजर बनाए हुए है और लगातार रिपोर्ट ली जा रही है।

पुलिस की अपील: जनता सतर्क रहे, सहयोग करें

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इससे न केवल अपराध को रोका जा सकता है, बल्कि अपराधियों की गिरफ्तारी भी संभव है।


मुजफ्फरनगर में देर रात हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराधियों के लिए अब उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं। ऑपरेशन क्लीन जैसी सख्त मुहिम का ही नतीजा है कि अब अपराधी पकड़े जा रहे हैं और जनता को सुरक्षा का भरोसा मिल रहा है।

 



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