Muzaffarnagar जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय शातिर चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जिनमें से दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। इस कार्रवाई के बाद अपराध जगत में हड़कंप मच गया है।
🔴 अपराध विरोधी अभियान में बड़ी कार्रवाई
यह मुठभेड़ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अपराध विरोधी अभियान के अंतर्गत हुई। ऑपरेशन का पर्यवेक्षण पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के मिश्रा तथा प्रभारी निरीक्षक आशुतोष कुमार द्वारा किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से विभिन्न जनपदों में चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
🔴 7 फरवरी की चोरी से खुली कड़ी
थाना सिविल लाइन क्षेत्र में 7 फरवरी को त्यागी धर्मशाला के पास खड़ी एक कार का शीशा तोड़कर नगदी चोरी की घटना सामने आई थी। इस वारदात के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य एक बार फिर किसी बड़ी वारदात की फिराक में इलाके में घूम रहे हैं।
🔴 मुठभेड़ में दो बदमाश घायल
सूचना के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। मुठभेड़ के दौरान दो अभियुक्तों को गोली लगी, जबकि तीसरे आरोपी को मौके से दबोच लिया गया।
घायल अभियुक्तों में शशि कपूर पुत्र जगमोहन शामिल है, जिसे गोली लगी है। तीसरे आरोपी की पहचान दिलीप उर्फ होलू पुत्र किशन के रूप में हुई है।
🔴 अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
मुठभेड़ के बाद घायल अभियुक्तों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
🔴 हथियार, नकदी और बाइक बरामद
Muzaffarnagar News police encounter की इस कार्रवाई में पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से:
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40,000 रुपये नगद
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02 तमंचे 315 बोर
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02 जिंदा कारतूस
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02 खोखा कारतूस
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बिना नंबर प्लेट की एक पल्सर मोटरसाइकिल
बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह नकदी चोरी की रकम का हिस्सा है।
🔴 वारदातों का कबूलनामा
प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 7 फरवरी को त्यागी धर्मशाला के पास कार का शीशा तोड़कर करीब 50 हजार रुपये चोरी किए थे। इसके अलावा उन्होंने मेरठ जनपद में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूली है।
पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ के समय आरोपी एक और वारदात की योजना बना रहे थे।
🔴 लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों पर मेरठ, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर और हरियाणा सहित अन्य राज्यों में लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं।
तीनों आरोपी पेशेवर अपराधी बताए जा रहे हैं, जो लंबे समय से संगठित गिरोह के रूप में सक्रिय थे।
🔴 पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस साहसिक कार्रवाई को अंजाम देने वाली सिविल लाइन पुलिस टीम में:
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उपनिरीक्षक सतेन्द्र सिंह
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उपनिरीक्षक प्रशांत कुमार गिरि
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उपनिरीक्षक खुशीलाल
सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
🔴 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दी बधाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने इस सफल ऑपरेशन के लिए पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
मुजफ्फरनगर में हुई यह मुठभेड़ पुलिस की सक्रियता और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। अंतर्राज्यीय गिरोह के पकड़े जाने से न सिर्फ चोरी की वारदातों पर लगाम लगेगी, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत होगा। पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है।
