Muzaffarnagar Pensioners Protest के तहत शहर का माहौल पूरी तरह पेंशनर्स की आवाज़ से गूंज उठा। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ संगठित होकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपनी लंबित और संवेदनशील मांगों को मजबूती से उठाया। मुजफ्फरनगर के पटेल नगर स्थित टेलीफोन एक्सचेंज परिसर में आयोजित इस धरने में बीएसएनएल पेंशनर्स एसोसिएशन और विभिन्न पेंशनर्स संगठनों के सैकड़ों सदस्य शामिल हुए।
🔴 पेंशन वैलिडेशन अधिनियम वापसी की मांग तेज
धरने का मुख्य मुद्दा पेंशन वैलिडेशन अधिनियम को पूरी तरह वापस लेने की मांग रहा। पेंशनर्स का कहना है कि यह अधिनियम उनके संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार करता है। Muzaffarnagar Pensioners Protest में वक्ताओं ने साफ शब्दों में कहा कि वर्षों की सेवा के बाद मिलने वाली पेंशन कोई दया नहीं, बल्कि अर्जित अधिकार है, जिसे किसी भी प्रकार के वैलिडेशन के नाम पर कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।
🔴 8वें वेतन आयोग की संदर्भ शर्तों में संशोधन पर जोर
धरने में शामिल पेंशनर्स ने 8वें वेतन आयोग की संदर्भ शर्तों में संशोधन की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि पूर्व के वेतन आयोगों में पेंशनर्स के हितों की अनदेखी होती रही है। अब समय आ गया है कि नए वेतन आयोग में पेंशन रिवीजन, फिटमेंट फैक्टर और महंगाई राहत जैसे मुद्दों को स्पष्ट और न्यायसंगत रूप से शामिल किया जाए।
🔴 सभा की अध्यक्षता और संगठनों की भूमिका
इस विशाल धरने की अध्यक्षता मोहम्मद इस्राइल ने की, जो एआईबीडीपीए के सर्कल अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। फोरम ऑफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में बीएसएनएल पेंशनर्स एसोसिएशन के साथियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
🔴 नेताओं के विचार: आंदोलन जारी रखने का ऐलान
Muzaffarnagar Pensioners Protest के दौरान आर यू सिंह (जिला सचिव एआईबी डीपीए), आदित्य गर्ग (जिला सचिव एसएनपीडब्ल्यूए), एस के त्यागी, नरेंद्र कुमार और जनार्दन शर्मा सहित कई वरिष्ठ पेंशनर्स नेताओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
🔴 पेंशन रिवीजन पर नवीनतम जानकारी
सभा में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रामबीर सिंह ने पेंशन रिवीजन से जुड़ी नवीनतम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विभिन्न स्तरों पर पेंशनर्स संगठनों द्वारा सरकार से वार्ता की जा रही है और आगे की रणनीति क्या होगी। उनके संबोधन ने पेंशनर्स में नई ऊर्जा का संचार किया।
🔴 सैकड़ों पेंशनर्स की एकजुटता, मजबूत संदेश
Muzaffarnagar Pensioners Protest में मुकेश शर्मा, ओंकार शर्मा, एन डी त्यागी, धर्मपाल, यू सी शर्मा, मंजू, रामानन्द शर्मा, वाइ एन त्रिपाठी, एस के शुक्ला, बाबूराम, वीरेंद्र सैनी, जे पी गुप्ता, देवेन्द्र वर्मा, आर पी शर्मा, सतीश कुमार, खेमचंद, जय सिंह, मदन लाल, तेजपाल, हरिश्चंद्र, सुरेश शर्मा, आर डी रावत, जय किशन, आदिल, रामबली, सईद अहमद, राधेश्याम सैनी, बोध राज, रामावतार, बी डी त्यागी, रमाकांत, भगवान दास, चन्द्रपाल, के पी मलिक सहित लगभग सैकड़ों बीएसएनएल पेंशनर्स मौजूद रहे।
🔴 सामाजिक और आर्थिक सरोकारों से जुड़ा आंदोलन
धरने के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि पेंशन केवल व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्थिरता से जुड़ा मामला है। पेंशनर्स ने कहा कि बढ़ती महंगाई, स्वास्थ्य खर्च और जीवन यापन की चुनौतियों के बीच पेंशन में अनिश्चितता बुजुर्गों के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकती है।
🔴 शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ प्रदर्शन
पूरे Muzaffarnagar Pensioners Protest के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा, लेकिन पेंशनर्स की आवाज़ में दृढ़ता साफ झलक रही थी। नारेबाजी और संबोधनों के माध्यम से सरकार तक स्पष्ट संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया कि पेंशनर्स अपने अधिकारों को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं हैं।
मुजफ्फरनगर में आयोजित यह पेंशनर्स धरना केवल एक दिन का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उस लंबे संघर्ष की झलक है जो देशभर के सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने सम्मानजनक जीवन और आर्थिक सुरक्षा के लिए कर रहे हैं। पेंशन वैलिडेशन अधिनियम और 8वें वेतन आयोग से जुड़ी मांगों ने इस आंदोलन को नई धार दी है, जिससे आने वाले दिनों में सरकार पर दबाव और बढ़ना तय माना जा रहा है।
