Muzaffarnagar pensioners meeting ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर पेंशनर्स की आवाज़ को एक नई मजबूती दी। भोपा रोड स्थित पेंशन भवन में आयोजित गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की मासिक सभा न केवल एक औपचारिक बैठक रही, बल्कि यह मंच पेंशनर्स के अधिकारों, सामाजिक दायित्वों और भविष्य की योजनाओं पर गहन विमर्श का केंद्र बन गया। देशभक्ति के रंग में रंगी इस सभा ने यह संदेश दिया कि सेवा निवृत्त होने के बाद भी समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी कम नहीं होती, बल्कि और भी मजबूत होती है।


🔴 पेंशन भवन में देशभक्ति का माहौल

सभा की शुरुआत राष्ट्रप्रेम के भाव से हुई। वरिष्ठ उपाध्यक्ष इंजी. डी. पी. जैन, अध्यक्षता कर रहे इंजी. आर. के. गोयल और महामंत्री इंजी. डी. के. गुप्ता ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद सभी उपस्थित पेंशनर्स ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया, जिससे पूरा पेंशन भवन देशभक्ति की गूंज से भर उठा।

सभा में सुभाष चंद्र अग्रवाल और वेद प्रकाश सहित कई पेंशनर्स साथियों ने देशभक्ति के तराने गाए। उनके गीतों ने न केवल भावनात्मक माहौल बनाया, बल्कि यह भी याद दिलाया कि पेंशनर्स आज भी राष्ट्र निर्माण की भावना से जुड़े हुए हैं।


🔴 अध्यक्षता और संचालन: अनुभव और नेतृत्व का संगम

सभा की अध्यक्षता इंजी. आर. के. गोयल ने की, जबकि संचालन की जिम्मेदारी महामंत्री इंजी. डी. के. गुप्ता ने संभाली। दोनों नेताओं ने बैठक को व्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण दिशा दी। उन्होंने पेंशनर्स के मुद्दों को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रखते हुए राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में रखने पर जोर दिया।

Muzaffarnagar pensioners meeting में यह स्पष्ट दिखाई दिया कि संगठन केवल समस्याएं उठाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाधान और संवाद की राह पर भी सक्रिय रूप से काम कर रहा है।


🔴 पेंशनर्स की समस्याएं और आठवें वेतन आयोग की चर्चा

वरिष्ठ उपाध्यक्ष इंजी. डी. पी. जैन ने पेंशनर्स से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमाएं और पेंशन से जुड़े प्रशासनिक अड़चनें आज भी कई वरिष्ठ नागरिकों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

रामबीर सिंह ने आठवें वेतन आयोग में पेंशन रिवीजन को शामिल करने के लिए देशभर में चल रहे पेंशनर संगठनों के अभियान की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह केवल एक संगठन की मांग नहीं, बल्कि लाखों पेंशनर्स की साझा आवाज़ है, जो सम्मानजनक जीवन और आर्थिक सुरक्षा की उम्मीद रखते हैं।


🔴 केंद्र सरकार की भूमिका पर चर्चा

इंजी. बी. बी. गुप्ता ने बताया कि भारत सरकार पेंशनर्स की समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में पेंशन से जुड़े कई मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे।

उनके अनुसार, सरकार और संगठनों के बीच संवाद बढ़ने से नीतिगत स्तर पर बदलाव संभव हैं। Muzaffarnagar pensioners meeting में यह बात प्रमुखता से उभरी कि पेंशनर्स केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण की प्रक्रिया में भी अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।


🔴 एकजुटता का आह्वान: ताकत बनता संगठन

इंजी. यू. सी. वर्मा ने सभी पेंशनर्स से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत उसकी संख्या और एकता में होती है। जब सभी पेंशनर्स मिलकर अपनी बात रखते हैं, तभी उनकी आवाज़ शासन और प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचती है।

उनका यह संदेश सभा में मौजूद सभी सदस्यों के लिए प्रेरणादायक रहा। कई वरिष्ठ नागरिकों ने इस बात पर सहमति जताई कि संगठित होकर ही वे अपने अधिकारों और सुविधाओं की रक्षा कर सकते हैं।


🔴 पुरानी पेंशन स्कीम की मांग फिर उठी

सभा की अध्यक्षता कर रहे इंजी. आर. के. गोयल ने वर्ष 2000 के बाद नियुक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए भी पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि नई पेंशन प्रणाली के तहत भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर कर्मचारियों और उनके परिवारों में चिंता बनी रहती है।

उन्होंने यह भी बताया कि गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन केवल पेंशन से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के लिए कई सामाजिक कार्य भी करता है। रक्तदान शिविर, जरूरतमंदों की सहायता और जागरूकता कार्यक्रम जैसे प्रयास संगठन की सामाजिक भूमिका को मजबूत करते हैं।


🔴 दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि

सभा के दौरान उन पेंशनर्स को भी याद किया गया, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। सभी उपस्थित सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत साथियों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। यह क्षण भावनात्मक था और इसने संगठन के भीतर आपसी संबंधों और मानवीय संवेदनाओं को उजागर किया।


🔴 भारी संख्या में पेंशनर्स की भागीदारी

Muzaffarnagar pensioners meeting में बड़ी संख्या में पेंशनर्स ने भाग लिया। प्रमुख रूप से इंजी. सुभाष चंद्र अग्रवाल, योगेश कुमार, आर. के. गोयल, रामबीर सिंह, बी. बी. शर्मा, उमेश चंद वर्मा, विजय मित्तल, बृजमोहन अग्रवाल, आर. सी. बंसल सहित कई वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे।

उनकी उपस्थिति ने यह दिखाया कि पेंशनर्स के बीच संगठन के प्रति विश्वास और सक्रियता लगातार बढ़ रही है।


🔴 सामाजिक मंच के रूप में उभरता पेंशन भवन

भोपा रोड स्थित पेंशन भवन अब केवल बैठकों का स्थान नहीं, बल्कि एक सामाजिक मंच बनता जा रहा है। यहां विचारों का आदान-प्रदान होता है, समस्याओं पर चर्चा होती है और सामूहिक समाधान की दिशा तय की जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मंच वरिष्ठ नागरिकों के मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी हैं। इससे उन्हें समाज से जुड़ाव और सम्मान का अहसास मिलता है।


🔴 कार्यक्रम का समापन और आत्मीयता का संदेश

सभा के अंत में सभी पेंशनर्स के लिए सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था की गई। चाय और हल्के नाश्ते के साथ बातचीत और विचार-विमर्श का सिलसिला चलता रहा। यह अनौपचारिक माहौल संगठन के भीतर आपसी सौहार्द और भाईचारे को और मजबूत करता नजर आया।




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