Muzaffarnagar कचहरी परिसर स्थित एसएसपी कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आरोप था कि जनपद की कई मिलों में आरडीएफ के नाम पर खुलेआम कूड़ा-कचरा जलाया जा रहा है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और आम जनता गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रही है।


🔶 गठवाला खाप की मौजूदगी में गरजा किसान संगठन

इस प्रदर्शन की अगुवाई भाकियू अराजनैतिक के नेता धर्मेन्द्र मलिक के समर्थन में की गई, जबकि धरने में गठवाला खाप के चौधरी बाबा राजेन्द्र मलिक की मौजूदगी ने आंदोलन को और धार दी। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि यह केवल एक संगठन का मुद्दा नहीं, बल्कि जनहित, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है।


🔶 RDF के नाम पर कचरा जलाने का आरोप

Muzaffarnagar pollution protest के केंद्र में RDF यानी रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल का मुद्दा रहा। भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कुछ औद्योगिक इकाइयों और मिलों में RDF के नाम पर प्लास्टिक, रबर और अन्य हानिकारक कचरे को जलाया जा रहा है। इससे निकलने वाला जहरीला धुआं हवा को प्रदूषित कर रहा है, जिसका सीधा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों पर पड़ रहा है।

किसान नेताओं का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण के नियम कागजों में सख्त हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका पालन नहीं हो रहा।


🔶 जनस्वास्थ्य को लेकर उठे सवाल

धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वायु प्रदूषण से दमा, एलर्जी, आंखों में जलन, फेफड़ों की बीमारी और कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है। Muzaffarnagar pollution protest में शामिल लोगों ने प्रशासन और प्रदूषण विभाग से मांग की कि मिलों की नियमित जांच हो, प्रदूषण फैलाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए और जरूरत पड़े तो इकाइयों को बंद किया जाए।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है, जिससे लोगों का प्रशासन से भरोसा कमजोर हो रहा है।


🔶 खाप पंचायत का समर्थन बना ताकत

गठवाला खाप के मुखिया बाबा राजेन्द्र मलिक पहले ही ऐलान कर चुके थे कि इस मुद्दे पर पूरी खाप धर्मेन्द्र मलिक के साथ खड़ी है। इसी समर्थन के चलते Muzaffarnagar pollution protest ने बड़ा रूप ले लिया। खाप प्रतिनिधियों ने साफ कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।


🔶 कचहरी से शहर तक जाम की स्थिति

भाकियू अराजनैतिक के इस विरोध प्रदर्शन का असर पूरे शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ा। कचहरी परिसर, कोर्ट रोड, प्रकाश चौक, महावीर चौक, रेलवे रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर कई घंटे तक जाम लगा रहा। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

Muzaffarnagar pollution protest के चलते पुलिस को जाम खुलवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटों की मेहनत के बाद कहीं जाकर यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।


🔶 पुलिस-प्रशासन पर बढ़ा दबाव

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने एसएसपी कार्यालय पर ज्ञापन देने की बात कही और मांग की कि जिला पुलिस-प्रशासन और प्रदूषण विभाग संयुक्त रूप से इस पूरे मामले की जांच करें। किसानों का कहना था कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भविष्य में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी जा सकती है।


🔶 पर्यावरण बनाम औद्योगिक लापरवाही की बहस तेज

Muzaffarnagar pollution protest ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन कैसे बने। किसान संगठनों का कहना है कि विकास के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


मुजफ्फरनगर में RDF के नाम पर कचरा जलाने के आरोपों को लेकर उठा यह किसान आंदोलन केवल एक धरना नहीं, बल्कि साफ हवा और सुरक्षित जीवन की मांग है। भाकियू अराजनैतिक का यह प्रदर्शन प्रशासन के लिए चेतावनी है कि यदि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की अनदेखी हुई, तो जनआक्रोश और तेज हो सकता है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *