Muzaffarnagar में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा राष्ट्रीय बाल आयोग के निर्देशों पर SSP संजय कुमार वर्मा और SP क्राइम इंदू सिद्धार्थ की अध्यक्षता में पुलिस लाइन सभागार में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई।
इस बैठक का उद्देश्य जिले में महिला एवं बाल सुरक्षा को मजबूत करने, बाल शोषण रोकने, बाल श्रम के उन्मूलन, भिक्षावृत्ति, नशाखोरी एवं अन्य कुप्रवृत्तियों पर नियंत्रण के लिए रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।
इस Muzaffarnagar child protection बैठक में जिला-स्तरीय महत्वपूर्ण विभागों ने भाग लिया—
-
अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति रीना पवार
-
स्वास्थ्य विभाग अधिकारी
-
चाइल्ड हेल्पलाइन टीम
-
वन स्टॉप सेंटर
-
श्रम विभाग
-
सामाजिक कार्यकर्ता
-
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
-
सभी थानों से आए बाल अधिकारी
SP क्राइम इंदू सिद्धार्थ का संदेश—“बच्चों के विरुद्ध अपराध पर जीरो टॉलरेंस”
गोष्ठी को संबोधित करते हुए SP क्राइम इंदू सिद्धार्थ ने सभी अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि—
-
नशे में लिप्त बच्चों,
-
बाल श्रम में फंसे नाबालिगों,
-
भिक्षावृत्ति में धकेले गए बच्चों
पर तुरंत कार्रवाई हो।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियानों को और अधिक गति देने की आवश्यकता है, ताकि हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
उन्होंने जोर देकर कहा कि बाल संरक्षण अधिनियमों का कड़ाई से पालन किया जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित हो।
थाना AHT प्रभारी जय सिंह भाटी ने दी विस्तृत जानकारी—ग्राम रजिस्टर, प्रवासी सत्यापन और नाबालिगों की सुरक्षा पर फोकस
AHT (Anti Human Trafficking) प्रभारी जय सिंह भाटी ने सभी बाल अधिकारियों को गाँव-स्तर पर किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी—
-
ग्राम रजिस्टर का सही संधारण
-
प्रवासी परिवारों एवं बच्चों का सत्यापन
-
जोखिम वाले मामलों की पहचान
-
नाबालिग बालिकाओं को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया
भाटी ने बताया कि कई मामलों में प्रवासी परिवारों के बच्चों पर शोषण की आशंका अधिक रहती है, इसलिए दस्तावेजी सत्यापन और नियमित फॉलो-अप अत्यंत आवश्यक है।
‘बाल विवाह मुक्त भारत’ पर 100 दिवसीय अभियान—गजेन्द्र सिंह ने की अपील
‘जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन’ और ग्रामीण समाज विकास केंद्र की ओर से प्रबंधक गजेन्द्र सिंह ने बैठक में बताया कि देश-भर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि—
-
स्वास्थ्य विभाग
-
शिक्षा विभाग
-
सामाजिक न्याय विभाग
-
पुलिस
इन सभी को मिलकर एक संयुक्त मोर्चा बनाना होगा।
उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे 100-दिवसीय इस राष्ट्रव्यापी अभियान का सक्रिय हिस्सा बनें और गांव-गांव जाकर जागरूकता फैलाएँ।
उन्होंने प्रशासन को इस मुहिम में संस्था द्वारा हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
SP क्राइम की शपथ—“बाल विवाह रोकना हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी”
गोष्ठी के दौरान SP क्राइम इंदू सिद्धार्थ ने सभी मौजूद प्रतिनिधियों और अधिकारियों को बाल विवाह न होने की शपथ दिलाई।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेलने वाली सामाजिक त्रासदी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि—
-
गाँव-स्तर पर निगरानी बढ़ाई जाए
-
संदिग्ध घटनाओं की तुरंत सूचना दी जाए
-
स्कूल एवं पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हों
चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और श्रम विभाग ने रखे अपने सुझाव
गोष्ठी में शामिल विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे—
-
चाइल्ड हेल्पलाइन ने बताया कि कई शिकायतों में समय पर पुलिस हस्तक्षेप बच्चों की सुरक्षा में निर्णायक होता है।
-
श्रम विभाग ने अवैध बाल श्रम पर विशेष संयुक्त अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा।
-
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बाल अधिकारों से संबंधित कानूनी जानकारी आम लोगों तक पहुँचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
-
वन स्टॉप सेंटर ने महिलाओं और बच्चों दोनों के लिए तत्काल सहायता तंत्र को मजबूत बनाने की बात कही।
गोष्ठी का संचालन—जय सिंह भाटी ने संभाली पूरी जिम्मेदारी
इस पूरे कार्यक्रम का संचालन थाना AHT प्रभारी जय सिंह भाटी ने किया।
उन्होंने सभी विभागों के संयुक्त प्रयास की सराहना की और कहा कि इसी तरह के सहयोग से ही Muzaffarnagar child protection ढांचा मजबूत बनेगा।
मुज़फ्फरनगर में आयोजित यह महत्वपूर्ण गोष्ठी जिला प्रशासन, पुलिस और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयास का प्रतीक रही। महिला एवं बाल सुरक्षा, बाल श्रम उन्मूलन और बाल विवाह रोकथाम जैसे संवेदनशील मुद्दों पर लिए गए निर्णय और उठाए गए कदम आने वाले समय में ज़िले के बच्चों व महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और सशक्त वातावरण तैयार करेंगे।
