Muzaffarnagar Basant Utsav ने इस बार न केवल बसंत ऋतु के आगमन का स्वागत किया, बल्कि समाजसेवा, स्वास्थ्य जागरूकता और सांस्कृतिक सौहार्द का एक अनूठा संगम भी प्रस्तुत किया। भारत विकास परिषद, मुज़फ्फरनगर ‘मेन’ द्वारा दावत पार्टी हॉल, लिंक रोड पर आयोजित इस भव्य आयोजन ने गणतंत्र दिवस के अवसर को एक यादगार उत्सव में बदल दिया। रंग-बिरंगे परिधानों, सुरों की मिठास और प्रेरणादायी संवादों के बीच पूरा माहौल उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा।
🔴 दीप प्रज्वलन के साथ हुआ भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुभव सिंघल द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। परिषद के संरक्षक हर्षवर्धन जैन और अशोक सिंघल ने पटका पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। दीप की लौ के साथ ही मंच पर एक ऐसा वातावरण बना, जिसने सेवा, ज्ञान और संस्कृति के साझा संदेश को पूरे कार्यक्रम में प्रवाहित किया।
डॉ. अनुभव सिंघल ने अपने संबोधन में परिषद द्वारा किए जा रहे सामाजिक और सेवा कार्यों की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच समाज को न केवल जोड़ते हैं, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य और जिम्मेदारी के प्रति भी जागरूक करते हैं।
🔴 स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश: हृदय रोगों पर विशेष संवाद
Muzaffarnagar Basant Utsav का एक प्रमुख आकर्षण रहा डॉ. अनुभव सिंघल का संवादात्मक सत्र। उन्होंने हृदय रोगों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि किन वर्गों में इस रोग की संभावना अधिक रहती है और किन आदतों से इसे रोका जा सकता है।
परिषद सदस्यों और उपस्थित जनसमूह द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देते हुए वे केवल चिकित्सक नहीं, बल्कि शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने जीवनशैली, खान-पान, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच को स्वस्थ हृदय की कुंजी बताया। इस सत्र की उपस्थित लोगों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे अत्यंत उपयोगी बताया।
🔴 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम का सांस्कृतिक पक्ष भी बेहद आकर्षक रहा। कलाकारों की मधुर गायकी और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने पूरे हॉल को सुरों से भर दिया। अनुज वर्मा, जय भाई, सौरभ मित्तल, रेशू गुप्ता और चित्रा शर्मा की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
इन कलाकारों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका उत्साह और बढ़ गया। वहीं, नन्ही गुड़िया की विशेष प्रस्तुति ने दर्शकों को भावनाओं के सागर में डुबो दिया। उसकी मासूम अदाओं और आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुति ने हर किसी को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
🔴 नेतृत्व और आयोजन कौशल की झलक
Muzaffarnagar Basant Utsav का सफल आयोजन परिषद के अध्यक्ष संजय मिश्रा, सचिव नवनीत कुमार गुप्ता और वित्त सचिव नीरज कुमार सिंघल के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। मंच संचालन की जिम्मेदारी डॉ. अंजलि गर्ग ने संभाली, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुचारु और जीवंत बनाए रखा।
कार्यक्रम संयोजक रेशू गुप्ता, राजीव त्रिखा, डॉ. बी.के. आत्रेय, मनीष गर्ग, ब्रजेश कुमार गुप्ता और डॉ. रितु ने व्यवस्थाओं को बखूबी संभाला। उनकी टीमवर्क और समर्पण ने आयोजन को यादगार बना दिया।
🔴 समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी
इस अवसर पर परिषद के अनेक सदस्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से अरुण मित्तल, ओ.डी. शर्मा, विनीत गुप्ता, प्रीत वर्धन शर्मा, राज कुमार गुप्ता, वीरेंद्र अग्रवाल, डॉ. दीपक कुमार गर्ग, पुरुषोत्तम सिंघल, यशपाल अरोड़ा, ब्रज मोहन शर्मा, आर.के. सैनी, अनुराग गुप्ता, विनोद अग्रवाल, विनय गर्ग, राहुल कुशवाहा, मनोज कुमार शर्मा, वंदना शर्मा, सुनीता शर्मा और नितिन गर्ग सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और परिषद सदस्य मौजूद रहे।
उनकी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि समाज के विभिन्न वर्ग इस तरह के सांस्कृतिक और सामाजिक मंचों को कितना महत्व देते हैं।
🔴 बसंत और गणतंत्र दिवस का साझा उत्सव
Muzaffarnagar Basant Utsav ने बसंत ऋतु की खुशबू और गणतंत्र दिवस की गरिमा को एक ही मंच पर समेट दिया। फूलों की सजावट, रंगीन परिधान और देशभक्ति के भाव ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करते हैं। यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और जिम्मेदारी का भी प्रतीक बनते हैं।
🔴 आपसी संवाद और सामूहिक सौहार्द
कार्यक्रम के अंत में सुरुचिपूर्ण भोज का आयोजन किया गया, जहां सभी सदस्यों और अतिथियों ने आपसी संवाद के साथ समय बिताया। इस अनौपचारिक माहौल में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने पर चर्चा हुई।
कई सदस्यों ने सुझाव दिए कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग सामाजिक और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ सकें।
🔴 सामाजिक मंच के रूप में परिषद की भूमिका
भारत विकास परिषद, मुज़फ्फरनगर ‘मेन’ ने इस आयोजन के माध्यम से यह साबित किया कि संगठन केवल औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने का एक मजबूत मंच है। शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और सेवा के क्षेत्र में परिषद की सक्रियता लोगों के बीच विश्वास और सम्मान को बढ़ा रही है।
Muzaffarnagar Basant Utsav इस दिशा में एक और मजबूत कदम साबित हुआ, जिसने संगठन की सामाजिक भूमिका को और व्यापक बना दिया।
Muzaffarnagar Basant Utsav ने बसंत की खुशबू, गणतंत्र दिवस की गरिमा और समाजसेवा की भावना को एक ही मंच पर पिरो दिया। सुरों की मिठास, स्वास्थ्य जागरूकता के संदेश और आपसी सौहार्द के इस संगम ने यह दिखाया कि जब समाज एक साथ आता है, तो उत्सव केवल आयोजन नहीं, बल्कि प्रेरणा बन जाता है।
