मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar) धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखने वाले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में मुजफ्फरनगर के न्यू मैक्स टाउन सिटी में अपने दर्शन दिए। यह कार्यक्रम उनके हरिद्वार जाने से पहले हुआ, जब वे अपनी कथा को संपन्न कर चुके थे। इस मौके पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत सैकड़ों भक्तों और समर्थकों द्वारा बहुत धूमधाम से किया गया। स्वागत के दौरान उनकी उपस्थिति ने स्थानीय लोगों में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। उनके शब्दों में गहरी आस्था और विश्वास की झलक दिखाई दी, जो उनके समर्थकों के लिए एक संदेश के रूप में था।
स्वामी धीरेंद्र शास्त्री ने इस अवसर पर बड़ा बयान देते हुए कहा, “भारत जल्द ही एक हिंदू राष्ट्र बनेगा।” उनका यह बयान सुनते ही वहां मौजूद भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्वामी जी ने और भी आश्वासन दिया कि मुजफ्फरनगर का नाम बहुत जल्द ‘लक्ष्मी नगर’ के रूप में बदला जाएगा, जो इस क्षेत्र की समृद्धि और आध्यात्मिकता को दर्शाता है। उनका यह बयान न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा था, बल्कि इसे राजनीतिक और सांस्कृतिक संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
#watch धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री देश को हिंदुराष्ट्र बनाना चाहते है. 2013 के बाद #Muzaffarnagar प्रयोगशाला की हेडलाइंस में है.बाबा बागेश्वर के कार्यक्रम का खर्चा करोड़ों में होता है. मंत्री संत्री सभी नतमस्तक. pic.twitter.com/CML90zoIdC
— News & Features Network (@newsnetmzn) March 31, 2025
स्वामी जी के इस बयान से उनके भक्तों में नई उम्मीद और जोश देखा गया। उनके अनुयायी मानते हैं कि यह एक ऐतिहासिक पल है, जो भारतीय संस्कृति और धार्मिकता को एक नया मोड़ देने वाला है। उनके समर्थकों का मानना है कि भारत में हिन्दू धर्म की संस्कृति और परंपराओं को स्थापित करने का यह एक ऐतिहासिक कदम होगा। स्वामी जी के साथ इस धार्मिक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने स्वामी जी के विचारों का समर्थन किया और उनकी प्रेरणादायक बातों को सराहा।
इसके अतिरिक्त, आयोजन में सुनील गोयल, शिखा गोयल जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों ने भी भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी भागीदारी दी। उनके साथ सैकड़ों भक्त और समर्थक भी इस आयोजन का हिस्सा बने, जिन्होंने स्वामी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस कार्यक्रम के दौरान, स्वामी धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है, ताकि समाज में समरसता और भाईचारे को बढ़ावा मिल सके। उनका यह बयान दर्शाता है कि वे समाज को एकजुट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
स्वामी जी ने एक बार फिर से यह स्पष्ट किया कि भारत के भविष्य में धर्म और संस्कृति का बड़ा स्थान रहेगा। उन्होंने भारतीय समाज की एकता और अखंडता को बनाए रखने पर जोर दिया और यह भी कहा कि देश की तरक्की में आध्यात्मिकता की बड़ी भूमिका होगी। उनके अनुसार, जब तक समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता नहीं होगी, तब तक समाज में सही दिशा में प्रगति संभव नहीं हो सकती। इसीलिए, उन्होंने अपने भक्तों से आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाएं।
मुजफ्फरनगर में बढ़ी आस्था की लहर
स्वामी धीरेंद्र शास्त्री के आगमन से मुजफ्फरनगर में धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। उनके द्वारा किए गए इस ऐतिहासिक आयोजन में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया और एकजुट होकर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी कोशिश की। उनके भक्तों का मानना है कि स्वामी जी के दर्शन से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और वे जीवन में नए उद्देश्य के साथ आगे बढ़ेंगे।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी जी ने खास तौर पर यह भी कहा कि भारत में अब कोई भी बाहरी ताकत हिंदू धर्म की आस्था को कमजोर नहीं कर सकती। उनके अनुसार, भारतीय संस्कृति और धर्म में इतनी ताकत है कि वह किसी भी विदेशी ताकत से अपने को बचा सकता है। इस वक्तव्य से स्वामी जी के अनुयायी काफी प्रभावित हुए और उनकी बातों को लेकर उत्साहित हो गए।
आध्यात्मिक कार्यक्रम का महत्व
यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक सभा नहीं था, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, समाज और देश की एकता को बढ़ावा देने का एक बड़ा प्रयास था। स्वामी जी ने भारतीय संस्कृति के महत्व को बताया और यह भी कहा कि आज के दौर में लोगों को अपनी जड़ें और परंपराएं याद रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आध्यात्मिकता ही देश की प्रगति का मूल है और जब तक हम आध्यात्मिक दृष्टिकोण से आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक देश में सही परिवर्तन संभव नहीं है।
स्वामी जी का यह बयान एक नारा बन चुका है, जिसे उनके समर्थक अब हर जगह फैलाते जा रहे हैं। उनका यह विश्वास है कि जब तक भारतीय समाज अपनी आध्यात्मिकता को नहीं समझेगा, तब तक कोई भी बाहरी ताकत इसे हरा नहीं सकती। स्वामी जी का संदेश साफ था: “भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र से एक हिंदू राष्ट्र में बदलने का समय आ चुका है।”
भविष्य में क्या होगा?
स्वामी धीरेंद्र शास्त्री का यह कार्यक्रम सिर्फ मुजफ्फरनगर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत में एक बड़ा संदेश लेकर आया है। उनके समर्थकों का मानना है कि भविष्य में भारत में और भी इस तरह के कार्यक्रम होंगे, जो देश के कोने-कोने में भारतीय संस्कृति और धर्म के महत्व को बताएंगे। साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में इस तरह के कार्यक्रमों से धार्मिक और सांस्कृतिक पुनरुद्धार होगा और मुजफ्फरनगर का नाम ‘लक्ष्मी नगर’ के रूप में इतिहास में दर्ज होगा।
समर्थकों का यह मानना है कि स्वामी जी का यह बयान एक नई राजनीतिक दिशा की ओर इशारा करता है, जो हिंदू धर्म की सशक्तीकरण के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इसके साथ ही, स्वामी जी ने यह भी कहा कि भारत में ऐसे और भी संगठन खड़े होंगे जो भारतीय संस्कृति को दुनिया में फैलाने का काम करेंगे।