मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) शामली रोड स्थित काली नदी के तट पर महर्षि कश्यप चौक पर कश्यप समाज के लोगों ने भगवान महर्षि कश्यप की जयंती को अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत कर गया। पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया, जहां हजारों की संख्या में समाज के लोगों ने शिरकत की।
राजनेताओं और समाजसेवियों ने किया सम्मान, महर्षि कश्यप के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष मनीष चौधरी और सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने शिरकत की। आयोजक नवीन कश्यप ने सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके बाद राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने महर्षि कश्यप की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महर्षि कश्यप ने समाज को ज्ञान, एकता और नैतिकता का पाठ पढ़ाया, जो आज भी प्रासंगिक है।
समाजसेवी मनीष चौधरी ने युवाओं को संगठित होकर सामाजिक विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “युवा ही समाज की धुरी हैं, उन्हें शिक्षा और संस्कार के साथ आगे बढ़कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनना चाहिए।” वहीं, सांसद हरेंद्र मलिक ने महर्षि कश्यप के जीवन को प्रेरणादायक बताते हुए सभी से भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
भव्य शोभायात्रा ने बांधा समां, झांकियों और डीजे ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पल था काली नदी पुल से निकली भव्य शोभायात्रा। रंग-बिरंगी झांकियों, डीजे के धुनों और पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवाओं ने इस शोभायात्रा को अद्भुत बना दिया। यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा और हर तरफ उत्साह व उमंग का वातावरण छा गया। लोग नाचते-गाते हुए महर्षि कश्यप के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाते नजर आए।
प्रशासन और आयोजकों ने की मजबूत तैयारी, सुरक्षा में नहीं छोड़ा कोई कोर-कसर
इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन और आयोजक समिति ने कड़ी मेहनत की। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। भगवान महर्षि कश्यप चौक समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष नवीन कश्यप, प्रभारी राधेश्याम कश्यप, प्रबंधक महेश कश्यप, अनमोल कश्यप और नीरज कश्यप सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
युवाओं और बच्चों की भागीदारी ने बनाया आयोजन यादगार
इस कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने इसे और भी खास बना दिया। युवाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए और समाज के उत्थान के लिए नए विचार साझा किए। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि महर्षि कश्यप की शिक्षाएं आज भी युवा पीढ़ी को प्रेरित कर रही हैं।
समापन: एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय पल
महर्षि कश्यप जयंती का यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव था, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण भी रहा। इस कार्यक्रम ने साबित किया कि जब समाज एकजुट होकर किसी उद्देश्य के लिए काम करता है, तो वह ऐतिहासिक और यादगार बन जाता है। अगले वर्ष भी इसी तरह के भव्य आयोजन की उम्मीद लोगों के चेहरों पर साफ झलक रही थी।