Muzaffarnagar के सरकुलर रोड स्थित राष्ट्रीय लोकदल कार्यालय पर आयोजित मासिक बैठक में संगठनात्मक मजबूती, जनसमस्याओं के समाधान और आगामी प्रधानी व जिला पंचायत चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे साफ संकेत मिला कि संगठन जिले में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
बैठक का माहौल औपचारिक होने के साथ-साथ संवादात्मक भी रहा। नेताओं ने मंच से भाषण देने के बजाय कार्यकर्ताओं की बातों को सुना और सुझावों को गंभीरता से लिया।
🔴 “उत्पीड़न किसी भी हाल में स्वीकार नहीं” — योगराज सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री योगराज सिंह ने कहा कि पार्टी भले ही सरकार की सहयोगी हो, लेकिन जनता के सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी क्षेत्र में प्रशासनिक स्तर पर अन्याय या उत्पीड़न की शिकायत मिलती है, तो पार्टी पूरी मजबूती से उसके खिलाफ खड़ी होगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क और सक्रिय रहने का आह्वान किया। उनके अनुसार, संगठन की असली ताकत कार्यकर्ता ही हैं, जो जनता और नेतृत्व के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
🔴 प्रोफेशनल प्रकोष्ठ की भूमिका पर विस्तृत चर्चा — योगेंद्र कंबोज एडवोकेट का विजन
बैठक में राष्ट्रीय लोकदल के प्रोफेशनल प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष योगेंद्र कंबोज एडवोकेट ने अत्यंत सारगर्भित और विचारोत्तेजक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में राजनीति केवल नारों तक सीमित नहीं रह सकती; उसे कानूनी समझ, प्रशासनिक दक्षता और बौद्धिक नेतृत्व की भी आवश्यकता है।
योगेंद्र कंबोज ने बताया कि प्रोफेशनल प्रकोष्ठ का उद्देश्य डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षकों, इंजीनियरों और अन्य पेशेवर वर्ग को संगठन से जोड़ना है, ताकि नीति निर्माण और जनसमस्याओं के समाधान में विशेषज्ञता का लाभ मिल सके।
उन्होंने जोर देकर कहा कि आम जनता की समस्याओं—जमीन विवाद, प्रशासनिक उत्पीड़न, सरकारी योजनाओं में अनियमितता, पुलिस कार्रवाई से जुड़े मुद्दे—का समाधान केवल राजनीतिक दबाव से नहीं, बल्कि विधिक और तर्कसंगत हस्तक्षेप से संभव है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी मुद्दे को व्यक्तिगत कटाक्ष या आरोप-प्रत्यारोप में न बदलें, बल्कि तथ्यों और कानून के आधार पर मजबूत पक्ष रखें। उनके अनुसार, यदि संगठन के पास ठोस दस्तावेज, कानूनी आधार और सामूहिक रणनीति होगी, तो जनता का विश्वास स्वतः बढ़ेगा।
योगेंद्र कंबोज ने यह भी कहा कि आगामी चुनाव केवल राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि संगठन की विश्वसनीयता की परीक्षा भी होंगे। प्रत्येक वार्ड और गांव में सक्रिय संवाद, समस्या-समाधान शिविर और जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
🔴 नई ऊर्जा के साथ जिला अध्यक्ष संजय राठी का संदेश
नवनियुक्त जिला अध्यक्ष संजय राठी ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनके कार्यकाल की पहली मासिक बैठक है, जो होली मिलन के अवसर पर आयोजित की गई। उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि संगठन को एकजुट रखना उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि गुटबाजी और आपसी मतभेद संगठन को कमजोर करते हैं। यदि किसी कार्यकर्ता या नागरिक के साथ अन्याय हो रहा हो, तो सीधे पार्टी कार्यालय को सूचना दी जाए। पार्टी नेतृत्व हर संभव सहायता के लिए तत्पर रहेगा।
संजय राठी ने सुझाव दिया कि बूथ स्तर तक समन्वय समितियां बनाई जाएं और नियमित फीडबैक सिस्टम विकसित किया जाए, ताकि जमीनी स्थिति का सटीक आकलन हो सके।
🔴 वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी और सामूहिक रणनीति
बैठक में पूर्व जिला अध्यक्ष संदीप मलिक, प्रदेश महासचिव उमादत शर्मा, पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, अजीत राठी, केपी मलिक, प्रभात तोमर, मनप्रीत शेरावत, राजेंद्र फौजी और सुधीर भारती सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने विचार रखे।
सभी नेताओं ने एकमत होकर कहा कि वर्तमान समय संगठनात्मक विस्तार का है। यदि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में सक्रिय संवाद बनाए रखे और जनता के बीच नियमित उपस्थिति दर्ज कराए, तो पार्टी की स्थिति मजबूत होगी।
🔴 होली मिलन के साथ एकता का संदेश
बैठक के समापन पर होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने फूलों की होली खेलकर सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। राजनीतिक चर्चा के बाद यह सांस्कृतिक आयोजन संगठनात्मक आत्मीयता को और मजबूत करने वाला साबित हुआ।
नेताओं ने कहा कि सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान ही किसी भी राजनीतिक संगठन की दीर्घकालिक सफलता का आधार होते हैं।
मुजफ्फरनगर में आयोजित यह मासिक बैठक केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि संगठन की दिशा और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने वाला मंच बनी। जनसमस्याओं के समाधान, प्रोफेशनल प्रकोष्ठ की सक्रिय भागीदारी और चुनावी तैयारी के समन्वय के साथ राष्ट्रीय लोकदल ने संकेत दिया है कि वह जिले में जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले महीनों में यह रणनीति किस तरह आकार लेती है, इस पर राजनीतिक हलकों की निगाहें टिकी रहेंगी।
