Muzaffarnagar — जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी श्री उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदेय स्थलों के सम्भाजन के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मतदेय स्थलों का निर्धारण और मतदाता सूची का सही तरीके से पुनरीक्षण करना था।


बैठक का उद्देश्य और प्रक्रिया
इस बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदेय स्थलों के सम्भाजन को लेकर कार्यक्रम जारी किया है। इस कार्य के तहत मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, निर्धारण और नए मतदेय स्थलों का स्थापना कार्य 29 अक्टूबर से 4 नवंबर 2025 तक पूर्ण कर लिया गया। इसके बाद, 6 नवंबर से 7 नवंबर तक मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके मतदेय स्थलों के प्रस्ताव तैयार किए गए।

आवश्यकता और कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी
दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में मतदेय स्थलों के निर्धारण हेतु विभिन्न सुझाव प्राप्त हुए, और 10 नवंबर 2025 को उनकी आलेख्य सूची प्रकाशित की गई। इस सूची में सभी मतदेय स्थलों का विवरण दिया गया। साथ ही, राजनीतिक दलों को यह सूची 10 नवंबर 2025 तक उपलब्ध कराई गई।

श्री मिश्रा ने आगे बताया कि पहले सभी चुनावी प्रस्तावों को लेकर मतदाताओं की आपत्तियों और सुझावों का निस्तारण किया जाएगा और फिर सूची को अंतिम रूप 18 नवंबर 2025 तक दिया जाएगा। इसके बाद, 19 से 21 नवंबर तक सभी प्रस्तावों को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।


प्रशासन से सहयोग की अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने-अपने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को शीघ्र नियुक्त करें और उनकी सूची आज शाम तक उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि बीएलओ के माध्यम से निर्वाचन नामावलियों का विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम चल रहा है, जिसके तहत प्रत्येक घर-घर फार्म वितरण और भरवाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी दलों के प्रतिनिधियों को प्रशासन का पूर्ण सहयोग करना चाहिए ताकि मतदाता सूची पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से तैयार हो सके।


प्रस्तावित दिशा-निर्देश और अंतिम निर्णय
भारत निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदेय स्थलों के सम्भाजन के लिए 1200 से अधिक मतदाताओं के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का पालन करते हुए चुनावी प्रक्रिया को सही तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी दलों और प्रशासन से सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है।

राजनैतिक दलों का सुझाव और आपत्तियां
बैठक के दौरान राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत की। इनमें मतदेय स्थलों के परिसीमन से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। इन सुझावों को गंभीरता से लिया गया और प्रशासन द्वारा उनका उचित समाधान निकाला जाएगा।


सार्वजनिक सहयोग की अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में सभी को मिलकर काम करना चाहिए। इसके लिए प्रशासन का सहयोग और जिम्मेदारी से कार्य करना अनिवार्य है।


यह बैठक आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर एक अहम कदम है, जिससे मतदाता सूची का सही और निष्पक्ष तरीके से पुनरीक्षण हो सकेगा। प्रशासन और राजनीतिक दलों का सहयोग इस प्रक्रिया को सही दिशा में लेकर जाएगा। सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो, जिससे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

 



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