Muzaffarnagar peace committee meeting के जरिए प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि आगामी पर्व और त्योहार जिले में पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में ही संपन्न होंगे। मुजफ्फरनगर जिला पंचायत सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक ने न केवल प्रशासन की सतर्कता को दर्शाया, बल्कि समाज के हर वर्ग से जिम्मेदारी और सहयोग की अपील भी की गई।
🔴 प्रशासन की संयुक्त पहल: शांति और सुरक्षा सर्वोपरि
मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित शांति समिति की इस बैठक का उद्देश्य स्पष्ट था—जनपद में आगामी पर्वों के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था, अफवाह या असामाजिक गतिविधि को जड़ से खत्म करना। बैठक में गणमान्य नागरिकों, धर्मगुरुओं, सामाजिक प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने इसे एक व्यापक और सामूहिक प्रयास का स्वरूप दिया।
🔴 संत रविदास जयंती और शब-ए-बारात पर विशेष फोकस
Muzaffarnagar peace committee meeting में संत रविदास जयंती और शब-ए-बारात को लेकर विशेष रणनीति पर चर्चा हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शोभायात्रा, जुलूस और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान शासन द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा। किसी भी नई परंपरा को शुरू करने पर रोक रहेगी, ताकि परंपरागत व्यवस्था बनी रहे और किसी भी तरह का विवाद न पनपे।
🔴 वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी, सख्त संदेश
इस बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, समस्त क्षेत्राधिकारी और पुलिस व प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतेगा।
🔴 समाज से सीधा संवाद: समस्याओं का त्वरित समाधान
Muzaffarnagar peace committee meeting के दौरान अधिकारियों ने उपस्थित गणमान्य लोगों से उनकी स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली। कई मुद्दों पर मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए, ताकि त्योहारों से पहले ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा सके। यह पहल प्रशासन और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
🔴 अफवाहों पर लगाम, सोशल मीडिया पर विशेष नजर
बैठक में सोशल मीडिया को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए। प्रशासन ने साफ कहा कि किसी भी तरह की भड़काऊ, गलत या धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली पोस्ट शेयर न की जाए। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही लोगों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि उच्चाधिकारियों या पुलिस से करें, न कि बिना जांच के उसे आगे बढ़ाएं।
🔴 असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी
Muzaffarnagar peace committee meeting में यह भी स्पष्ट किया गया कि जो भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी तरह की आपराधिक या संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
🔴 धार्मिक सौहार्द और आपसी सम्मान का आह्वान
धर्मगुरुओं और समाज के प्रतिनिधियों से विशेष रूप से यह अपील की गई कि वे अपने-अपने समुदायों में शांति, भाईचारे और संयम का संदेश दें। प्रशासन ने कहा कि त्योहार खुशी और एकता का प्रतीक होते हैं, न कि तनाव और विवाद का।
🔴 शोभायात्राओं के लिए विशेष दिशा-निर्देश
बैठक में यह तय किया गया कि शोभायात्रा और जुलूस के दौरान अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य होगा। लाउडस्पीकर, मार्ग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रशासन ने कहा कि हर आयोजन के लिए पूर्व अनुमति और तय समय-सारणी का पालन जरूरी होगा।
🔴 जिले में सुरक्षा का व्यापक खाका
Muzaffarnagar peace committee meeting के बाद प्रशासन ने जिले भर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना बनाई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, पैदल गश्त और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
🔴 जनता की भूमिका: शांति की सबसे बड़ी ताकत
प्रशासन ने साफ कहा कि कानून-व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझी जिम्मेदारी है। नागरिकों से अपील की गई कि वे संयम और समझदारी से काम लें, ताकि मुजफ्फरनगर की पहचान एक शांतिप्रिय और सौहार्दपूर्ण जिले के रूप में बनी रहे।
मुजफ्फरनगर पीस कमेटी मीटिंग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासन और समाज एक साथ मिलकर शांति, सुरक्षा और भाईचारे की मजबूत दीवार खड़ी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। संत रविदास जयंती और शब-ए-बारात जैसे पावन अवसरों पर जिले का हर नागरिक अगर जिम्मेदारी और समझदारी दिखाए, तो मुजफ्फरनगर न केवल उत्सव मनाएगा, बल्कि एकता और सौहार्द की मिसाल भी पेश करेगा।
