Muzaffarnagar School Annual Function ने शहर के शैक्षिक और सामाजिक वातावरण में एक उत्सव जैसा माहौल पैदा कर दिया, जब तस्मिया जूनियर हाई स्कूल, मुजफ्फरनगर में विद्यालय का 34वां वार्षिक समारोह अत्यंत गरिमामय, अनुशासित और उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, नवाचार, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का एक जीवंत मंच बनकर सामने आया, जहां विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और गणमान्य अतिथियों ने मिलकर शिक्षा की नई दिशा को महसूस किया।
🔴 प्रदर्शनी उद्घाटन से हुई भव्य शुरुआत
Muzaffarnagar School Annual Function की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रोफेसर अख्तरुलवासे द्वारा आर्ट एंड क्राफ्ट एवं साइंस प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुई। इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता, वैज्ञानिक सोच और तकनीकी नवाचार का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विज्ञान मॉडल, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रोजेक्ट, रोबोटिक्स की प्रारंभिक झलक और हस्तशिल्प के सुंदर नमूनों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच बच्चों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा और समस्या-समाधान की क्षमता को मजबूत करते हैं, जो भविष्य में उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाते हैं।
🔴 अतिथियों का स्वागत और सम्मान समारोह
Muzaffarnagar School Annual Function के मंच पर वरिष्ठ शिक्षिका सुश्री रेशमा तबस्सुम ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके पश्चात डॉ. एस. फारूक ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर अख्तरुलवासे को पुष्पगुच्छ, शॉल और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
प्रोफेसर अख्तरुलवासे, जो पद्मश्री सम्मानित और मौलाना आज़ाद विश्वविद्यालय, जोधपुर, राजस्थान के पूर्व कुलपति रह चुके हैं, की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। उनकी शैक्षिक यात्रा और योगदान का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
🔴 आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुति का संगम
Muzaffarnagar School Annual Function में पवित्र क़ुरआन की तिलावत, उसके उर्दू और अंग्रेज़ी अनुवाद तथा नात-ए-पाक की भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे सभागार को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया। इस प्रस्तुति ने शिक्षा के साथ-साथ नैतिकता और संस्कारों के महत्व को भी रेखांकित किया।
इसके उपरांत विद्यालय की वार्षिक पत्रिका “नूर” का विमोचन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों की रचनात्मक लेखनी, कविताएं, लेख और शैक्षिक उपलब्धियों का सुंदर संकलन प्रस्तुत किया गया।
🔴 वार्षिक रिपोर्ट में शैक्षिक प्रगति का लेखा-जोखा
कार्यवाहक प्रधानाचार्य जावेद मज़हर ने Muzaffarnagar School Annual Function के दौरान विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने शैक्षिक प्रगति, अनुशासन, नैतिक शिक्षा और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
रिपोर्ट में बताया गया कि विद्यालय ने शैक्षणिक परिणामों के साथ-साथ खेल, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। नियमित उपस्थिति, शिक्षकों के प्रशिक्षण और डिजिटल शिक्षा के उपयोग को भी विद्यालय की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया गया।
🔴 रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
Muzaffarnagar School Annual Function में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नृत्य, नाटक, समूह गीत और सामाजिक संदेशों से भरपूर प्रस्तुतियों ने बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास को मंच पर जीवंत कर दिया।
इन कार्यक्रमों की सफल संचालन जिम्मेदारी वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती खुश्नसीब ने निभाई, जिनके कुशल निर्देशन में पूरे कार्यक्रम ने एक पेशेवर और प्रभावशाली स्वरूप लिया।
🔴 पुरस्कार वितरण और प्रतिभाओं का सम्मान
Muzaffarnagar School Annual Function का एक प्रमुख आकर्षण पुरस्कार वितरण समारोह रहा। टॉपर विद्यार्थियों को ₹1000 का चेक, स्मृति-चिह्न और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पूरे सत्र में पूर्ण उपस्थिति रखने वाले विद्यार्थियों को भी मेडल और प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
पूरे वर्ष नियमित उपस्थिति के लिए जावेद मज़हर और चाँद मियाँ को ₹1000 और स्मृति-चिह्न देकर विशेष सम्मान दिया गया। विद्यालय का नाम रोशन करने वाले वर्तमान विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया, जिससे पूरे सभागार में गर्व और उत्साह का माहौल बन गया।
🔴 राष्ट्रीय और राज्य स्तर की उपलब्धियों पर गर्व
Muzaffarnagar School Annual Function में कक्षा 5 के छात्र सैफुल्लाह को राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने पर सम्मानित किया गया। पूर्व छात्र सैफुल्लाह को राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता में चयन पर विशेष सम्मान मिला।
इसके अलावा, मोहम्मद सुहैल को सीआईएसएफ में चयन पर और मिर्जा अज़मत बेग को एक घंटे में 1000 ईंटें बनाने वाली मशीन का आविष्कार करने पर मंच पर सम्मानित किया गया। इन उपलब्धियों ने यह संदेश दिया कि विद्यालय न केवल अकादमिक उत्कृष्टता, बल्कि नवाचार और व्यावहारिक सोच को भी बढ़ावा देता है।
🔴 स्वच्छ और हरित विद्यालय की मान्यता
Muzaffarnagar School Annual Function के दौरान सैयद ऐजाज़ अहमद, मैनेजर, को विद्यालय को स्वच्छ एवं हरित विद्यालय श्रेणी में 3-स्टार रेटिंग मिलने पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान विद्यालय की पर्यावरणीय जिम्मेदारी और स्वच्छता अभियान के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक माना गया।
🔴 मुख्य अतिथि का प्रेरणादायक संबोधन
मुख्य अतिथि प्रोफेसर अख्तरुलवासे ने अपने संबोधन में सरल और प्रभावशाली शब्दों में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, सकारात्मक सोच और समाज के प्रति जिम्मेदारी विकसित करना है।
उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया और कहा कि आज की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वही सफल होगा, जो ज्ञान के साथ चरित्र को भी मजबूत बनाएगा।
🔴 अध्यक्षीय भाषण में आधुनिक शिक्षा पर जोर
डॉ. एस. फारूक ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक शिक्षा का महत्व तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ नैतिकता, ईमानदारी और अच्छे व्यवहार को अपनाना भी उतना ही जरूरी है।
उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान और मानवीय मूल्यों का संतुलन ही विद्यार्थियों को सच्चे अर्थों में सफल नागरिक बनाता है।
🔴 धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रीय गान के साथ समापन
Muzaffarnagar School Annual Function के अंत में जावेद मज़हर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह कार्यक्रम सफल हो सका।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ, जिसके बाद विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए स्टॉल और प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
🔴 शिक्षा और समाज के लिए एक संदेश
यह समारोह केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा, नवाचार और सामाजिक मूल्यों का एक सशक्त संदेश बनकर उभरा। विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, एलुमनी छात्र, गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में अभिभावकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सामुदायिक सहभागिता का उदाहरण बना दिया।
मुजफ्फरनगर में तस्मिया जूनियर हाई स्कूल का यह 34वां वार्षिक समारोह आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा और दिशा का स्रोत बनकर सामने आया है। नवाचार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के इस संगम ने यह साबित कर दिया कि जब शिक्षा और संस्कार एक साथ चलते हैं, तब समाज का भविष्य मजबूत और उज्ज्वल बनता है।
