Muzaffarnagar। जम्मू-कश्मीर के पवित्र वैष्णो देवी मार्ग पर आई प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुजफ्फरनगर शहर में शोक की लहर दौड़ गई। झांसी की रानी व्यापार मंडल और ऑल इंडिया एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट ने झांसी की रानी पार्क में मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत आत्माओं को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस श्रद्धांजलि सभा में भारी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और व्यापारी वर्ग शामिल हुआ।


भावनाओं से भरी श्रद्धांजलि सभा

श्रद्धांजलि सभा के दौरान वातावरण गमगीन था। हर आंख नम और हर दिल भारी दिखाई दिया। संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि यह त्रासदी केवल पीड़ित परिवारों की नहीं बल्कि पूरे देश की त्रासदी है। उन्होंने भगवान से प्रार्थना करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसा कोई हादसा न हो जिसमें किसी को अपने माता-पिता, बच्चों या परिजनों को खोना पड़े।

सभा में मौजूद लोगों ने एक सुर में कहा कि ‘हम उन मासूम जानों को कभी नहीं भूलेंगे।’


कैंडल मार्च और मौन प्रार्थना

श्रद्धांजलि सभा के बाद लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर कैंडल मार्च निकाला। शांतिपूर्ण मार्च के दौरान लोग धीमी आवाज़ में भजन गा रहे थे और हादसे में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे थे।

संजय मिश्रा, कृष्ण गोपाल मित्तल, विपिन सिंगल, अंकुर मलिक, मोहम्मद नदीम अंसारी, मुकेश कश्मीरी, संजय गोस्वामी, संजीव बंसल, प्रदीप उत्तरेजा, पंकज लूथरा, अमित बजाज, राजकुमार कालरा, लोकेंद्र पाल सहित कई गणमान्य नेता और व्यापारी वहां मौजूद थे।


समाज के हर वर्ग से उमड़ा सहयोग

इस कार्यक्रम की खासियत यह रही कि सभी वर्गों और समुदायों ने एकजुट होकर पीड़ित परिवारों के लिए संवेदनाएं प्रकट कीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने मौन रखकर हादसे के पीड़ितों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

स्थानीय युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों से अपील की कि वे पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आएं। कई संगठनों ने राहत सामग्री और आर्थिक सहायता भेजने की घोषणा भी की।


धर्म और आस्था से जुड़ी त्रासदी

वैष्णो देवी जैसे धार्मिक स्थलों से हर साल लाखों श्रद्धालु जुड़ते हैं। जब वहां कोई प्राकृतिक आपदा आती है तो उसका असर पूरे देश पर पड़ता है। धर्म, आस्था और भावना का संगम यह यात्रा इस बार मातम में बदल गई।

धार्मिक गुरुओं ने भी संदेश जारी किया कि हमें पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूक होना होगा ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।


जिम्मेदारी की अपील

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है।

लोगों ने कहा कि “श्रद्धालु ईश्वर के दर्शन के लिए निकलते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा करना सरकार और समाज की जिम्मेदारी है।”


शहर की दीवारों पर संदेश

कई जगहों पर श्रद्धालुओं की याद में पोस्टर और बैनर लगाए गए। स्कूलों और कॉलेजों में भी दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी गई।

बच्चों ने चित्रकला प्रतियोगिता में ‘मानवता और सहानुभूति’ को थीम बनाकर चित्र बनाए। इससे स्पष्ट हुआ कि यह त्रासदी केवल पीड़ित परिवारों की नहीं बल्कि पूरे समाज की पीड़ा है।


लोगों की जुबानी – आंखों में आंसू और दिल में ग़ुस्सा

सभा में शामिल एक बुजुर्ग महिला ने कहा, “मैंने अपनी जिंदगी में बहुत कुछ देखा है, लेकिन वैष्णो देवी मार्ग पर हुई इस घटना ने दिल दहला दिया। वहां जाने वाले हर श्रद्धालु मेरे परिवार जैसा है।”

वहीं एक युवा व्यापारी ने कहा, “सरकार को यात्रियों की सुरक्षा पर और ध्यान देना चाहिए। यह श्रद्धांजलि केवल रस्म अदायगी नहीं बल्कि चेतावनी है कि ऐसी घटना फिर न दोहराई जाए।”


शहर ने दिया एकजुटता का संदेश

मुजफ्फरनगर में हुई यह श्रद्धांजलि सभा केवल एक कार्यक्रम नहीं थी बल्कि समाज की एकजुटता और संवेदनशीलता का प्रतीक बन गई। शहरवासियों ने यह संदेश दिया कि जब भी कोई विपत्ति आती है, पूरा देश एक परिवार की तरह खड़ा हो जाता है।


मुजफ्फरनगर की इस श्रद्धांजलि सभा ने न केवल मृतकों को याद किया बल्कि पूरे देश को यह संदेश दिया कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। वैष्णो देवी हादसे के पीड़ितों को सभी ने अश्रुपूर्ण विदाई दी और साथ ही भविष्य में सुरक्षित यात्राओं की उम्मीद जताई।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *