Muzaffarnagar Ravidas Jayanti के अवसर पर पूरा शहर आस्था, भक्ति और सामाजिक एकता के रंगों में रंगा नजर आया। संत शिरोमणि संत रविदास महाराज की जयंती बड़े धूमधाम और श्रद्धा भाव के साथ मनाई गई, जिसमें भव्य शोभायात्रा, आकर्षक झांकियां, प्रसिद्ध बैंड और डीजे, और भजन-कीर्तन ने पूरे नगर को आध्यात्मिक उत्सव में बदल दिया।

सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में श्रद्धालुओं की हलचल देखने को मिली। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा—सभी संत रविदास जी के संदेशों को आत्मसात करते हुए इस पावन अवसर का हिस्सा बने। शोभायात्रा में शामिल अनुयायी भजनों पर झूमते-नाचते नजर आए और संत रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए आगे बढ़े।


🔴 टाउन हॉल से हुआ भव्य शुभारंभ

शोभायात्रा का शुभारंभ नगर के प्रमुख स्थल टाउन हॉल से किया गया। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिलदेव अग्रवाल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

इस अवसर पर समाज के गणमान्य लोगों ने दोनों मंत्रियों का पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया। मंच से संबोधित करते हुए मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि संत रविदास महाराज का जीवन हमें समता, प्रेम और मानवता का संदेश देता है और सभी को उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।


🔴 मानव एकता का संदेश और सामाजिक सुधार की बात

राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने संत रविदास जी को 15वीं-16वीं शताब्दी के महान निर्गुण भक्ति संत, कवि और समाज सुधारक बताते हुए कहा कि उन्होंने जात-पात और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों का विरोध किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईश्वर के प्रति प्रेम और मानव एकता का संदेश आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गया है।

उनके भाषण के दौरान लोगों ने तालियों और जयकारों से समर्थन जताया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।


🔴 मंदिर में पूजा-अर्चना और स्मरण

दोपहर करीब एक बजे, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुनील तेवतिया और अवाम-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राव नदीम ने रैदासपुरी स्थित मंदिर में फीता काटकर पूजा-अर्चना की और संत शिरोमणि रविदास महाराज का स्मरण किया।

इस दौरान श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर संत के जीवन और शिक्षाओं पर चर्चा की। कई लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और भाईचारे को मजबूत करते हैं।


🔴 नगर की सड़कों पर आस्था की लहर

शोभायात्रा टाउन हॉल प्रांगण से शुरू होकर झांसी की रानी चौक, शिवचौक, रूड़की रोड, नावल्टी चौराहा, बकरा मार्केट रोड, नंबर दो चुंगी, आबकारी रोड, हनुमान चौक, भगत सिंह रोड और अंत में फिर शिवचौक पर संपन्न हुई।

इस पूरे मार्ग पर जगह-जगह लोगों ने फूल बरसाकर, जलपान कराकर और पुष्पवर्षा करके शोभायात्रा का स्वागत किया। दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने अपने प्रतिष्ठानों के बाहर सजावट की, जिससे सड़कों पर उत्सव का माहौल बना रहा।


🔴 झांकियों और बैंड-डीजे ने बढ़ाया आकर्षण

शोभायात्रा की सबसे बड़ी खासियत थीं आकर्षक झांकियां, जिनमें संत रविदास जी के जीवन प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। कई झांकियों में उनके सामाजिक सुधारों, भक्ति परंपरा और मानवता के संदेश को दर्शाया गया।

प्रसिद्ध बैंड और डीजे की धुनों पर युवा और बच्चे झूमते नजर आए। भजन-कीर्तन के साथ आधुनिक संगीत का संगम इस आयोजन को खास बना गया।


🔴 समाज के गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी

इस भव्य आयोजन में संत शिरोमणि रविदास महासभा के अध्यक्ष राजकुमार सिद्धार्थ, महासचिव दीपचंद उर्फ माटू, संरक्षक रजनीश गौतम, मीडिया प्रभारी विजय कैमरिक, उपाध्यक्ष नीरज कुमार छपारिया, अश्वनी क्ल्याणी, रामनिवास (रप्पू), मास्टर सोमदत्त, सतीश डेंटर, जितेंद्र धीरयान, किरणपाल उर्फ भूरा, संजय जानिया, डॉ. मुकेश गौतम, कुलदीप कुमार एडवोकेट, अमित गौतम, सुंदरलाल, राजपाल, भूषण लाल, दीपक, सुमित, रोहित, अंकित सागर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजसेवी और गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

नगर के अलग-अलग मोहल्लों—खादरवाला, आर्यपुरी, गढ़ी, केशवपुरी, कृष्णापुरी, धर्मपुरी, सुजडू, उत्तरी सिविल लाइन—से लोग शोभायात्रा में शामिल होकर सामाजिक एकता का परिचय देते नजर आए।


🔴 राजनीतिक दलों की सहभागिता

संत रविदास जयंती के अवसर पर शहर में विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। भाजपा, सपा और रालोद सहित अन्य दलों ने अपने-अपने कार्यालयों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम और गोष्ठियों का आयोजन किया।

इससे यह संदेश गया कि संत रविदास महाराज का व्यक्तित्व और विचारधारा राजनीति से ऊपर उठकर समाज को जोड़ने का काम करती है।


🔴 प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था

शोभायात्रा के दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय रखा गया।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े आयोजन के बावजूद माहौल शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रहा।


🔴 संत रविदास जी का संदेश आज भी प्रासंगिक

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि संत रविदास जी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना उनके समय में था। सामाजिक समानता, मानवता, भाईचारा और ईश्वर के प्रति प्रेम—ये मूल्य हर युग में समाज की जरूरत बने रहते हैं।

कई युवाओं ने कहा कि इस तरह के आयोजन उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं और समाज के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराते हैं।


🔴 श्रद्धा और उत्सव का संगम

पूरा दिन शहर में उत्सव का माहौल बना रहा। शाम होते-होते शोभायात्रा के समापन पर लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और संत रविदास महाराज के संदेशों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।


मुजफ्फरनगर की सड़कों पर निकली यह शोभायात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक चेतना का प्रतीक बन गई। संत रविदास महाराज की शिक्षाओं ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि प्रेम, समानता और मानवता ही वह रास्ता है, जो हर समुदाय और हर पीढ़ी को एक सूत्र में बांध सकता है।



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