Muzaffarnagar Road Safety Month 2026 के अंतर्गत जिले में यातायात सुरक्षा को लेकर एक व्यापक और प्रभावशाली अभियान देखने को मिला, जब थानाक्षेत्र मंसूरपुर स्थित शुगर मिल परिसर में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि आमजन के भीतर जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को मजबूत करना था, ताकि सड़कें सुरक्षित बनें और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
🔴 पुलिस नेतृत्व में जागरूकता की मजबूत पहल
इस कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चैबे के पर्यवेक्षण में किया गया। क्षेत्राधिकारी खतौली राम आशीष यादव ने स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्यक्रम का नेतृत्व किया और शुगर मिल के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा उपस्थित वाहन चालकों से सीधा संवाद किया।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। जब तक हर व्यक्ति नियमों को अपने जीवन का हिस्सा नहीं बनाएगा, तब तक दुर्घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाना संभव नहीं है।
🔴 सड़क दुर्घटनाओं के कारण और दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर विस्तार से जानकारी दी गई। तेज रफ्तार, लापरवाही, नशे की हालत में वाहन चलाना, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए ड्राइविंग करना और सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी—इन सभी को दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बताया गया।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी समझाया कि एक छोटी सी लापरवाही कैसे पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल सकती है। उन्होंने वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि सड़क हादसों के दुष्परिणाम केवल घायल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उसके परिवार और समाज पर भी गहरा असर डालते हैं।
🔴 हेलमेट और सीट बेल्ट पर विशेष जोर
Muzaffarnagar Road Safety Month 2026 के इस कार्यक्रम में हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग पर खास ध्यान दिया गया। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने की आवश्यकता को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए समझाया गया।
क्षेत्राधिकारी राम आशीष यादव ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल कानूनी औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि ये जीवन रक्षक उपकरण हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं भी इन नियमों का पालन करें और अपने दोस्तों व परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
🔴 शपथ के साथ जिम्मेदारी का संकल्प
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण क्षण तब आया, जब उपस्थित सभी लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई। शपथ के दौरान लोगों ने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं नियमों का पालन करेंगे, बल्कि दूसरों को भी जागरूक करेंगे।
यह सामूहिक संकल्प इस बात का प्रतीक बना कि समाज अब सड़क सुरक्षा को एक आंदोलन के रूप में अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
🔴 हेलमेट वितरण और पंपलेट के जरिए संदेश
मंसूरपुर कस्बा क्षेत्र में इस अवसर पर आमजन को हेलमेट भी वितरित किए गए। दोपहिया वाहन चालकों को सुरक्षा उपकरणों के प्रयोग के प्रति प्रेरित किया गया और उन्हें बताया गया कि हेलमेट पहनने से सिर पर गंभीर चोटों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
इसके साथ ही यातायात पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा से संबंधित पंपलेट और जागरूकता संदेश भी वितरित किए गए, जिनमें यातायात संकेतों, गति सीमा, सुरक्षित ड्राइविंग टिप्स और आपातकालीन संपर्क नंबरों की जानकारी दी गई।
🔴 शुगर मिल परिसर बना जागरूकता का केंद्र
शुगर मिल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा केवल शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मिल में काम करने वाले कर्मचारियों और आसपास के गांवों से आए वाहन चालकों ने इस पहल को सराहा और कहा कि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से होने चाहिए।
🔴 जनपद को दुर्घटनामुक्त बनाने का लक्ष्य
पुलिस विभाग ने आमजन से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। अधिकारियों का कहना है कि यदि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो जनपद को सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त बनाना कोई कठिन लक्ष्य नहीं है।
🔴 युवाओं और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में युवाओं और शुगर मिल कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कई लोगों ने सवाल पूछे और अपनी समस्याएं साझा कीं, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। यह संवाद इस बात का संकेत था कि लोग अब सड़क सुरक्षा को लेकर पहले से अधिक सजग हो रहे हैं।
मंसूरपुर शुगर मिल परिसर में आयोजित यह जागरूकता अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का संदेश बनकर उभरा। मुजफ्फरनगर में सड़क सुरक्षा माह-2026 के तहत उठाया गया यह कदम समाज को यह याद दिलाता है कि हर नियम के पीछे एक जीवन की कहानी छिपी होती है। यदि नागरिक, प्रशासन और पुलिस मिलकर इस जिम्मेदारी को निभाएं, तो सड़कें न केवल सुरक्षित होंगी, बल्कि हर सफर भरोसे और सुकून के साथ तय किया जा सकेगा।
