Muzaffarnagar में सपा नेता एवं समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल द्वारा लिया गया एक वर्ष का संकल्प औपचारिक रूप से पूर्ण हुआ। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी कार्यालय, मुजफ्फरनगर में भव्य महापुरुष सम्मान विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें जिले भर से बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।


🔴 शाहपुर से साइकिल यात्रा: विचारों की यात्रा, संकल्प का संदेश

सपा नेता सत्येंद्र पाल ने अपने संबोधन में बताया कि उन्होंने वर्ष 2025 की शुरुआत में यह प्रण लिया था कि देश में सौहार्द, भाईचारा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएंगे। इसी उद्देश्य के साथ वे प्रत्येक महापुरुष की जयंती एवं पुण्यतिथि पर अपने निवास शाहपुर से साइकिल द्वारा समाजवादी पार्टी कार्यालय, मुजफ्फरनगर तक पहुंचे और महापुरुषों की तस्वीर को हृदय से लगाकर श्रद्धापूर्वक नमन करते रहे।

उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल साइकिल की नहीं थी, बल्कि विचारों, संघर्ष और सामाजिक चेतना की यात्रा थी, जो संविधान और लोकतंत्र को मजबूत करने के संकल्प से जुड़ी रही।


🔴 पीडीए समाज के अधिकारों की लड़ाई का आह्वान

Muzaffarnagar Samajwadi Party news के इस कार्यक्रम में सत्येंद्र पाल ने प्रदेश की राजनीति पर भी खुलकर बात रखी। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज के संवैधानिक अधिकार, आरक्षण और हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए समाजवादी पार्टी लगातार संघर्ष कर रही है। महापुरुषों के विचारों को प्रेरणा मानते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज पीडीए समाज की सबसे बुलंद आवाज बनकर सामने आए हैं।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का संकल्प पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए केवल राजनीतिक लक्ष्य नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है।


🔴 जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी का संबोधन: संघर्ष ही पहचान

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष ज़िया चौधरी एडवोकेट ने सत्येंद्र पाल को उनके एक वर्ष के कठिन संकल्प की बधाई दी। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करना समाजवादी पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता की पहचान है। ऐसे संकल्प पार्टी की विचारधारा को मजबूत करते हैं और समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।


🔴 योगी सरकार पर तीखा हमला, कानून व्यवस्था पर सवाल

पूर्व सांसद कादिर राणा, सपा राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा, प्रदेश सचिव चौधरी इलम सिंह गुर्जर एवं पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने कहा कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और मौजूदा सरकार इसमें पूरी तरह विफल साबित हुई है।

उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे महापुरुषों द्वारा दिए गए सौहार्द और भाईचारे के संदेश को अपनाकर समाज में शांति और एकता का वातावरण तैयार करें।


🔴 महापुरुषों को नमन, विचारों को अपनाने का संकल्प

महापुरुष सम्मान विचार संगोष्ठी में समाजवादी विचारधारा के स्तंभों सहित देश के अनेक युगपुरुषों की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इनमें जनेश्वर मिश्र, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, कर्पूरी ठाकुर, भगवान रविदास, मान्यवर कांशीराम, डॉ. राम मनोहर लोहिया, महर्षि कश्यप, निषादराज, सम्राट अशोक, महात्मा ज्योतिबा फुले, बी.पी. मंडल, डॉ. भीमराव अंबेडकर, भगवान बुद्ध, अहिल्याबाई होलकर, महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, महर्षि वाल्मीकि, नेताजी मुलायम सिंह यादव, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, चौधरी चरण सिंह, लोकबंधु राज नारायण, चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह, महारानी लक्ष्मीबाई, महाराजा बिजली पासी एवं छत्रपति शाहूजी महाराज सहित अनेक महापुरुष शामिल रहे।

उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और विचारों को आत्मसात करने का सामूहिक संकल्प लिया।


🔴 व्यापक जनभागीदारी, संगठनात्मक मजबूती का प्रदर्शन

Muzaffarnagar Samajwadi Party news के इस आयोजन में सपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी जसवीर वाल्मीकि, पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप, प्रदेश सचिव विनय पाल, पूर्व जिलाध्यक्ष सतेंद्र सैनी, महिला सभा प्रदेश सचिव अनिता कश्यप सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, सभासद, महिला नेता और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन सपा नेता साजिद हसन द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित और विचारोत्तेजक बनाए रखा।


मुजफ्फरनगर में आयोजित यह महापुरुष सम्मान विचार संगोष्ठी केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि संविधान, सामाजिक न्याय और भाईचारे के विचारों को पुनः जीवंत करने का मंच बनी। सपा नेता सत्येंद्र पाल का साइकिल संकल्प आने वाले समय में समाजवादी कार्यकर्ताओं के लिए संघर्ष, प्रेरणा और वैचारिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर याद किया जाएगा।

 



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