मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर नगर पालिका परिषद में सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष और महामंत्री पद के लिए द्विवार्षिक चुनाव की प्रक्रिया को लेकर सक्रियता बढ़ गई है। इस संदर्भ में, उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के सहारनपुर मंडल प्रभारी दीपक गम्भीर ने अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन देकर चुनाव कराने की मांग की है। दीपक गम्भीर का कहना है कि चुनाव का आयोजन नवंबर महीने में होना चाहिए, ताकि संघ के सभी सदस्यों को अपनी आवाज उठाने का अवसर मिल सके।

सफाई कर्मचारियों की वेतन की समस्या

इस ज्ञापन में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया है, जो कई ठेका सफाई कर्मचारियों की चिंता का विषय बना हुआ है। दीपक गम्भीर ने कहा कि नगर पालिका में आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कुछ ठेका सफाई कर्मचारियों को पिछले तीन-चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। इसके बावजूद, ये कर्मचारी अपने-अपने वार्ड में नियमित रूप से कार्य कर रहे हैं।

अधिशासी अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और जो कर्मचारी कार्य पर हैं, उन्हें शीघ्र वेतन दिया जाएगा। यह स्पष्ट है कि कर्मचारियों के प्रति प्रशासन की जिम्मेदारी केवल वेतन देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके कल्याण और भलाई के लिए भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

वर्दी का लाभ

इसके अलावा, दीपक गम्भीर ने यह भी बताया कि संविदा सफाई कर्मचारियों को पालिका चेयरपर्सन के आदेश के अनुसार वर्दी का लाभ नवंबर में दिया जाएगा। यह कदम निश्चित रूप से कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगा और उन्हें अपने कार्य में और भी प्रेरित करेगा।

सफाई कर्मचारी संघ का चुनाव

दीपक गम्भीर ने यह भी स्पष्ट किया कि सफाई कर्मचारी संघ का चुनाव पालिका अध्यक्षा के आदेशानुसार ही कराया जाएगा। यह चुनाव न केवल कर्मचारियों की आवाज को बुलंद करेगा, बल्कि यह उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बनेगा।

इस अवसर पर दीपक गम्भीर के साथ कई ठेका कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिनमें सफाई नायक राजकुमार बैनिवाल, गोपाल सुधाकर, शिवम, अमित, विनित, पिंटू बेनीवाल, शशांक कुमार, सावन, राजन, रिंकू, करीना, सहेंदर अनीता, सुमन, रजनी, हिमांशु, राहुल आदि शामिल थे।

सफाई कर्मचारियों का योगदान

सफाई कर्मचारी समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनका काम न केवल हमारे शहरों की साफ-सफाई को बनाए रखने में मदद करता है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है। जब सफाई कर्मचारी बिना किसी ठोस नीतियों और सुविधाओं के काम करते हैं, तो यह उनके मनोबल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, यह आवश्यक है कि प्रशासन और स्थानीय सरकारें उनके अधिकारों और कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

इस चुनाव की प्रक्रिया न केवल सफाई कर्मचारियों के लिए एक अवसर है, बल्कि यह स्थानीय प्रशासन के लिए भी एक चुनौती है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी कर्मचारियों को उचित वेतन, सुविधाएं, और उनके काम का सम्मान मिले। उम्मीद की जा रही है कि इस चुनाव के माध्यम से सफाई कर्मचारी संघ को मजबूती मिलेगी और उनकी आवाज को सही मंच मिलेगा।

इस संदर्भ में, नगर पालिका और सफाई कर्मचारी संघ के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो सके और उनके काम की सराहना की जा सके।

सफाई कर्मचारियों का चुनाव सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह उनके अधिकारों की रक्षा करने और उनकी मांगों को उठाने का एक सुनहरा अवसर है।

 



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