Muzaffarnagar की गांधी कॉलोनी स्थित गांधी वाटिका के सभा कक्ष में श्रीमती शशिकांत स्मृति मंच द्वारा आयोजित सम्मान समारोह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह कॉलोनी के वर्तमान हालात, उपलब्धियों और चुनौतियों पर खुलकर संवाद का मंच बन गया।

इस अवसर पर मंच की ओर से गांधी कॉलोनी हाउसिंग सोसायटी के अध्यक्ष श्री पवन छाबड़ा का पारंपरिक रूप से शाल ओढ़ाकर, प्रशस्ति पत्र भेंट कर और सम्मान प्रतीक चिन्ह देकर भव्य स्वागत-अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवियों, कॉलोनी के वरिष्ठ नागरिकों और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।


🔴 सामाजिक सम्मान की परंपरा और मंच की भूमिका

कार्यक्रम की शुरुआत मंच के संस्थापक और मुख्य संरक्षक इंजीनियर सुभाष चंद्र (शिक्षा विभाग) के संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि शशिकांत स्मृति मंच लगातार सामाजिक प्रतिभाओं, जनसेवकों और समाज के लिए समर्पित व्यक्तित्वों को सम्मानित करता रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गांधी कॉलोनी हाउसिंग सोसायटी के अध्यक्ष पवन छाबड़ा को सम्मानित किया गया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंच का उद्देश्य केवल सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, सहभागिता और सेवा की भावना को मजबूत करना है। आने वाले समय में भी मंच ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को प्रेरणा मिल सके।


🔴 अध्यक्ष पवन छाबड़ा का संबोधन: विकास और जिम्मेदारी की बात

सम्मान प्राप्त करने के बाद अध्यक्ष पवन छाबड़ा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह उनकी अध्यक्ष के रूप में दूसरी पारी है और वह दिन-रात गांधी कॉलोनी के निवासियों के हित में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांधी कॉलोनी हाउसिंग सोसायटी उत्तर प्रदेश सरकार की देखरेख में संचालित होती है और यहां 481 परिवार निवास करते हैं।

उन्होंने विस्तार से बताया कि कॉलोनी को 9 वार्डों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक वार्ड अपने सदस्यों का चयन करता है और फिर उन्हीं प्रतिनिधियों के माध्यम से अध्यक्ष और डिप्टी चेयरमैन का चुनाव होता है। यह व्यवस्था पारदर्शिता और सहभागिता को बढ़ावा देती है।


🔴 गांधी वाटिका: सनातन परंपरा और सामुदायिक केंद्र

पवन छाबड़ा ने गांधी वाटिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्थान गांधी कॉलोनी वासियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। यहां सनातन धर्म के परिवारों को धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण में विचरण करने का अवसर मिलता है।

गांधी वाटिका को कॉलोनी का सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्र बताया गया, जहां लोग न केवल धार्मिक आयोजनों में भाग लेते हैं, बल्कि सामुदायिक बैठकों और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से आपसी संवाद भी मजबूत करते हैं।


🔴 सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी

अध्यक्ष ने बताया कि गांधी कॉलोनी में निवासियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे कॉलोनी के प्रमुख मार्गों, प्रवेश द्वारों और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी रखते हैं।

उनका कहना था कि यह व्यवस्था न केवल अपराध पर अंकुश लगाने में मदद करती है, बल्कि लोगों को सुरक्षित वातावरण का भरोसा भी देती है। कई बार कैमरों की मदद से छोटे-बड़े विवादों का समाधान भी तुरंत किया गया है।


🔴 सामाजिक सरोकार: गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग

अपने संबोधन में पवन छाबड़ा ने बताया कि गांधी कॉलोनी हाउसिंग सोसायटी केवल आवासीय सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाती है। समिति की ओर से गरीब कन्याओं के विवाह में आर्थिक और सामाजिक सहयोग प्रदान किया जाता है।

उन्होंने कहा कि यह पहल समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत करती है और जरूरतमंद परिवारों को सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर देती है।


🔴 भूमि विवाद और प्रशासनिक प्रयास

अध्यक्ष ने यह भी बताया कि गांधी कॉलोनी की अधिकांश भूमि पूरी तरह से क्लियर है। हालांकि, लगभग एक प्रतिशत भूमि एक गांव से संबंधित होने के कारण शत्रु संपत्ति के रूप में विवादित रही है। इस मामले को लेकर शासन स्तर पर प्रयास जारी हैं, ताकि जल्द से जल्द इसका समाधान हो सके।

उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासनिक सहयोग से यह मामला भी जल्द सुलझ जाएगा और कॉलोनी का विकास और तेजी से आगे बढ़ेगा।


🔴 बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या पर तीखा आरोप

कार्यक्रम के दौरान पवन छाबड़ा ने एक गंभीर मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी कॉलोनी के लोग लंबे समय से बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या से परेशान हैं। लिंक रोड के रास्ते अन्य क्षेत्रों से बंदरों को यहां छोड़ा जा रहा है, जिससे कॉलोनी में दिन-रात उत्पात मचता रहता है।

उन्होंने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसके बावजूद, सिटी बोर्ड के अधिकारी और पदाधिकारी इस समस्या पर आंख मूंदे बैठे हैं। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में तुरंत और ठोस कार्रवाई की मांग की।


🔴 समाजसेवियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति से बढ़ी गरिमा

इस अवसर पर समिति के डिप्टी चेयरमैन ओमप्रकाश, सदस्य कमल, प्रमुख समाजसेवी राजकुमार रहेजा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया।

कार्यक्रम के अंत में शशिकांत स्मृति मंच के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक अग्रवाल और उपाध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा अग्रवाल ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और मंच की भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मंच शिक्षा, सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए और भी कार्यक्रम आयोजित करेगा।


🔴 सामुदायिक एकता और नागरिक संवाद का मंच

Muzaffarnagar honor ceremony Pawan Chhabra केवल एक सम्मान समारोह नहीं रहा, बल्कि यह गांधी कॉलोनी के लोगों के लिए अपनी बात रखने और सामूहिक समाधान की दिशा में सोचने का अवसर भी बना। विकास, सुरक्षा, सामाजिक सरोकार और नागरिक समस्याओं पर खुलकर हुई चर्चा ने यह साबित किया कि ऐसे मंच केवल सम्मान देने के लिए नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने के लिए भी जरूरी हैं।


गांधी वाटिका में आयोजित यह सम्मान समारोह सामाजिक सरोकार, नागरिक जिम्मेदारी और सामुदायिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। पवन छाबड़ा के अभिनंदन के साथ उठाए गए विकास और समस्याओं के मुद्दों ने यह संदेश दिया कि सम्मान के साथ-साथ संवाद और समाधान भी उतने ही जरूरी हैं, ताकि गांधी कॉलोनी एक सुरक्षित, संगठित और समृद्ध समाज के रूप में आगे बढ़ सके।

 



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