Muzaffarnagar के रसूलपुर कैलोरा में हुए हिमांशी हत्याकांड के बारे में हाल ही में एक नया खुलासा हुआ है, जिसने सभी को चौंका दिया है। शुरुआती जांच में जहां यह माना जा रहा था कि हिमांशी की हत्या डेढ़ करोड़ रुपये के लिए की गई थी, वहीं पुलिस की तफ्तीश ने कुछ और ही कहानी पेश की है। मामा भारतवीर और ममेरे भाई मुकुल ने इस हत्याकांड के बारे में जो चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, वो किसी भी दर्शक को हैरान करने के लिए काफी हैं।

इस घिनौनी हत्या का कारण सिर्फ एक संपत्ति विवाद नहीं था, बल्कि परिवार के भीतर चल रहे गहरे मतभेदों और एक रिश्ते के विरोध ने इस घटना को अंजाम दिया। हिमांशी की हत्या से जुड़ी यह कहानी न केवल पारिवारिक तनावों की गंभीरता को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किस तरह पारिवारिक रिश्तों में तनाव, अहंकार और धन की लालच कई बार खून की लड़ाई का कारण बन जाते हैं।

हिमांशी की हत्या की सच्चाई: एक पारिवारिक विवाद की कहानी

हिमांशी, जो एक अकेली बेटी थी, अपने पिता अनिल चौधरी की मृत्यु के बाद अपनी मां कविता के साथ रहने लगी थी। मां-बेटी ने रसूलपुर कैलोरा में भारतवीर के घर पर शरण ली थी, जब उन्होंने अपनी 22 बीघा जमीन बेचकर डेढ़ करोड़ रुपये अपने भाई के पास रख दिए थे। इसी समय से पारिवारिक मतभेदों ने जन्म लिया। हिमांशी ने अपने प्रेमी विनीत से कोर्ट मैरिज की थी, और उसकी शादी की योजना को लेकर मामा और ममेरे भाई पूरी तरह से विरोध कर रहे थे। हिमांशी की मां और ताऊ के परिवार में भी तनाव था। यह सभी घटनाएँ अंत में हिमांशी की मौत की वजह बन गईं।

क्यों हुआ हिमांशी का मर्डर?

मामला धीरे-धीरे साफ हो रहा है कि हिमांशी की हत्या के पीछे एक बड़ा कारण उसका मामा और ममेरे भाई का विरोध था। हिमांशी का परिवार उसकी शादी के खिलाफ था, क्योंकि विनीत का यह दूसरी शादी था और पहले पत्नी से तलाक हो चुका था। हिमांशी के परिवार ने उसे कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन हिमांशी ने किसी की नहीं मानी। वह विनीत से शादी करने के लिए अडिग थी, और यह स्थिति धीरे-धीरे खतरनाक रूप लेती गई।

मामले की जांच में सामने आया कि 8 नवंबर की रात को, ममेरे भाई मुकुल ने हिमांशी को समझाने के लिए कमरे में बंद कर दिया था और उसे धमकाया था। इसके बाद, जब वह 9 नवंबर को गाजियाबाद जाने के लिए घर से निकली, तो विवाद बढ़ गया। इस दौरान, जब हिमांशी ने अपने गहनों और रुपये की मांग की, तो ममेरे भाई मुकुल ने उसे गोली मार दी। पहली गोली हिमांशी के कमर में लगी, और दूसरी गोली पेट में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

खुद हिमांशी ने जताया था जान का खतरा

हत्या से पहले हिमांशी ने कई बार विनीत से अपनी जान का खतरा जताया था। उसने अपनी मां और विनीत को बताया था कि उसे किसी न किसी तरीके से नुकसान पहुँचाया जा सकता है। 9 नवंबर को हिमांशी ने सुबह अपने होनेवाले पति विनीत को फोन किया था और कहा था कि उसे एक बार फिर से धमकाया गया है। इसके बाद, उसने अपना फोन बंद कर लिया, और उसके बाद उसकी हत्या हो गई।

मामा और ममेरे भाई की गिरफ्तारी और पुलिस जांच

पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब उनसे पूछताछ की, तो कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आईं। पुलिस का कहना है कि मामा भारतवीर और ममेरे भाई मुकुल दोनों ने इस हत्या को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया और जांच में यह सामने आया कि यह हत्या संपत्ति के विवाद से कहीं अधिक गहरी बात थी।

एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत के अनुसार, मामा भारतवीर और ममेरे भाई मुकुल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब तीसरे आरोपी की तलाश में जुटी हुई है, और जांच जारी है।

सम्पत्ति का विवाद और खून-खराबा

हिमांशी के पिता की मृत्यु के बाद, उसे और उसकी मां को काफी संपत्ति मिली थी, जिसमें 30 बीघा जमीन और अन्य संपत्तियां शामिल थीं। हिमांशी और उसकी मां कविता ने अपनी जमीन को बेच दिया और उस पैसे को मामा भारतवीर के पास रखा। इसके अलावा, कविता और हिमांशी ने खतौली के दयालपुरम में एक मकान भी बनवाया था। जमीन बेचने के बाद का विवाद और पारिवारिक तनाव धीरे-धीरे बढ़ने लगा, जिससे पूरी कहानी ने एक खून-खराबे की दिशा ले ली।

हिमांशी के अंतिम संस्कार की चर्चा

शनिवार सुबह हिमांशी का अंतिम संस्कार भोपा रोड स्थित श्मशान घाट में ताऊ मनोज के परिवार द्वारा किया गया। हालांकि, हिमांशी की मां कविता अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुईं। अंतिम संस्कार के समय भी, पूरा मामला चर्चा का विषय बना रहा। लोग कह रहे थे कि हिमांशी की हत्या संपत्ति और शादी के विवाद के चलते हुई है, और इसे लेकर विभिन्न तरह की बातें की जा रही थीं।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

पुलिस ने घटना स्थल से साक्ष्य एकत्र किए और विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने भी जांच की। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह साफ हो रहा है कि इस घटना में संपत्ति, शादी, और पारिवारिक समस्याओं का गहरा संबंध था। पुलिस का कहना है कि यह एक जघन्य अपराध है, जिसमें पारिवारिक रिश्तों के टूटने के कारण निर्दोष लड़की की जान गई।

यह कांड इस बात की तसदीक करता है कि पारिवारिक विवाद, धन की लालच और रिश्तों का तनाव कभी भी किसी भी हद तक जा सकता है। हिमांशी की हत्या ने समाज को एक गहरी चेतावनी दी है कि पारिवारिक मामलों को सुलझाने में संवेदनशीलता और समझदारी होनी चाहिए।



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