Muzaffarnagar में हिंदू हृदय सम्राट स्वर्गीय Balasaheb Thackeray जी की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर क्रांतिसेना कार्यालय पर एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिवसेना और क्रांतिसेना के कार्यकर्ताओं ने बालासाहेब ठाकरे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए और स्व. ठाकरे की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।

Balasaheb Thackeray का योगदान और उनका प्रभाव

स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे, जिन्होंने भारतीय राजनीति और समाज में अपनी अलग पहचान बनाई, का जीवन सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं था। वे एक समाजसुधारक, हिंदुत्व के प्रबल समर्थक, और एक दृढ़नायक थे। ठाकरे जी का जीवन देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। उनकी सोच ने न केवल महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य को प्रभावित किया।

उनके जीवन और कार्यों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान क्रांतिसेना के अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने हमेशा हिंदुत्व की मजबूती के लिए काम किया और अपने विचारों से समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया। उनका आदर्श आज भी लाखों नौजवानों को प्रेरित करता है।

हिंदुत्व की विचारधारा पर जोर

इस श्रद्धांजलि सभा में प्रमुख वक्ता ललित मोहन शर्मा ने अपने भाषण में हिंदुत्व के विचारों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने न केवल हिंदू धर्म को मजबूती प्रदान की, बल्कि उन्होंने हर भारतीय नागरिक को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उनके नेतृत्व में शिवसेना ने न केवल राजनीतिक सफलता हासिल की, बल्कि समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता भी बढ़ाई।

शर्मा ने आगे कहा कि ठाकरे जी के विचारों का प्रभाव केवल महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं था। उनके विचार पूरे उत्तर भारत में फैल गए थे, और विशेष रूप से पश्चिम उत्तर प्रदेश के युवा वर्ग में उनका बहुत बड़ा प्रभाव था। ठाकरे की पुण्यतिथि के अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो उनके योगदान को याद करने का एक और तरीका था।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

श्रद्धांजलि सभा में अनेक प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। जिला अध्यक्ष मुकेश त्यागी, जिला प्रमुख आनंद प्रकाश गोयल, शिवसेना महानगर अध्यक्ष ओंकार पंडित और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इसके अलावा, इस सभा में शालू चौधरी, पूनम अग्रवाल, संजीव वर्मा, नरेंद्र ठाकुर, अमित गुप्ता, और कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस अवसर पर सभी ने मिलकर बालासाहेब ठाकरे के जीवन और कार्यों को याद करते हुए उनके योगदान को सराहा।

युवाओं के लिए संदेश

ललित मोहन शर्मा ने विशेष रूप से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने हमेशा जनहित और समाज सेवा की दिशा में काम किया। उन्होंने हिंदू युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने समाज के लिए कुछ करने की सोचें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करें। उनके विचारों से प्रेरित होकर लाखों युवा समाज सेवा और राष्ट्रनिर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि बालासाहेब ठाकरे के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, क्योंकि उन्होंने न केवल राजनीतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए, बल्कि समाज में एक नई जागरूकता का भी निर्माण किया। ठाकरे जी के विचार और कार्य हमेशा जीवित रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे।

बाला साहेब ठाकरे की पुण्यतिथि पर भविष्य के कार्यक्रम

इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजकों ने आगे भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है, जिसमें बालासाहेब ठाकरे के विचारों को समाज में फैलाया जाए। क्रांतिसेना के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि आगामी दिनों में ठाकरे जी के योगदान को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिससे समाज में उनके विचारों का प्रभाव और भी गहरा हो सके।

Balasaheb Thackeray  की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा न केवल उनकी उपलब्धियों को याद करने का एक अवसर थी, बल्कि यह एक संकल्प का दिन भी था। यह सभा एक प्रेरणा देती है कि हमें बालासाहेब ठाकरे के विचारों को अपने जीवन में उतारते हुए समाज की सेवा और राष्ट्र के लिए कार्य करना चाहिए।

इस श्रद्धांजलि सभा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बालासाहेब ठाकरे का योगदान सिर्फ एक नेता के रूप में नहीं, बल्कि समाज सुधारक, विचारक और एक प्रेरणास्त्रोत के रूप में हमेशा जीवित रहेगा।



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