Muzaffarnagar BJP leader assault मामले में पुलिस ने जिस तेजी और सख्ती से कार्रवाई की है, उसने जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर एक स्पष्ट संदेश दिया है। थाना सिविल लाइन पुलिस ने भाजपा नेता के साथ हुई बेरहमी से मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में 24 घंटे के भीतर आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की है। इस त्वरित कार्रवाई को लेकर आमजन और राजनीतिक हलकों में पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है।


🔴 क्या है पूरा मामला, कैसे हुआ हमला

घटना 21 फरवरी की बताई जा रही है। कोतवाली नगर क्षेत्र निवासी अभिषेक गोयल ने थाना सिविल लाइन में लिखित तहरीर देकर गंभीर आरोप लगाए थे। अभिषेक गोयल अपने साथियों दीपक, सौरभ सैनी, अनुज सैनी, आशु सैनी और दो अन्य परिचितों के साथ मोहल्ला कुंदनपुरा से एक किराये की अर्टिगा कार में सवार होकर मेरठ जनपद के कस्बा लावड़ में एक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे।

विवाह स्थल पर पहुंचने के बाद कार चालक द्वारा नशीले पदार्थ का सेवन किए जाने की बात सामने आई। इस पर जब अभिषेक गोयल और उनके साथियों ने आपत्ति जताई तो कहासुनी हो गई। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया।


🔴 वसुंधरा अंडरपास के पास रची गई साजिश

Muzaffarnagar BJP leader assault मामले में आरोप है कि वापसी के दौरान कार चालक ने अपने 15 से 20 साथियों को फोन कर बुला लिया। शाम करीब 8 बजे जैसे ही अर्टिगा कार वसुंधरा अंडरपास के पास पहुंची, वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने वाहन रुकवा लिया।

आरोपियों ने गाली-गलौच शुरू कर दी और देखते ही देखते लोहे की रॉड, लाठी और डंडों से हमला कर दिया। पीड़ित अभिषेक गोयल के गले में कपड़ा और साफा डालकर जान से मारने का प्रयास भी किया गया, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।


🔴 भाजपा नेता होने से मामला और गंभीर

पुलिस जांच में सामने आया कि अभिषेक गोयल भारतीय जनता पार्टी के सोशल मीडिया सेल में नगर संयोजक के पद पर कार्यरत हैं। BJP नेता पर इस तरह के हमले से राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव और बढ़ गया।


🔴 SSP के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम

शिकायत मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। इस कार्रवाई का नेतृत्व क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के. मिश्रा और प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइन आशुतोष कुमार को सौंपा गया।

टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया वीडियो, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान कर दबिश शुरू की।


🔴 24 घंटे में 8 आरोपी गिरफ्तार, एक बाल अपचारी भी हिरासत में

Muzaffarnagar BJP leader assault केस में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा हमले में शामिल एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों में

  • अब्दुल्ला पुत्र इस्माईल निवासी जामियानगर थाना खालापार

  • सावेज त्यागी पुत्र इसरार निवासी जामियानगर खालापार

  • सुभान पुत्र नवाब अहमद निवासी अंबा विहार खालापार

  • फैज राणा पुत्र वाहब निवासी कुंगर पट्टी ईदगाह रोड सूजडू

  • अदनान पुत्र हुसैन अहमद निवासी साउथ खालापार

  • अजीम पुत्र हुसैन अहमद निवासी जामियानगर गेट

  • हैदर पुत्र मास्टर तरीकत निवासी सूजडू

  • ताबिश पुत्र इकबाल निवासी सरवट
    शामिल हैं।


🔴 हमले में प्रयुक्त वाहन भी जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो वाहनों को भी जब्त किया है। इनमें एक थार वाहन (संख्या यूके 08 बीई 4210) और एक स्विफ्ट कार (संख्या यूपी 12 एजे़ड 1010) शामिल है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों वाहनों का उपयोग हमलावरों द्वारा घटना को अंजाम देने में किया गया था।


🔴 फैज राणा का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

Muzaffarnagar BJP leader assault केस की जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी फैज राणा के खिलाफ पूर्व में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें बलवा, चोरी, शस्त्र अधिनियम और धोखाधड़ी से संबंधित मामले शामिल हैं। इस खुलासे के बाद पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।


🔴 कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक ऊधम सिंह, प्रशांत कुमार गिरि, सतेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र सिंह तथा कांस्टेबल सुधीर कुमार, अंकित कुमार, मोहित कुमार, पंकज कुमार और विवेक की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की तत्परता और समन्वय की सराहना की है।


🔴 कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश

Muzaffarnagar BJP leader assault मामले में पुलिस की इस तेज कार्रवाई से यह साफ संकेत मिला है कि जिले में कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा। राजनीतिक पहचान हो या आम नागरिक, अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

मुजफ्फरनगर में भाजपा नेता पर हुए हमले के मामले में 24 घंटे के भीतर हुई गिरफ्तारी ने पुलिस की सक्रियता और प्रतिबद्धता को उजागर किया है। सिविल लाइन पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल पीड़ित को न्याय की उम्मीद मिली है, बल्कि जिले में अपराधियों के लिए एक सख्त और स्पष्ट चेतावनी भी गई है।

 



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