मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar): इस साल के चिल्ड्रन्स डे पर जीसी पब्लिक स्कूल के छात्रों ने एक ऐसा शानदार अवसर पाया जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे। यह अवसर था राष्ट्रपति भवन में आयोजित चिल्ड्रन्स डे के एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेने का। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों ने अपनी कला का प्रदर्शित किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। बच्चों ने उन्हें अपने हाथों से बनाए ग्रीटिंग कार्ड्स भेंट किए, जिसे राष्ट्रपति ने ससम्मान स्वीकार किया। यह अनुभव बच्चों के लिए अविस्मरणीय साबित हुआ और उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया।
कार्यक्रम में छात्रों का शानदार प्रदर्शन
जीसी पब्लिक स्कूल के जूनियर विंग की हेडमिस्ट्रेस श्रीमती ममता चौहान ने बताया कि इस विशेष कार्यक्रम में कक्षा 5 की दृष्टि अग्रवाल, कक्षा 6 के अनंत वीर सिंह, कक्षा 8 की आनी अग्रवाल और ऐनी हैदर काजमी ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। बच्चों ने अपने हुनर को बेझिजक तरीके से प्रदर्शित किया और राष्ट्रपति से अपनी कला के बारे में बातचीत की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बच्चों से बातचीत करते हुए उनकी कला और आत्मविश्वास की सराहना की। साथ ही, उन्होंने उन्हें प्रेरित किया कि वे अपने हुनर और प्रतिभा को पहचानें और अपने जीवन में सफलता पाने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें।
बच्चों को मिले शुभकामनाएं और आशीर्वाद
राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान बच्चों को उनका आशीर्वाद प्राप्त हुआ, जिससे उनकी खुशी दोगुनी हो गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री आजाद वीर और डायरेक्टर श्री एमके गुप्ता ने भी राष्ट्रपति को एक सुंदर पेंटिंग भेंट की। श्रीमती ममता चौहान ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों का आत्मविश्वास और भी अधिक बढ़ता है। उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने का एक बेहतरीन मंच मिलता है।
यह कार्यक्रम न केवल बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप था कि वे इस महत्वपूर्ण स्थान पर पहुंच पाए। बच्चों ने यह साबित कर दिया कि वे न केवल पढ़ाई में बल्कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी अव्लंबनशील हैं।
कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का अभियान
राष्ट्रपति भवन में इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को प्रेरित करते हैं और उनके भीतर छुपी हुई प्रतिभाओं को बाहर लाने में मदद करते हैं। श्रीमती ममता चौहान ने कहा कि विद्यालय भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करेगा ताकि बच्चों को अपनी कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने का मौका मिलता रहे। इस तरह के आयोजनों से बच्चों को सिर्फ ज्ञान नहीं मिलता, बल्कि उनकी छिपी हुई कला और रचनात्मकता का भी प्रदर्शन होता है।
बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने वाले आयोजन
यह कार्यक्रम बच्चों के लिए एक सीखने का शानदार अवसर था। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद, बच्चों ने महसूस किया कि उनका आत्मविश्वास पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है। ऐसे आयोजनों से बच्चों को एक मंच मिलता है जहाँ वे अपने कौशल को दिखा सकते हैं और दूसरों के साथ अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। इसके अलावा, राष्ट्रपति से मिलने का अनुभव उन्हें जीवन भर याद रहेगा और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
शिक्षा का महत्व और उसका समग्र विकास
शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह बच्चों के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम है। जीसी पब्लिक स्कूल जैसी संस्थाएं बच्चों के शैक्षिक विकास के साथ-साथ उनकी कला, संस्कृति, और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी भागीदारी को बढ़ावा देती हैं। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपने कौशल के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें यह विश्वास दिलाते हैं कि वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते हैं।
बच्चों के इस अद्वितीय प्रदर्शन और राष्ट्रपति से मिलने का अवसर ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा सिर्फ पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व के सभी पहलुओं का विकास होना चाहिए। इस तरह के आयोजनों से बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, सृजनात्मकता, और कड़ी मेहनत के मूल्य को समझने का अवसर मिलता है।
भविष्य में और ऐसे आयोजनों की संभावना
आगे चलकर, जीसी पब्लिक स्कूल की योजना है कि वे बच्चों के समग्र विकास के लिए और भी ऐसे आयोजन करें। ये आयोजन बच्चों के कला और संस्कृति को सम्मान देने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को और भी मजबूत बनाएंगे। भविष्य में ऐसे आयोजनों से बच्चों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा।
आखिरकार, यह आयोजन केवल एक चिल्ड्रन्स डे के कार्यक्रम से कहीं ज्यादा था। यह बच्चों के आत्मविश्वास, उनके हुनर, और उनके लिए प्रेरणा का एक जरिया था, जिससे उन्हें अपने सपनों को हासिल करने की दिशा में एक कदम और बढ़ने का मौका मिला।
इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों को न केवल ज्ञान मिलता है, बल्कि उनका आत्म-सम्मान और कला में रुचि भी बढ़ती है। ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देना चाहिए ताकि बच्चों में छिपी हुई रचनात्मकता और प्रतिभा बाहर आ सके और वे समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम हो सकें।
