Muzaffarnagar रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में प्रशिक्षु आरक्षियों के साथ बड़े खाने का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक सामूहिक भोज नहीं था, बल्कि प्रशिक्षण, प्रेरणा और पुलिस सेवा के मूल मूल्यों को आत्मसात कराने का एक सार्थक प्रयास भी रहा।


🔶 राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ

रिजर्व पुलिस लाइन, मुजफ्फरनगर स्थित मंदिर प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को विधिवत रूप से आरंभ किया गया। पूरे परिसर में अनुशासन और गरिमा का वातावरण स्पष्ट रूप से झलक रहा था।


🔶 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, पुलिस अधीक्षक अपराध श्रीमती इन्दु सिद्धार्थ, सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा, समस्त क्षेत्राधिकारीगण तथा पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की एक मंच पर उपस्थिति ने कार्यक्रम की गंभीरता और महत्व को और अधिक बढ़ा दिया।


🔶 प्रशिक्षु आरक्षियों ने किया एसएसपी का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु आरक्षियों द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। यह क्षण प्रशिक्षुओं के मन में वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति सम्मान, विश्वास और प्रेरणा का प्रतीक बना।


🔶 देशभक्ति गीतों से गूंजा परिसर

Muzaffarnagar Reserve Police Lines में आयोजित इस कार्यक्रम को प्रशिक्षु आरक्षियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने विशेष बना दिया। गीतों की प्रस्तुति के दौरान पूरा वातावरण देशप्रेम, कर्तव्यबोध और उत्साह से ओत-प्रोत नजर आया। प्रशिक्षुओं की प्रस्तुति ने यह स्पष्ट किया कि वे न केवल शारीरिक और तकनीकी प्रशिक्षण ले रहे हैं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी पुलिस सेवा के लिए स्वयं को तैयार कर रहे हैं।


🔶 एसएसपी का संबोधन: अनुशासन और सेवा भाव पर जोर

अपने संबोधन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने प्रशिक्षु आरक्षियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि पुलिस जीवन की नींव होती है और इसका पूर्ण सदुपयोग करना प्रत्येक प्रशिक्षु का दायित्व है। उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों के पालन को पुलिस सेवा की रीढ़ बताया।

एसएसपी ने विशेष रूप से आमजन के प्रति संवेदनशील, शालीन और सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की पहचान केवल वर्दी से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, ईमानदारी और सेवा भाव से होती है।


🔶 ईमानदारी और निष्ठा को बताया सर्वोपरि

Muzaffarnagar Reserve Police Lines कार्यक्रम में एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस सेवा में ईमानदारी, निष्ठा और सेवा भाव सर्वोपरि हैं। प्रत्येक आरक्षी को चाहिए कि वह इन मूल्यों को अपने आचरण और कार्यप्रणाली में आत्मसात करे। यही मूल्य पुलिस और समाज के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी बनाते हैं।


🔶 बड़े खाने में सहभागिता ने बढ़ाया अपनापन

कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने सभी प्रशिक्षु आरक्षियों के साथ बड़े खाने में सहभागिता की। वरिष्ठ अधिकारी और प्रशिक्षु जब एक साथ पंक्ति में बैठकर भोजन करते नजर आए, तो यह दृश्य पुलिस बल के भीतर आपसी समानता, टीम भावना और सौहार्द का प्रतीक बन गया।


🔶 अनुशासित और प्रेरणादायी माहौल में संपन्न आयोजन

पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, शालीनता और सकारात्मक ऊर्जा बनी रही। Muzaffarnagar Reserve Police Lines में आयोजित यह आयोजन प्रशिक्षु आरक्षियों के लिए न केवल एक स्मरणीय अनुभव रहा, बल्कि उनके आगामी पुलिस जीवन के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना।




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