Muzaffarnagar जिले के प्रशासनिक ढांचे की रीढ़ माने जाने वाले विकास भवन में मंगलवार को उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब कर्मचारियों का सब्र जवाब दे गया। विकास भवन कर्मचारी एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि अधिकारी द्वारा एक कर्मचारी के साथ अभद्र और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है।
🔴 विकास भवन परिसर में बदला माहौल
सुबह से ही मुजफ्फरनगर स्थित विकास भवन परिसर में सामान्य दिनों से अलग माहौल नजर आया। कर्मचारी एकजुट होकर धरने पर बैठे और विभागीय कार्य संस्कृति को लेकर नाराजगी जाहिर की। नारेबाजी के बीच कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी टकराव के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन सम्मान के साथ काम करना उनका मौलिक अधिकार है।
🔴 अभद्र व्यवहार के आरोप से भड़का विवाद
कर्मचारी एसोसिएशन के अनुसार, हाल ही में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में तैनात एक कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। यह घटना सामने आते ही विभाग में असंतोष फैल गया। कर्मचारियों का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारी का ऐसा व्यवहार न केवल व्यक्तिगत अपमान है, बल्कि पूरे कार्यस्थल के वातावरण को विषाक्त करता है।
कर्मचारियों ने यह भी संकेत दिया कि यह कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि पहले भी व्यवहार को लेकर असहजता जताई जा चुकी है।
🔴 पहले शिकायत, फिर धरने का रास्ता
एसोसिएशन पदाधिकारियों का कहना है कि मामले को लेकर पहले ही उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया था। उम्मीद थी कि समय रहते समाधान निकलेगा, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कर्मचारियों को सार्वजनिक विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा। कर्मचारियों का मानना है कि यदि शुरुआती स्तर पर शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते।
🔴 निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े कर्मचारी
धरने के दौरान कर्मचारियों की प्रमुख मांग यही रही कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। कर्मचारियों ने यह भी दोहराया कि वे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि मर्यादित प्रशासनिक व्यवस्था के पक्ष में खड़े हैं।
🔴 एसोसिएशन की चेतावनी, आंदोलन बढ़ने के संकेत
विकास भवन कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल चौधरी और महामंत्री कुलवंत सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं होती, तो कर्मचारी कार्य बहिष्कार जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आंदोलन को जिला स्तर से आगे ले जाने पर भी विचार किया जा सकता है।
🔴 कामकाज पर पड़ा असर, फरियादी हुए परेशान
धरना-प्रदर्शन के चलते विकास भवन में कुछ समय के लिए प्रशासनिक कार्य प्रभावित रहा। विभिन्न विभागों में काम कराने पहुंचे लोगों को इंतजार करना पड़ा। हालांकि कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य आम जनता को परेशान करना नहीं है, बल्कि अपनी आवाज को मजबूती से प्रशासन तक पहुंचाना है।
🔴 प्रशासनिक स्तर पर मंथन तेज
धरने की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। सूत्रों के अनुसार, स्थिति को नियंत्रण में रखने और समाधान निकालने के लिए अधिकारियों के बीच संवाद जारी है। कर्मचारी संगठनों की सक्रियता को देखते हुए प्रशासन पर दबाव है कि वह जल्द ही संतुलित और ठोस निर्णय ले।
🔴 कार्यस्थल की गरिमा पर उठे सवाल
यह घटनाक्रम सरकारी कार्यालयों में कार्य संस्कृति, संवाद और आपसी सम्मान जैसे अहम मुद्दों को फिर से केंद्र में ले आया है। कर्मचारियों का मानना है कि यदि कार्यस्थल पर ही सम्मान सुरक्षित नहीं रहेगा, तो प्रशासनिक कार्यकुशलता भी प्रभावित होगी। यही वजह है कि यह विरोध केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम से जुड़ा सवाल बन गया है।
मुजफ्फरनगर के विकास भवन में उठा यह विरोध का स्वर आने वाले दिनों में प्रशासनिक फैसलों की दिशा तय कर सकता है। कर्मचारियों की मांग साफ है—सम्मान, संवाद और न्याय। अब नजर इस पर टिकी है कि प्रशासन इस असंतोष को केवल एक घटना मानता है या कार्य संस्कृति सुधारने के अवसर के रूप में लेता है।
